छत्तीसगढ़
CG: पहली बार बुर्कानशीं मतदाताओं के लिए महिला पुलिस की तैनाती

रायपुर: बीरगांव नगर निगम चुनाव में निर्वाचन कार्यालय ने नई व्यवस्था प्रभावी की है। रायपुर निर्वाचन कार्यालय ने बीरगांव में सभी मतदान केंद्रों में पृथक से महिला अधिकारियों की तैनाती की है। प्रत्येक मतदान केंद्र में पृथक से सहायता केंद्र बनाए गए हैं। बुर्का पहनकर मतदान करने आने वाली किसी महिला की पहचान में यदि आपत्ति जताई जाएगी तो महिला अधिकारी जांच करेंगी। भाजपा की ओर से यह लिखित मांग की गई थी कि ऐसी किसी भी महिलाओं की पहचान की सुनिश्चित जांच हो जो कि चेहरा ढांके हुए हों या बुर्कानशीं ही क्यों ना हों। उप निर्वाचन अधिकारी उमेश अग्रवाल ने बताया कि बीरगांव में प्रत्येक मतदान केंद्र में पृथक से सहायता केंद्र बनाए गए हैं। इनमें महिलाओं की ड्यूटी लगाई जा रही है। बीरगांव में कुल 95 मतदान केंद्र है।
पहली बार ऐसी व्यवस्था
निर्वाचन के नियमों की कंडिका 17 के सहपठित क्रमांक पांच के 1 में यह उल्लेख है कि मतदान अभिकर्ता पीठासीन अधिकारी के पीछे बैठेंगे। जहां से वे यह देख सकें कि जो व्यक्ति मतदान करने आया है, उसे मतदान अनुज्ञा के पूर्व चेहरे से पहचान सकें। वहीं भाजपा द्वारा बुरखा पहने मतदाओं को मतदान केंद्र ना आने देने के ऊपर आयोग का कहना है कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है, बुरखा पहन के या मास्क लगा के आने से किसी को भी मनाही नहीं है, पहचान के लिए पृथक से महिला पुलिस की ड्यूटी लगाईं जाएगी, मास्क एवं बुरखा हटा के महिलाओं की पहचान करने के लिए महिला अधिकारी की नियुक्ति किए जाने का प्रदेश का यह पहला मामला है।
सुबह से डटे रहेंगे कार्यकर्ता
चुनाव प्रभारी अजय चंद्राकर का कहना है, गाजीनगर के बूथ पर फर्जी मतदान की संभावना है। हमने तो इसकी शिकायत भी की, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जांच में क्या किया गया, यह तक नहीं बताया गया है। हमने निर्वाचन आयोग से बुर्के के बिना ही मतदान कराने की भी मांग की है। श्री चंद्राकर ने कहा, वे खुद और नारायण सिंह चंदेल सुबह 8 बजे से लेकर शाम तो पांच तक मतदान केंद्र पर रहेंगे। किसी भी हाल में किसी को फर्जी मतदान करने नहीं दिया जाएगा।
बीरगांव चुनाव में वार्ड नंबर 28 मौ. अब्दुल रउफ वार्ड के गाजीनगर के रायपुर पब्लिक स्कूल बूथ में भाजपा के चुनाव प्रभारी अजय चंद्राकर खुद ही मोर्चा संभालेंगे। उनका कहना है, किसी भी हाल में फर्जी मतदान होने नहीं देंगे। एक भी फर्जी मतदाता पकड़ा गया, तो मतदान रूकवाने का प्रयास होगा। साथ में सहचुनाव प्रभारी विधायक नारायण सिंह चंदेल भी रहेंगे। इसी के साथ भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की हर वार्ड के हर बूथ पर भी नजर रहेगी। बुर्के पहनकर मतदान के लिए आने वाली महिलाओं को लेकर भी आपत्ति की जाएगी। बीरगांव चुनाव में सोमवार को मतदान होना है। इसके लिए भाजपा ने अपनी पूरी तैयारी की है। भाजपा की नजर गाजीपुर के मतदान केंद्र पर ज्यादा है। इस मतदान केंद्र को लेकर भाजपा ने राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत की थी कि यहां के एक ही मकान में 240 से ज्यादा मतदाताओं के पते हैं।
इसी के साथ तीन मकानों के पते पर ही पांच सौ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हैं। इस शिकायत पर जांच भी करवाई गई, लेकिन जांच में क्या मिला, इसका खुलासा अब तक राज्य निर्वाचन आयोग ने नहीं किया गया है। ऐसे में भाजपा ने इस बूथ को लेकर अपनी अलग रणनीति बनाई है।
7 लाख मतदाता करेंगे मतदान
आम चुनाव एवं उपचुनाव के तहत नगरीय निकायों के 385 वार्डों में 1,035 मतदान केन्द्रों में वोट डाले जायेंगे। नगर पालिकाओं के आम निर्वाचन में 3 लाख 87 हजार 530 पुरूष मतदाता, 3 लाख 90 हजार 843 महिला मतदाता, 47 अन्य मतदाता, कुल 7 लाख 78 हजार 420 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। उप निर्वाचन में 12 हजार 689 पुरूष मतदाता, 13 हजार 75 महिला मतदाता, 3 अन्य मतदाता, कुल 25 हजार 767 मतदाता निर्वाचन में हिस्सा लेंगे। आयोग की ओर से मतदाताओं के फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार कराया गया है। मतदान के लिए आम निर्वाचन के लिए कुल मतदान केन्द्र 1,000 तथा उप निर्वाचन के लिए कुल 35 मतदान केन्द्र निर्धारित किए गए हैं।
चुनाव के लिए थमा प्रचार, अंतिम दिन दलों ने झोंकी ताकत
प्रदेश के दस जिलों के 15 नगरीय निकायों में हो रहे आम चुनाव और उपचुनाव के लिए प्रचार मतदान के 24 घंटे पूर्व शनिवार देर शाम थम गया। अब प्रत्याशी कल घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने नगर निगम भिलाई नगर और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अपने प्रभार वाले निकायों में चुनावी सभा को संबोधित कर रोड़ शो किया। चुनाव के अंतिम दिन कांग्रेस और भाजपा के बीच जमकर आरोप प्रत्यारोप देखने मिला। दोनों राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव में जीत दिलाने की दिशा में शीर्ष नेताओं ने अपनी ऊर्जा झोंक दी। नगरीय निकाय चुनाव में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन दोनों ही पार्टियों के लिए दमखम दिखाने का आखिरी दिन और मौका था। दोनों ही दल के नेता जनता के बीच जाकर अपने-अपने पक्ष में वोट करने की अपील करते नजर आए। 15 नगरीय निकायों में 20 दिसंबर को छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव के लिए सुबह 8 से शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे। प्रचार समाप्त होने के बाद निर्वाचन आयोग कल देर शाम सभी मतदान केंद्रों में मत पेटी और बैलेट पेपर के साथ कर्मचारियों को रवाना करेगा। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मतदाताओं को कतार में लगकर मतदान करना पड़ेगा। आयोग ने निर्वाचन अधिकारियों को इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। जिन नगर निगमों में आम चुनाव हो रहा है, वहां पर विशेष व्यवस्था की गई है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है




















