छत्तीसगढ़
सीएम भूपेश ने नवागढ़ को दी 1 करोड़ रुपए की सौगात

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बेमेतरा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय नवागढ़ में आयोजित चार दिवसीय राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक महोत्सव एवं जयंती समारोह एवं ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत नवागढ़ को नगर पालिका का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होने नवागढ़ अस्पताल का 50 बिस्तर अस्पताल के रूप में उन्नयन करने, संबलपुर में पुलिस चैकी एवं नवागढ़ के जोड़ा जैतखाम को विकसित करने एक करोड़ रुपए की स्वीकृति की घोषणा मुख्य मंच से की। समारोह में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चैबे, स्थानीय विधायक एवं संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे, विधायक बेमेतरा आशीष कुमार छाबड़ा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने सत के मार्ग पर चलते हुए समाज के अंधकार को दूर करने का प्रयास किया है। छत्तीसगढ़ की धरती में गुरु बाबा अवतरित हुए और छत्तीसगढ़ी बोली में जन-जन तक अपना संदेश पहुंचाया। समानता, समाजिक समरसता का संदेश देकर बाबा ने मानव समाज को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया। बाबा ने सूत्र वाक्य दिया मनखे-मनखे एक समान, मानव-मानव में कोई भेदभाव नहीं है, सब समान हैं। इसके अलावा उन्होंने सत्य ही ईश्वर है और ईश्वर ही सत्य है का संदेश दिये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बाबा गुरु घासीदास एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चल रही है और प्रदेश के सभी वर्गों की भलाई के लिए कार्य करते हुए जनता की सेवा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाजिक समरसता छत्तीसगढ़ की पहचान है, छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, प्रदेश में वैमनस्यता एवं अशांति फैलाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि तत्कालीन समाज में व्याप्त अंधकार एवं बुराईयों को दूर करने अनेक संत महात्माओं ने जन्म लिया इनमे गुरु नानकदेव, संत कबीर, महावीर स्वामी एवं बाबा गुरु घासीदास जैसे अनेक संतों ने समाज को एक नई राह दिखाई और पूरी मानवता की भलाई के लिए कार्य किया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में भी प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न वर्गों के लिए संचालित योजनाओं को जारी रखा गया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना अन्तर्गत किसानों के बैंक खाते में राशि अंतरित की गई। इसके अलावा भूमिहीन लोगों को सालाना 6000 रुपए की राशि देने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना प्रारंभ की जा रही है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को नये साल की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती में परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास का अवतरण हुआ, जिन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, भेद-भाव, असमानता को दूर करने का प्रयास किया। बाबा ने जीवन भर तपस्या कर पूरी मानवता को एकता, प्रेम, भाईचारे का संदेश दिया। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018 में 17 दिसम्बर को शपथ ग्रहण कर बाबा की जयंती 18 दिसम्बर से कार्य करना शुरु किया। सबसे पहले किसानों का कर्ज माफी शपथ ग्रहण के दिन दो घण्टे के भीतर ही कार्यवाही पूरी की। प्रदेश सरकार बाबा के बताये मार्ग पर लोगों की सेवा कर रही है। गृहमंत्री ने आम नागरिकों को नये साल की शुभकामनाएं दी।
कृषि मंत्री चैबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने तीन वर्ष के भीतर आम लोगों की भलाई के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाकर लोगों के जीवन में खुशहाली लाने का कार्य किया है। बाबा के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ देश का सबसे समृद्ध एवं खुशहाल राज्य बनेगा। किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के साथ अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। सरकार द्वारा किसानों का कर्जा माफी की कार्यवाही की गई। बाबा ने समाजिक समरसता, प्रेम, भाईचारे का संदेश दिया। कृषि मंत्री ने लोगों को एक जनवरी नया साल की बधाई दी। स्थानीय विधायक एवं संसदीय सचिव गुरुदयाल बन्जारे एवं बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। समारोह में मुख्यमंत्री ने ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता के विजेता पंथी दल को पुरस्कार वितरित किए। प्रथम पुरस्कार एक लाख 51 हजार, द्वितीय पुरस्कार एक लाख एक हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 75 हजार रुपए एवं स्पर्धा में शामिल पंथी नृत्य दलों को 3100 रुपए सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर बेमेतरा विलास भोसकर संदीपान, एसपी धर्मेन्द्र सिंह सहित ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















