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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में प्रत्येक रविवार को अनिवार्य सेवाएं छोड़कर संपूर्ण लॉकडाउन, होटल-रेस्टारेंट में आउटसाइड डाईनिंग की मिली अनुमति, कलेक्टर ने जारी की गाइडलाइन

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बिलासपुर| कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिले में कोविड संक्रमण के चलते विभिन्न गतिविधियों में प्रतिबंध हेतु समय-समय पर आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों को अधिक्रमित कर नया आदेश जारी किया गया है।कलेक्टर द्वारा जारी आदेशानुसार निम्नलिखित गतिविधियां आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी- सभी स्विमिंग पूल, सिनेमा हाॅल, थियेटर, मल्टीप्लेक्स, वाटर पार्क तथा सामूहिक भीड़-भाड़ वाले स्थल आम जनता हेतु पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। स्कूल एवं काॅलेज विद्यार्थियों हेतु बंद रहेंगे। छात्रावास में केवल परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को आवास की अनुमति होगी। शासन से अनुमति प्राप्त समस्त परीक्षाओं को छोड़कर कोचिंग क्लासेस एवं अन्य समस्त शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी। सभी प्रकार की सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन, सामाजिक, राजनैतिक, खेल सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। चैपाटी जैसे स्थल नहीं खुलेंगे।


प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की स्थायी एवं अस्थायी दुकानें, शाॅपिंग माॅल, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, सुपर मार्केट, सुपर बाजार, फल एवं सब्जी मण्डी बाजार, अनाज मण्डी, शो-रूम, क्लब, मदिरा दुकानें, ठेला, सैलून, ब्यूटी पार्लर, स्पा, पार्क व जिम इत्यादि रविवार को छोड़कर अन्य दिवस में उनके प्रचलित समय से शाम 6 बजे तक खोले जा सकेंगे।
होटल, रेस्टोरेंट, क्लब एवं बार रात्रि 10 बजे तक खुल सकेंगे। आउटसाइड डाईनिंग की भी अनुमति होगी किन्तु डाइनिंग हाॅल या रूम में उनकी बैठक क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक व्यक्तियों को अनुमति नहीं होगी। होटल, रेस्टोरेण्ट्स आॅनलाईन या टेलीफोनिक आर्डर पर होम डिलिवरी तथा टेक-अवे को प्राथमिकता देंगे। क्लब-रेस्टोरेण्ट्स, होटल एवं रेस्टोरेण्ट्स से डिलिवरी का समय पूर्ववत 9 बजे तक तथा आम जनता के निवास तक होम डिलिवरी का अधिकतम समय रात्रि 10 बजे तक ही रहेगा।

होटलों में इन-हाउस अतिथियांे के लिए होटल किचन के रेस्टोरेण्ट्स के उपयोग की अनुमति रहेगी।वैवाहिक कार्यक्रम निवास गृह, होटल अथवा मैरिज हाॅल में कोविड 19 प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन की शर्त पर आयोजित करने की अनुमति होगी। आयेाजन में शामिल होने वाले व्यक्तियों की कुल अधिकतम संख्या 50 रहेगी। इसी प्रकार अंत्येष्टि, दशगात्र में इत्यादि मृत्यु संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की कुल अधिकतम संख्या 20 रहेगी। होटल एवं मैरिज हाॅल में किसी एक आयोजन के दौरान सभी पक्षों को मिलाकर मैरिज हाॅल की क्षमता के 50 प्रतिशत सीमा के अधीन अधिकतम 50 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे। जिनकी सूची मैरिज हाॅल के संचालकों द्वारा संधारित की जाएगी। आयोजन के दौरान मास्क धारण करना तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा।

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जिले के अंतर्गत सभी कार्यालय पूर्ववत खुलेंगे। शासकीय कार्यालय प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के सभी अधिकारियों की नियमित उपस्थिति तथा अधीनस्थ कर्मचारियांे की कार्यालय प्रमुख द्वारा निर्धारित 50 प्रतिशत रोटेशन के साथ कार्यालयीन एवं आम जनता विषयक अति-आवश्यक प्रयोजन हेतु खोले जाएंगे, किन्तु सामान्यतः आम जनता हेतु बंद रहेंगे। उप पंजीयक कार्यालय आवश्यक स्टाफ सहित पूर्ववत टोकन एवं आॅनलाईन सिस्टम के साथ संचालित होंगे। टेलीकाॅम, पोस्टल, रेलवे एवं एयरपोर्ट संचालन व रख रखाव से जुड़े कार्यालय के संचालन की अनुमति पूर्ववत होगी।

सभी अस्पताल, मेडिकल दुकानें, क्लिनिक एवं पशु चिकित्सालय को उनके निर्धारित समय में संचालन की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों के दवाओं की होम डिलिवरी को प्राथमिकता देंगे। पेट्रोल पम्प, गैस एजेंसी एवं मेडिकल दुकानें पूर्ण समयावधि तक खुल सकेंगे किन्तु गैस एजेंसियां टेलीफोनिक या आॅनलाईन आर्डर के माध्यम से ग्राहकों को गैस सिलेण्डरों की होम डिलिवरी को प्राथमिकता देंगी।शासकीय उचित मूल्य दुकानों को खाद्य नियंत्रक बिलासपुर द्वारा निर्धारित समयावधि मंे मास्क, फिजिकल डिस्टेंसिंग, नियमित सैनेटाईजेशन एवं भीड़-भाड़ नहीं होने देने की शर्त का कड़ाई से पालन कराने के अधीन टोकन व्यवस्था के साथ खोलने की अनुमति होगी। सभी संचालित दुकानों एवं स्थापनाओं में निःशुल्क वितरण या विक्रय हेतु मास्क रखना तथा दुकान में कार्यरत कर्मचारियों एवं ग्राहकों के उपयोग हेतु सैनेटाइजन रखना अनिवार्य होगा।

होम डिलिवरी व्यवस्था में संलग्न सभी व्यक्तियों को नियमित अंतराल मे कोविड-19 जांच कराना आवश्यक होगा साथ ही होम डिलिवरी के दौरान मास्क धारण करना एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। प्रतिदिन शाम 6 बजे से प्रातः 6 बजे तक रात्रिकालीन लाॅकडाउन लागू रहेगा, जिसके दौरान पेट्रोल पम्प, मेडिकल दुकानें, होटल, रेस्टोरेण्ट्स से होम डिलिवरी तथा थोक माल, वेयरहाउस, कार्गाे, फल, सब्जी की लोडिंग-अनलोडिंग की अनुमति निर्धारित समयावधि में रहेगी। आपातकालीन आवागमन को छोड़कर अन्य समस्त गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।

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प्रत्येक रविवार को सम्पूर्ण व्यावसायिक गतिविधियां बंद रहेंगी। इस दौरान केवल अस्पताल, क्लिनिक, मेडिकल दुकान, पशु चिकित्सालय, पेट्रोल पम्प तथा गैस एजेंसियां, पीडीएस एवं उपरोक्तानुसार अपने निर्धारित समयावधि में दुग्ध वितरण, न्यूज पेपर, होटलों एवं रेस्टोरेण्ट्स से होम डिलिवरी की अनुमति होगी। आपात स्थिति में यात्रा के दौरान 04 पहिया वाहनों में ड्राईवर सहित अधिकतम 04, आॅटो में ड्राईवर सहित अधिकतम 03 एवं दो पहिया वाहन में अधिकतम 02 व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति होगी। आम जनता को निर्देशित किया जाता है कि वे अति-आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें एवं निकलते समय अनिवार्य रूप से मास्क धारण करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में दोहरे मास्क का उपयोग करना अपेक्षित है।


मास्क तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा। किसी दुकान, माॅल, हाॅल में फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने एवं भीड़-भाड़ एकत्रित करने या जारी निर्देशों को उल्लंघन करने पर नियमानुसार अर्थदण्ड अधिरोपित करने एवं 30 दिवस हेतु दुकान, माॅल, हाल सील करने की कार्यवाही की जाएगी।

यह आदेश कार्यालय संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, तहसील, अस्पताल, थाना एवं पुलिस चैकी पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित अधिकारी, विद्युत, पेयजल आपूर्ति एवं नगर पालिका सेवाएं जिसमें सफाई, सीवरेज एवं कचरे का डिस्पोजल इत्यादि भी शामिल है तथा अग्निशमन सेवाओं के संचालन हेतु संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालय संचालन एवं आवागमन की अनुमति होगी किन्तु इन शासकीय कार्यालयों में अति आवश्यक कार्याें को छोड़कर उपरोक्त अवधि में आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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