Connect with us

छत्तीसगढ़

मानसून आने से पहले निगम ने शुरू की नालों की सफाई, महापौर रामशरण यादव ने नाली- नाले में हो रही सफाई का किया निरीक्षण

Published

on

बिलासपुर। मानसून आने में महज कुछ सप्ताह ही शेष है। निगम अमला कोरोना से निपटने के बाद अब शहर के नालों की सफाई शुरू करवा दिया है। बिलासपुर नगर निगम द्वारा शहर के 98 नाली- नाला, की सफाई शुरू करवा दी है। नगर निगम द्वारा नालों की सफाई पोकलेन के माध्यम से कराया जा रहा है। महापौर रामशरण यादव ने गुरुवार को शहर में चल रहे सफाई कार्य का निरीक्षण किया है। वार्ड क्रमांक 44 शंकरनगर बंधवापारा तालाब के सामने, वार्ड क्रमांक 41 धानमंडी तोरवा, वार्ड क्रमांक 50 मेन रोड़ राधिका विहार फेस 1 के सामने नाला सफाई कराया जा रहा है। मेयर यादव ने बताया कि समय रहते नालों की सफाई नहीं हो पाई तो शहर के लोगो को जलभराव की समस्या को झेलना पड़ता है। ऐसे में बारिश से पहले ही नाली- नालों की सफाई शुरू कर दी गई है, जल्द ही सभी नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें   Mumbai Breaking: तेज बारिश से ढही इमारत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी


नगर निगम के सभी जोन की नाली-नालो की पोकलेन मशीन से सफाई की जा रही है।दरअसल, महापौर रामशरण यादव ने कुछ दिनों पहले बैठक लेकर नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी, सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों, सभी जोन स्वच्छता निरीक्षकों को मानसून की बारिश प्रारम्भ होने के पूर्व नगर निगम बिलासपुर क्षेत्र के सभी छोटे – बड़े नाली- नालों की अभियानपूर्वक विशेष सफाई करवाकर गंदे पानी की निकासी का प्रबंधन समुचित रूप से प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिया था। महापौर के निर्देश के बाद सभी जोन में निगम स्वास्थ्य विभाग द्वारा नाली- नाला की पोकलेन मशीन की सहायता से विशेष सफाई करवाने अभियान शुरू कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में अब तक 409.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

. गुरुवार को महापौर रामशरण यादव वार्डो में चल रहे नाली- नाला सफाई अभियान की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया एवं तेजी के साथ सफाई करवाकर शीघ्र सम्पूर्ण नाली क्षेत्र की विशेष सफाई मुहानों को खोलकर एवं गन्दगी मलबा निकालकर गन्दे पानी की निकासी की व्यवस्था मानसून की पहली बारिश होने के पूर्व हर हाल में सुनिश्चित करवाने के स्थल पर निर्देश दिए। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के चेयरमैन राजेश शुक्ला, कार्यपालन अभियंता पी.के पंचायती, अभियंता एसके माणिक, अभियंता राजकुमार मिश्रा, जोन कमिश्नर प्रवीण शर्मा, खेलकुमार पटेल, प्रवीण शुक्ला, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी संदीप चौधरी, प्रेम शंकर राठौर, राहुल यादव, भरत जुरयानी आदि मौजूद थे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   रायपुर जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय की संविदा भर्ती की चयन सूची एवं नियुक्ति आदेश जारी

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   रायपुर की कमान थामते ही SP प्रशांत कुमार अग्रवाल ने ली अधिकारियों की बैठक

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   रामलला दर्शन के लिए 850 श्रद्धालु अयोध्या रवाना, काशी विश्वनाथ का भी करेंगे दर्शन

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading

छत्तीसगढ़

तीसरा बड़ा मंगलवार आज : अपनी मनोकामना के अनुसार हनुमान जी को इन चीजों का लगाए भोग …

Published

on

Dharm Desk- ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है. आज 19 मई को तीसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. जो पुरुषोत्तम मास के साथ पड़ने से और अधिक खास बन गया है. इस दिन हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है. पूजा-अर्चना का विशेष क्रम जारी है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को भगवान राम और हनुमानजी के मिलन हुआ था. इसी कारण इस दिन हनुमानजी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है. तीसरे बड़े मंगल के अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया है.

 

1.गुड़-चना चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग अर्पित करना अत्यंत प्रिया है. यह उपाय विशेष रूप से मंगल दोष से जुड़े कष्टों को शांत करने के लिए किया जाता है. नियमित रूप से यह भोग चढ़ाने से जीवन में स्थिरता आती है और बाधाओं में कमी देखने को मिलती है. ऐसे में बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को गुड़ चने भोग लगाकर प्रार्थना करना चाहिए.

यह भी पढ़ें   हथकरघा उद्योग से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को मिली बुनकर गुड़ी की संजीवनी

 

2.नारियल अर्पित करने से क्या होता है

 

इस दिन को लेकर मानता है कि साबुत नारियल पर सिंदूर लगाकर और कलावा बांधकर हनुमान जी को अर्पित करने से आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है. इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि और धन संबंधी समस्याओं में सुधार आता हैं.

 

3.पान का बीड़ा चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करना खास तौर पर उन लोगों द्वारा किया जाता है. जिनके काम अटक रहे होते हैं. पूजा के बाद पान चढ़ाकर कार्य सिद्धि की कामना की जाती है. इससे कठिन और रुके हुए कार्यों में गति आने लगती है और हनुमान जी से प्रार्थना की जाती है कि आप मेरा इस कष्ट या पीड़ा को हारने का बीड़ा आपको मैं सोचता हूं.

यह भी पढ़ें   रायपुर जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय की संविदा भर्ती की चयन सूची एवं नियुक्ति आदेश जारी

 

4.इमरती और लड्डू चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को इमरती और बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय है. इनका भोग लगाने से भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति की कामना करते हैं. यह प्रसाद चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में खुशहाली का वातावरण बनता है.

 

5.केसर भात अर्पित करने से क्या होता है

 

केसर भात का भोग हनुमान जी को अर्पित करने से कुंडली के दोषों को शांत करने का प्रयास किया जाता है. यह भोग विशेष रूप से बड़े मंगल के दिन किया जाता है. इससे जीवन में आने वाले संकटों का प्रभाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है. इससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है.

 

 

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending