छत्तीसगढ़
08 मार्च राशिफल : जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

मेष-निरंतर सुधार की ओर है। दिनचर्चा अच्छी चल रही है। स्वास्थ्य में सुधार है। प्रेम और संतान का भरपूर सहयोग मिल रहा है। आय में आशातीत सफलता मिल रही है। शासन-सत्ता पक्ष का सहयोग मिल रहा है। उत्तम समय कहा जाएगा। सूर्यदेव को जल देते रहें।
वृषभ-मन में घबराहट, बेचैनी, काल्पनिक भय, अज्ञात भय, खर्च की अधिकता को लेकर परेशान हो सकते हैं। हालांकि आपकी स्थ्िाति इससे उल्टी है। न व्यवसायिक नुकसान हो रहा है। न व्यवसायिक असफलता मिल रही है। स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर हो चुका है। सब कुछ बहुत अच्छा है। प्रेम का भरपूर सहयोग मिल रहा है। संतान आज्ञा का पालन कर रही है। फिर भी मन परेशान रहेगा। बस एक दिन और इंतजार कर लें। इसके बाद फिर से सब बढ़िया हो जाएगा। भगवान शिव की अराधना करते रहें।
मिथुन-आय, शुभता बढ़ रही है लेकिन स्वास्थ्य अभी बहुत अच्छा नहीं है। प्रेम में सफलता मिल रही है। संतान आज्ञा का पालन कर रही है। सब बहुत अच्छा है लेकिन स्वास्थ्य अभी थोड़ा मध्यम है। बहुत जल्द स्वास्थ्य सुधर जाएगा। लाल वस्तु का दान करते रहें
कर्क-स्वास्थ्य पहले से बेहतर है। पिता का साथ मिलेगा। शासन-सत्ता पक्ष का सहयोग रहेगा। उच्चाधिकारियों का आशीर्वाद मिलेगा। प्रेम की स्थिति पहले से बेहतर है। विद्यार्थियों के लिए अच्छा है। कुल मिलाकर एक सुखद समय है। पहले से बेहतर समय है। बजरंग बली की अराधना करते रहें।
सिंह-भाग्यवर्धक दिनों का निर्माण हो रहा है। पूजा-पाठ में मन लग रहा है। धार्मिक बने रहेंगे। यात्रा में लाभ होगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर है। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी है। कुल मिलाकर सुखद समय दिख रहा है। लाल वस्तु पास रखें।
कन्या-थोड़ा बचकर पार करें। कोई रिस्क न लें। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। तू-तू, मैं-मैं हो सकती है। व्यापार की स्थ्िाति रुक-रुककर चलती रहेगी। लाल वस्तु का दान करें।
तुला-जीवन आनंद से भरा रहेगा। व्यवसायिक सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के साथ चली आ रही परेशानी दूर होगी। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। प्रेम से मुलाकात होगी। सुखद और रंगीन समय है। चंचलता पर नियंत्रण रखें। लाल वस्तु का दान करें। बजरंग बली की अराधना करें।
वृश्चिक-शत्रु उपद्रव की आशंका है लेकिन उनका शमन भी हो जाएगा। नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले स्वयं नुकसान के पात्र बन जाएंगे। आप चलते रहेंगे अपने मार्ग पर। रुका हुआ काम चल पड़ेगा। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य नरम-गरम बना रहेगा। प्रेम का सहयोग मिलेगा। संतान साथ देगी। पीली वस्तु पास रखें।
धनु-विद्यार्थीगण के लिए अच्छा समय है। वाणी अनियंत्रित हो सकती है। कठोर भाषा के प्रयोग से बचें। रुपए-पैसे के मामले में कोई जोखिम न लें। भावनाओं में बहकर कोई निर्णय न लें। प्रेम में तू-तू, मैं-मैं की आशंका है। संतान का साथ मिलेगा। बस उनके स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान रखें। कुल मिलाकर ठीक-ठाक है लेकिन भावुक बने रहेंगे। लाल वस्तु पास रखें।
मकर-घर में उत्सव सा माहौल रहेगा। फिर भी मन खिन्न रहेगा। किसी बात को लेकर तू-तू, मैं-मैं हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा है। प्रेम में दूरी खत्म हो चुकी है। नजदीकी आ चुकी है। संतान का भी साथ मिल रहा है। अद्भुत समय है लेकिन कलह से बचें। लाल वस्तु का दान करें।
कुंभ-सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है। यह सकारात्मक ऊर्जा व्यवसायिक प्रतिष्ठा बढ़ाएगी। व्यवसायिक स्थ्िाति को मजबूत करेगी। स्वास्थ्य अच्छा है लेकिन प्रेम में थोड़ी दूरी हो सकती है लेकिन प्रेम भरपूर मिलेगा। संतान में थोड़ी दूरी हो सकती है लेकिन आशीर्वाद मिलेगा। गणेश जी की अराधना करते रहें।
मीन-धन का आवक बढ़ेगा। कुटुम्बीजनों की वृद्धि होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें और निवेश करने से बचें। प्रेम का साथ होगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। भगवान शिव की अराधना करते रहें।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
















