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‘असानी’ तूफान का असर बस्तर में भी, चल रहीं तेज हवाएं, अगले एक-दो दिनों में तूफान की आशंका

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जगदलपुर। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात और ‘असानी’ तूफान का असर बस्तर में भी देखने को मिल रहा है। बस्तर में बीते तीन-चार दिनों से लगातार आसमान में काले बादल छाए होने के साथ ही बुधवार की सुबह से तेज़ हवाएं चल रही हैं। इसके अलावा बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में बूंदाबांदी का दौर जारी है। इसी बीच बस्तर के मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों में दक्षिण बस्तर में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही यह भी बताया कि घने बादल छाये होने की वजह से बस्तरवासियों को चिलचिलाती धूप से निजात मिल रही है। साथ ही तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। जिससे बस्तरवासियों को गर्मी से राहत मिल रही है।

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इधर बस्तर में कुछ दिनों पूर्व ही तेज आंधी तूफान के साथ हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी और बस्तर के कई किसानों का फसल बेमौसम बारिश की वजह से बर्बाद हो चुका है। लिहाजा अब एक बार फिर से बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात की वजह से होने वाली बारिश ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह से ही हल्की बारिश शरू होने से लोगो को गर्मी से राहत भी मिल रही है

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स्वतंत्रता दिवस पर CM साय रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, शहर से लेकर गांव तक होंगे राष्ट्रभक्ति से जुड़े आयोजन

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छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 के आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह को गरिमामय, अनुशासित और देशभक्ति की भावना से परिपूर्ण मनाने के लिए राज्य से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शासकीय भवनों एवं ऐतिहासिक स्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। राजधानी रायपुर में मुख्य समारोह स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। समारोह का शुभारंभ प्रातः 9 बजे होगा। मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। साथ ही प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन होगा। समारोह स्थल पर देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने के लिए तिरंगे गुब्बारे भी छोड़े जाएंगे।

जिला मुख्यालयों में निर्धारित अतिथि करेंगे ध्वजारोहण
जिला मुख्यालय स्तर पर शासन की ओर से निर्धारित अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा और परेड की सलामी ली जाएगी। इसके पश्चात राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जाएगा।

ग्राम पंचायत स्तर तक होंगे राष्ट्रभक्ति से जुड़े आयोजन
शासन ने जनपद पंचायत एवं तहसील स्तर पर भी स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। जनपद पंचायत मुख्यालय में जनपद पंचायत अध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। जिन नगर पालिका अथवा नगर पंचायतों का मुख्यालय विकासखण्ड मुख्यालय पर नहीं है, वहां नगर पालिका अथवा नगर पंचायत के अध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। इसी तरह पंचायत मुख्यालयों एवं बड़े ग्रामों में सरपंच और गांव के मुखिया द्वारा ध्वजारोहण कर ग्रामीणों के साथ सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान एवं वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा। छुट्टियांव मौसमी आयोजन

रात में रोशन होंगे शासकीय एवं ऐतिहासिक भवन
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या एवं 15 अगस्त की रात्रि में प्रदेश के सभी शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों तथा राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर रोशनी की जाएगी। राज्य एवं जिला स्तर पर ध्वजारोहण समारोह प्रातः 9 बजे से प्रारंभ किए जाएंगे। विभागों एवं कार्यालयों के प्रमुखों को अपने कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एकत्रित कर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूलों में ध्वजारोहण के साथ सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियां
शासन ने सभी शिक्षण संस्थानों में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में ध्वजारोहण के साथ सांस्कृतिक, साहित्यिक, मनोरंजन एवं खेल-कूद से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों द्वारा वृक्षारोपण जैसे रचनात्मक कार्यक्रम भी किए जाएंगे। शिक्षण संस्थानों को अपने क्षेत्र में प्रातःकाल ‘प्रभात फेरी’ आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रदेश के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ध्वनि-विस्तारक यंत्र यानी लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति जिला कलेक्टर द्वारा प्रदान की जाएगी। छुट्टियांव मौसमी आयोजन

स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिवारों का होगा सम्मान
जिला कलेक्टर द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिवारों को जिला स्तर पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाएगा और सम्मानित किया जाएगा।

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हरेली तिहार : माटी पूजन, कृषि औजारों की पूजा और गेड़ी की परंपरा का पर्व

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छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है। परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं।

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कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं के साथ पूजा करते हैं। गांवों के ठाकुरदेव की पूजा की जाती है। हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में देने की परंपरा रही हैं।

सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।

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राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने आज राजधानी रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली. ‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान-हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत आयोजित इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत प्रदेश के कई मंत्री, विधायक के साथ बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए.

रायपुर के इंडोर स्टेडियम से भव्य तिरंगा यात्रा की कार्यक्रम का आगाज हुआ. देशभक्ति के रंग से सराबोर इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत तमाम कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे, डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक राजेश मूणत और विधायक सुनील सोनी समेत बीजेपी के अनेक नेता-कार्यकर्ता के साथ स्काउट एंड गाइड्स, NCC कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राएं समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए.

इंडोर स्टेडियम में बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे. इस दौरान मौजूद युवाओं और स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला. तिरंगा यात्रा इंडोर स्टेडियम से निकलकर गणेश मंदिर तिराहा, बूढ़ापारा बिजली ऑफिस, नगर निगम भवन, महिला थाना चौक और फायर ब्रिगेड चौक होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंची.

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