छत्तीसगढ़
प्रदेशभर में भाजपाई सड़क पर उतरे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में जेलभरो आंदोलन का आयोजन किया। भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार के हालिया उस आदेश के खिलाफ था जिसमें ये कहा गया है कि किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन से पहले प्रशासकीय स्वीकृति अनिवार्य होगी। भाजपाई इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। जिलों से मिली सूचना के मुताबिक लगभग सभी जिला मुख्यालयों में बड़ी संख्या में भाजपाई इस आंदोलन में शामिल हुए। राजधानी रायपुर में वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आंदोलन का नेतृत्व किया। श्री अग्रवाल के नेतृत्व में हजारों की संख्या में भाजपाइयों ने गिरफ्तारी भी दी।
राजधानी रायपुर में भाजपा का जेल भरो आंदोलन
कोंडागांव में भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने दी गिरफ्तारी
वहीं कोंडागांव में भी जेल भरो आंदोलन कार्यक्रम में भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। पूर्व मंत्री लता उसेंडी के नेतृत्व में भाजपाइयों ने प्रदर्शन किया, जिन्हें पुलिस ने नेशनल हाइवे 30 पर बैरिकेड्स लगाकर गिरफ्तार किया।
अम्बिकापुर में बीजेपी कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन
भाजपा के जेल भरो आंदोलन का समर्थन करने अम्बिकापुर में कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे हैं। इस दौरान भाजपाइयों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेड्स बनाया है। बता दें कि जिले के कई भाजपा नेता जेल भरो आंदोलन कार्यक्रम में शामिल हुए।
जगदलपुर में भाजपाइयों को दाखिल किया गया अस्थाई जेल में
जगदलपुर में भाजपा का जेल भरो आंदोलन शुरू हो गया है। रैली को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कलेक्ट्रेट घेरने निकले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक लिया। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड्स लांघने की कोशिश कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट घेरने निकले सभी भाजपाइयों को अस्थाई जेल में दाखिल किया गया है।
बेमेतरा में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने दी गिरफ्तारी
बेमेतरा जिले में बड़ी संख्या में भाजपाइयों ने जेल भरो आंदोलन में हिस्सा लिया। हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। बता दें कि यहां कन्या हाई स्कूल को अस्थाई जेल बनाया गया है। प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाए हैं। भाजपा ने कहा कि भूपेश सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाने की साजिश कर रही है। आंदोलन और प्रदर्शन के लिए अनुमति लेना भूपेश सरकार का तानाशाही रवैया है।
बलरामपुर में बड़ी संख्या में भाजपाइयों ने दिया धरना-प्रदर्शन
बलरामपुर में भी भाजपा के जेल भरो आंदोलन में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। जिला मुख्यालय में स्थित हाट बाजार के पास भाजपा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे। वहीं पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में भाजपा का जेल भरो आंदोलन, प्रदेश सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आज भाजपा कार्यकर्ता जेल भरो आंदोलन में शामिल हुए। भाजपा ने भूपेश बघेल सरकार की ओर से धरना प्रदर्शन संबंधित निर्देशों के खिलाफ प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे भूपेश सरकार का तानाशाही काला कानून करार दिया। गिरफ्तार होने से पूर्व कार्यकर्ता सैकड़ों की संख्या में जिला भाजपा कार्यालय में एकत्रित हुए और रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने पहुँचे। हालांकि पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था के चलते भाजपाई कलेक्ट्रेट तक तो नही पहुँच सके पर पुलिस के बनाए अस्थायी जेल जरूर पहुँच गए। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धमतरी में सड़कों पर उतरे भाजपाई व कार्यकर्ता
धमतरी में भी आज भाजपा का जेल भरो आंदोलन का आयोजन किया गया। रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में भाजपाई जुटे। इस दौरान कार्यकर्ताओं को पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, धमतरी विधायक सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। इसके बाद भाजपाई शहर में रैली निकालकर गांधी चौक पहुचेंगे। गांधी चौक में कार्यकर्ता गिरफ्तारी देंगे। वहीं भाजपा युवा मोर्चा जेल की झांकी निकालेगी।
बालोद में भाजपा ने जय स्तंभ चौक को बनाया अस्थाई जेल
राज्य सरकार के हालिया आदेश कि धरना, प्रदर्शन और रैली के लिए अनुमति लेना अनिवार्य के विरोध में बालोद जिले में भी आज भाजपा ने प्रदर्शन किया। इस दौरार जिले के पूर्व विधायक सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। भाजपा ने जिला मुख्यालय के जय स्तंभ चौक में विरोध प्रदर्शन किया और इसी जगह को अस्थाई जेल बनाया। भाजपा के प्रदर्शन को लेकर भारी तादात में पुलिस बल मौजूद रहे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है




















