छत्तीसगढ़
नक्सल क्षेत्र में पदस्थ गृह विभाग के कर्मियों की दोहरे आवास की सुविधा वर्ष 2004 से है निरस्त
रायपुर| नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ गृह विभाग के कर्मियों को उनके पूर्व पदस्थापना स्थान में आबंटित शासकीय आवास को धारण करने की सुविधा तत्कालीन विभागीय आदेश क्रमांक एफ 6-43/गृह/2001, दिनांक 08/01/2004 द्वारा निरस्त की गई है। राज्य में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ गृह विभाग के कर्मियों को वर्ष 2012 के पूर्व तक पदस्थापना स्थान पर प्रचलित आवास किराया भत्ता प्राप्त करने की पात्रता थी। इस पात्रता को 25/07/2012 को जारी विभागीय आदेश के द्वारा समाप्त किया जा चुका है। पूर्व में जारी परिपत्रों को लेकर भ्रम की स्थिति दूर करने के लिए गृह विभाग द्वारा 17 मई 2022 को नया पत्र जारी किया गया है।
गृह विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ शासकीय सेवकों को उनकी पूर्व पदस्थापना स्थान में आबंटित शासकीय आवास को धारण करने संबंधी परिपत्र क्रमांक एफ 2(ए) 439/93/ब(4)-दो दिनांक 06/04/1994 को जारी किया गया था। छत्तीसगढ़ के बहुत से जिले नक्सलल प्रभावित होने तथा राज्य में शासकीय आवासों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ शासकीय सेवकों को उनकी पूर्व पदस्थापना स्थान में आबंटित शासकीय आवास को धारण करने संबंधी सुविधा को विभागीय आदेश क्रमांक एफ 6-43/गृह/2001, दिनांक 08/01/2004 द्वारा निरस्त किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्ष 2012 के पूर्व तक पदस्थापना स्थान पर प्रचलित आवास किराया भत्ता प्राप्त करने की पात्रता थी जिसे 25/07/2012 को समाप्त किया जा चुका है। पूर्व में जारी परिपत्रों में भ्रम की स्थिति निर्मित होने के कारण विभागीय पत्र क्र. एफ 6-43/2001/आवास/गृह-दो, दिनांक 17-05-2022 जारी कर परिपत्रों के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया है, न कि पूर्व सुविधा को समाप्त किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि गृह विभाग द्वारा आबंटित किए जाने वाले आवासों में एक अधिकारी नक्सल क्षेत्र में पदस्थ है, जिसने आवास धारण किया है। पुलिस अधीक्षक, रायपुर द्वारा आबंटित किये जाने वाले आवासों में 35 पुलिस कर्मी नक्सिल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ हैं। संचालक, संपदा द्वारा आबंटित किए जाने वाले आवासों में नक्सिल प्रभावित क्षेत्र में पदस्था किसी भी शासकीय सेवक द्वारा आवास धारण नहीं किया गया है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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