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छत्तीसगढ़

CG: पत्नी और दो बेटों को मौत के घाट उतार खुद फंदे पर झूला पति

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भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने अपनी पत्नी और दो बेटों की हत्या कर खुद फांसी के फंदे पर झूल गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। हजारों की संख्या पूरी रात भीड़ लगी रही। पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। मामला उतई थाना क्षेत्र के उमरपोटी गांव का है।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक भोजराम साहू (32), पत्नी ललिता साहू (28), बेटा प्रवीण (4) और डिकेन्द्र साहू (2) उमरपोटी गांव निवासी है। भोजराम भिलाई स्टील प्लांट में ठेका श्रमिक था। घर में भोजराम के मां बाप व बड़े भाई का परिवार भी रहता है। दो दिन पहले बुधवार को ललिता का जन्मदिन था। भोजराम ने ललिता का जन्मदिन धूमधाम से मनाया। इसके बाद अगले दिन गुरुवार की सुबह 9 बजे वह अपनी साली को उसके ससुराल छोड़ने गया था। साली को ससुराल छोड़ने के बाद भोजराम बीएसपी ड्यूटी जाने की बात कहकर वहां से चला गया। इसके बाद वह ड्यूटी न जाकर सीधे अपने घर लौट आया। घर में पहुंचते ही उसका उसकी पत्नी से काफी विवाद हुआ। इसके बाद पत्नी दोपहर में दोनों बच्चों के साथ सोने चली गई।

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इसी दौरान भोजराम उनके पास गया और मोबाइल चार्जिंग वायर से पत्नी और बड़े बेटे का गला घोंट दिया। जब दोनों की मौत हो गई तो उसके बाद छोटे बेटे की तकिया से मुंह दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद भोजराम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। देर शाम करीब 7:30 बजे तक जब भोजराम के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उसके बड़े भाई ने खिड़की से झांककर देखा तो कमरे में दो बच्चे और उनकी मां का शव पड़ा हुआ था। साथ ही भोजराम का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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