छत्तीसगढ़
बिलासपुर को एक और नई विमान सेवा की मिली सौगात

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर-इंदौर विमान सेवा के शुभारंभ के अवसर पर बिलासपुर और इंदौर नगरवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार विमान सेवाओं के विस्तार के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंनेे कहा कि बिलासपुर से अन्य बड़े शहरों जैसे मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलोर के लिये भी विमान सेवा प्रारम्भ की जाय। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द एयरपोर्ट रायपुर से अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा प्रारम्भ करने और यहां अंतर्राष्ट्रीय कार्गाे हब की स्थापना के लिये केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से आग्रह करते हुए कहा कि रायपुर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय मानक अनुसार तैयार किया जा चुका है।
रायपुर एयरपोर्ट अब अंतर्राष्ट्रीय फ्लाईट के संचालन के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा रायपुर एयरपोर्ट हेतु भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को 461.20 एकड़ भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई गई है। जिस पर रनवे विस्तार, नवीन टर्मिनल भवन निर्माण, एटीसी टॉवर निर्माण कर इसे अंतर्राष्ट्रीय मानक अनुसार तैयार किया जा चुका है। एयरपोर्ट विकास हेतु भूमि की लंबित मांग, एयरपोर्ट परिसर के सुरक्षा सबंधी समस्याओं का राज्य शासन द्वारा समाधान कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया से रिजनल कनेक्टिविटी योजनांतर्गत अंबिकापुर से बिलासपुर, रायपुर को जोड़ते हुए निकटवर्ती प्रमुख शहरों वाराणसी, रांची, पटना, भुवनेश्वर जैसे शहरों के लिये विमान सेवा प्रारम्भ करने का आग्रह भी किया।
मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए राज्य शासन द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट का 3-C VFR श्रेणी में उन्नयन किया गया है। एलायंस एयर कम्पनी द्वारा बिलासपुर से दिल्ली-जबलपुर-बिलासपुर-प्रयागराज वायुमार्ग पर 01 मार्च 2021 को प्रथम नियमित घरेलू विमान सेवा प्रारम्भ की गयी तथा 05 जून 2022 से बिलासपुर से भोपाल के लिये भी नियमित विमान सेवा शुरू की गई।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास एवं इसे क्रियाशील बनाने हेतु अब तक 25 करोड़ 10 लाख रूपए व्यय किए गए हैं। एयरपोर्ट से बढ़ती हुई विमान सेवाओं व यात्रियों की संख्या को देखते हुए वर्तमान टर्मिनल भवन की क्षमता के विस्तार के लिए 1 करोड़ 90 लाख के कार्य की स्वीकृति दी जा रही है। बिलासपुर एयरपोर्ट को 3- C IFR मानक अनुसार तैयार करने एवं यहां नाईट लैण्डिंग की सुविधा के विकास के लिये 22 करोड़ रूपए की लागत के कार्यों की स्वीकृति जारी की जा रही है। एयरपोर्ट से विमानों के सुगम संचालन हेतु पीबीएन नेविगेशन प्रणाली की स्थापना के लिये भारतीय विमानपत्तन को राज्य शासन द्वारा राशि का भुगतान कर दिया गया है।
राज्य सरकार द्वारा अम्बिकापुर एयरपोर्ट को 3- C VFR श्रेणी अनुसार विकसित करने के लिये रनवे विकास व विस्तार, सिटी साईड के विकास कार्यों हेतु 48.00 करोड़ के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गयी है। एयरपोर्ट विकास कार्य तीव्र गति से जारी है 31 दिसम्बर 2022 तक एयरपोर्ट को विकसित कर इसके लायसेंसिंग हेतु आवेदन करने का लक्ष्य है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में विमानन सेवाओं के विस्तार के लिए केंद्र की ओर से हर संभव मदद देने के लिए तत्पर है। उन्होंने इस नई विमान सेवा के प्रारंभ होने पर बिलासपुर और इंदौर नगर वासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट में नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उचित है, एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी।
मुख्यमंत्री बघेल ने इस संबंध में कहा कि राज्य सरकार द्वारा चकरभाटा एयरपोर्ट से लगी हुई 1000 एकड़ भूमि सेना को दी गई थी, लेकिन इसका उपयोग नहीं किए जाने के कारण इस भूमि को वापस लेने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है, भूमि वापस होने पर चकरभाटा एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि उपलब्ध करा दी जाएगी। श्री सिंधिया ने कहा कि बिलासपुर और इंदौर दोनों ही शहरों का आर्थिक और धार्मिक रूप से काफी महत्व है, इन दोनों शहरों के एयर कनेक्टिविटी से जुड़ने पर दोनों शहरों के लोगों को एक अच्छी सुविधा उपलब्ध होगी उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित हर राज्य में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए केंद्र सरकार तत्पर है।
बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर विमान सेवा सप्ताह में चार दिन
बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर विमान सेवा सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को पूर्वान्ह 11.35 बजे से बिलासपुर से रवाना होकर दोपहर 1.25 बजे इंदौर पहुंचेगी और इंदौर से दोपहर 1.55 बजे रवाना होकर अपरान्ह 3.45 बजे बिलासपुर वापस लौटेगी। आज बिलासपुर से इंदौर रवाना हुई, पहली फ्लाईट 50 यात्रियों को लेकर रवाना हुई। इस मार्ग पर एलायंस एयर द्वारा 72 सीटर विमान का संचालन किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

















