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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर सीएम ने ट्वीट कर कही ये बात…

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रायपुर : छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां कला और संस्कृति का एक अलग ही महत्व है। सीएम भूपेश बघेल लगातार छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे है। तो वही अब भूपेश सरकार संस्कृति के साथ साथ खेलकूद को भी बढ़ावा देने जा रही है। छत्तीसगढ़ में हाल ही में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलो की शुरुआत की गई। जिसका शुभारंभ सीएम भूपेश बघेल द्वारा किया गया। बता दें कि यह प्रतियोगिता 6 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुकी है। जो की 6 जनवरी 2023 तक होगी।

ओलंपिक को लेकर सीएम ने किया ट्वीट

प्रदेश के सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर एक ट्वीट किया है। जिसमे सीएम ने कहा छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में भाग ले रहे हैं तो मुझे टैग करें। सोशल मीडिया पर मुझे फोटो/वीडियो टैग करें क्योकि बात हे अभिमान के, छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के। पहली बार आयोजित इस ओलंपिक में प्रदेश की जनता बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती नजर आ रही है। बता दें कि इस छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का मुख्य उदेश्य परंपराओं और रीति रीवाजों को आगे बढ़ना है।

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18 से 40 वर्ष तक के लोग ले सकते है भाग

CM tweeted about Chhattisgarhia Olympics; इस ओलंपिक के जरिए अब छत्तीसगढ़िया खेल भी अपनी एक अलग पहचान बनाएंगी। इस प्रतियोगिता में गिल्ली डंडा, पिट्ठुल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी जैसे आदि खेलों का आयोजन किया गया है । इन खेलों में 18 से 40 वर्ष तक के लोग भाग ले सकते हैं। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। पहली बार आयोजित छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में 14 प्रकार के पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है। इस प्रतियोगिता में युवा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हो सकते हैं। यह प्रतियोगिता 6 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 6 जनवरी 2023 तक होगी। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग स्पर्धा के साथ ही टीम एवं एकल स्तर पर प्रतियोगिताएं होगी। इसमें दो श्रेणी में प्रतियोगिताएं होंगी।

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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