Connect with us

क्राइम

कुएं में मिली बुजुर्ग की लाश, संपत्ति विवाद पर पिता को मारकर लाश छिपा दी…

Published

on

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। संपत्ति विवाद को लेकर आरोपी संजय राठिया ने अपने 65 वर्षीय पिता बहादुर सिंह की हत्या कर, कुएं में लाश फेंक दिया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ आईपीसी 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामला रजगामार चौकी का है।

यहां 65 वर्षीय बहादुर सिंह की हत्या कर, लाश को कुए में फेंक दिया गया था। इस मामले की जांच में पता चला कि, वारदात को किसी और ने नहीं बल्कि आरोपी के बड़े बेटे ने ही अंजाम दिया था। दरअसल मृतक बहादुर सिंह खेती किसानी का काम करता था। उसके तीन बेटे हैं। तीनों ही अपने पिता के साथ खेती-किसानी करते है और अपने और अपने परिवार का भरण पोषण करते है। 2 साल पहले ही मृतक के बड़े बेटे सजंय राठिया ने गांव के ही किसी को मार दिया था। इसे लेकर आरोपी के ऊपर धारा 307 का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद वह जेल भी गया था। इसके बाद से ही वो अपनी पत्नी बच्चों के साथ ग्राम घिनारा में रहता था। कभी-कभी गांव आया करता था।

यह भी पढ़ें   UGC NET Exam 2023: कल से आयोजित होगी परीक्षा, इन नियमों का रखना होगा ध्यान

इसी दौरान वह बीते रविवार को गांव आया हुआ था। सोमवार की दोपहर संजय घर पर था बांकी सब खेत मे धान कटाई करने गए हुए थे। उसके पिता पहले घर पहुंचे। इस दौरान वह पहले से डंडा लेकर खड़ा था। उसने जमीन का बटवारा और खेत और बाड़ी उसके नाम करने की बात कही। दोनों के बीच इस बात को लेकर विवाद बढ गया और उसने अपने पिता के सिर पर हमला कर दिया। इससे उसकी पिता की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। आरोपी ने लाश को छुपाने घर के कुए में फेंक दिया और उसके ऊपर बाड़ी में रखे कचरा और झाड़ियों को काट कर डाल दिया।

घर के दरवाजे के पास दिखें खून के छीटे

वहीं, जब खेत से काम करके छोटा बेटा सिकंदर और घर के बाकी सदस्य वापस लौटे तो, उन्होंने देखा कि घर के दरवाजे के पास खून के छीटे थे। इसे देख कर उन्हें लगा कि कोई घटना घटी है। उसने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु की। इस दौरान आरोपी संजय से पूछताछ के दौरान उसने जमीन विवाद को लेकर हत्या करना बताया।

यह भी पढ़ें   भारतीय जनता पार्टी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ द्वारा जिला प्रभारियों की हुई घोषणा, डॉ. धर्मेंद्र दास बने कोरबा और रायगढ़ जिला के प्रभारी

आदतन अपराधी है आरोपी

वहीं, पुलिस ने बताया कि मामले पर संज्ञान लिया गया और आगे जांच पड़ताल की गई। शव बरामद करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले को लेकर जानकारी हासिल हुई की संपत्ति विवाद को लेकर आरोपी ने घटना को अंजाम दिया है। हत्या का मामला दर्ज करने के साथ-साथ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसकी मानसिकता पेशेवर अपराधी जैसी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक 2 वर्ष पहले भी गांव के एक व्यक्ति पर उसने जानलेवा हमला किया था। इस पर पुलिस ने 307 आईपीसी का प्रकरण कायम किया था।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्राइम

Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Published

on

Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

यह भी पढ़ें   राज्यपाल रमेन डेका ने रतनपुर में आदिशक्ति माँ महामाया देवी का किया दर्शन

पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

Continue Reading

क्राइम

CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

Published

on

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर : राज्य मानसिक चिकित्सालय में मरीजों के लिए सुविधाएं, बढ़ाने जीवनदीप समिति की बैठक में लिए गये निर्णय

Continue Reading

क्राइम

Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Published

on

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

यह भी पढ़ें   UGC NET Exam 2023: कल से आयोजित होगी परीक्षा, इन नियमों का रखना होगा ध्यान

धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

यह भी पढ़ें   महाप्रबंधक सुश्री नीनु इटियेरा द्वारा आज भूपदेवपुर स्टेशन में किए जा रहे यार्ड मॉडिफिकेशन कार्यों का निरीक्षण किया गया

गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending