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छत्तीसगढ़

30 दिसंबर को होगी कैबिनेट की बैठक, मुख्यमंत्री वृक्षा संपदा योजना को मिलेगी मंजूरी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 30 दिसंबर को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। यह इस साल की अंतिम कैबिनेट होगी। बैठक में आरक्षण संशोधन विधेयक पर राजभवन के रुख और विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तैयारियों पर चर्चा होगी। अन्य विभागों के प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए जाएंगे। बैठक में मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का प्रस्ताव लाया जाएगा। योजना की घोषणा सरकार के चार साल पूरे होने के दिन की गई थी। इस योजना का उद्देश्य निजी भूमि पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देकर काष्ठ आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना तथा आय व रोजगार के अवसर को बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री निवास पर होने वाली इस बैठक में धान खरीदी, उठाव और कस्टम मिलिंग की समीक्षा होगी। साथ की आरक्षण विधेयक को राजभवन में राेके जाने को लेकर चर्चा की जाएगी। सरकार इस मामले में कोई नया फैसला ले सकती है। प्रदेश में आरक्षण राेस्टर न होने से भर्ती, पदोन्नति और नई नियुक्ति को कैसे शुरू किया जाए, इस पर भी निर्णय लिया जा सकता है। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 2 जनवरी से आहूत है। सत्र के दौरान उपाध्यक्ष चयन को लेकर कैबिनेट में चर्चा की जाएगी। साथ ही सत्र के दौरान किए जाने वाले शासकीय कार्य पर भी चर्चा होगी। सत्र में लाए जाने वाले विधेयकों की सूचना अब तक नहीं आई है। विभागों से कैबिनेट के प्रस्ताव 29 दिसंबर तक भेजने कहा गया है।

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सत्र के लिए लगे 715 सवाल

पांच दिन तक चलने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने 715 सवाल लगाए हैं। सत्र के लिए अब ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव की सूचना ली जा रही है। पांच दिन के सत्र के लिए विपक्ष ने धान की अधिक तौलाई, प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति, स्वास्थ्य विभाग में बच्चों की मौत, नगरीय निकायों में किए गए वादों को पूरे न करने, खनिज विभाग में परिवहन के नाम पर अवैध वसूली, राजस्व प्रकरणों के निपटारे में देर और अन्य विभागों से संबंधित सवाल लगाए हैं।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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