छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़: 2 हजार से अधिक स्कूलों में होंगी दसवीं-बारहवीं की परीक्षा
रायपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा दसवीं-बारहवीं की परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं। 2 हजार 408 स्कूलों में दसवीं-बारहवीं की परीक्षाएं होंगी। सबसे अधिक परीक्षा केंद्र राजनांदगांव में बनाए गए हैं। यहां के 168 स्कूलों में परीक्षाएं होंगी। सबसे कम केंद्र सुकमा और नारायणपुर में हैं। नारायणपुर में 16 तथा सुकमा में केवल 15 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। केंद्र संख्या के आधार पर राजधानी दूसरे स्थान पर है। यहां 150 सेंटर बनाए गए हैं।
माशिम ने सभी जिलों से उन स्कूलों की सूची मांगी थी, जिन्हें केंद्र बनाए जा सकता है। जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा सौंपी गई सूची के आधार पर केंद्रों का निर्धारण किया गया है। माशिम की दसवीं की परीक्षाएं 2 मार्च से तथा बारहवीं की परीक्षाएं एक मार्च से शुरू हो रही हैं। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इस बार माशिम को 58 नए केंद्राें का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जबकि 5 परीक्षा केंद्र बंद किए गए हैं। कोरोना काल के पूर्व 2020 में जब माशिम की परीक्षाएं सामान्य रूप से हुई थी, उस वक्त 2 हजार 305 स्कूलों को सेंटर बनाया गया था।
बिलासपुर संभाग आगे, बस्तर सबसे पीछे
संभाग आधार पर सबसे अधिक केंद्र बिलासपुर में है। बिलासपुर संभाग में 558, रायपुर संभाग में 534, राजनांदगांव संभाग में 532 सरगुजा संभाग में 346 तथा बस्तर संभाग में 335 केंद्र बनाए गए हैं। उपरोक्त जिलों के अलावा बलौदाबाजार-142, दुर्ग-133, बिलासपुर-131, रायगढ़-146, जांजगीर-119, कांकेर-119, महासमुंद-114, बालोद-109, जगदलपुर- 95, जशपुर-94, कोरबा-93, धमतरी-81, बेमेतरा-76,सुरजपुर-75, कोंडागांव-75, सरगुजा-72 कोरिया-69, कबीरधाम-69, गरियाबंद-65, मुंगेली-61, बलरामपुर-53, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-28, दंतेवाड़ा-22 व बीजापुर में 18 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
10वीं में 4655 तथा 12वीं में 9750 प्राइवेट छात्र
दसवीं की परीक्षा में इस बार 3 लाख 35 हजार 356तथा बारहवीं की परीक्षा में 3 लाख 20 हजार 173 छात्र शामिल हो रहे हैं, जिनके लिए ये केंद्र बनाए गए हैं। नियमित छात्रों के अलावा दसवीं में 4 हजार 655 तथा बारहवीं में 9 हजार 750 प्राइवेट परीक्षार्थी शामिल होंगे। वर्तमान में स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षाएं चल रही हैं। इसके बाद प्री-बोर्ड तथा प्री-टेस्ट होगा।
ब्लैकलिस्टेड कोई नहीं
किसी भी पुराने केंद्र को ब्लैकलिस्टेड नहीं किया गया है। तय तिथि पर प्रवेशपत्र जारी करना होता है, इसलिए केंद्र निर्धारण दिसंबर में ही कर दिए गए थे।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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