छत्तीसगढ़
फीजी में विश्व हिंदी सम्मेलन में भाषाई समन्वय पर बोले आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी…
विश्व मे दो प्रकार की भाषाएं हैं एक भारतीय जीवन मूल्यों से उपजी भाषाएं और दो गैर भारतीय जीवन मूल्यों से उपजी भाषायें। जहाँ तक भारतीय जीवन मूल्यों से उपजी भाषाएं हैं उनमे सहज समन्वय स्थापित होता है लेकिन समस्या तब आती है जब गैर भारतीय जीवन मूल्यों से उत्पन्न भाषाएं यथा अंग्रेजी, उर्दू ।उनके शब्दों का भारतीय भाषाओं में अनुवाद करना चाहते हैं ।
भारतवर्ष की लगभग सभी भाषाएं संस्कृत भाषा से उत्पन्न हुई है उनकी धातु है ,वचन है ,काल है विभक्ति है ,लिंग है उनका गुण धर्म है ।इसलिए व्याकरण की दृष्टि से वैज्ञानिक और परिपक्व है। यह परिपक्वता दूसरी भाषाओं में दिखाई नहीं पड़ती। पाणिनी की व्याकरण और पतंजलि का स्वर विज्ञान दोनों ने मिलकर भारतीय मूल की भाषाओं को शुद्ध किया है ।इसलिए वे परस्पर प्रेम में रहती है और उनमें अनुवाद की समस्या नहीं होती सहज ही समन्वय स्थापित हो जाता है ।
देशज भाषा जिन्हें बोलियां कहते हैं ,उनका भी मूल स्रोत संस्कृत है, भारतीय जीवन मूल्य हैं ,इसलिए उनमें भी परस्पर अनुवाद करने में कोई समस्या नहीं होती। समस्या तब आती है जब अंग्रेजी और उर्दू के शब्दों के पर्यायवाची शब्दों को ढूंढते है। हिंदी में जैसे धर्म शब्द का अनुवाद अनुवाद अंग्रेजी में नहीं है ।रिलीजन या मजहब सही अनुवाद नहीं है। दर्शन फिलॉसफी नहीं है । सेक्युलरिज्म धर्मनिरपेक्षता नहीं है । मोहताज और रोजगार जैसे शब्दों का कोई हिंदी में सही शब्द नहीं मिलता।
आचार्य बाजपेई ने अपने वक्तव्य में कहा भाषा पर गंभीर अनुसंधान की आवश्यकता है जिससे समन्वय स्थापित हो और विश्व में शांति आ सके। उन्होंने आगे भी कहा कुछ ऐसे बीज मंत्र होते हैं जिनका अनुवाद संभव नहीं है और उसकी आवश्यकता ही नहीं होती। उनके उच्चारण मात्र से कल्याण होता है.आचार्य बाजपेई ने अपने संबोधन में कृत्रिम मेधा के उपयोग में सतर्कता बरतने की बात की। प्राकृतिक मेधा का कोई विकल्प नहीं होता।
फिजी के नांदी शहर में 12 विश्व हिंदी सम्मेलन की शुरुआत करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि वह युग पीछे छूट गया जब प्रगति को पश्चिमीकरण के समान माना जाता था औपनिवेशिक युग में दबाई गई तमाम भाषाएं अब वैश्विक मंच पर गूंज रही है वहीं फिजी के शिक्षा मंत्रालय ने बारहवीं कक्षा तक हिंदी भाषा अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है फिजी के राष्ट्रपति विलियम काटोनिवेरे ने कहा कि हिंदी हमारे दिल में बसी है विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि भारत फिजी में लैंग्वेज लैब खोलेगा इसका मकसद सही हिंदी सिखाना और सीखना है
ज्ञातव्य हो कि आचार्य बाजपेई फिजी में संपन्न होने वाले विश्व हिंदी सम्मेलन में सम्मिलित होने के लिए गए हुए हैं और वह 18फरवरी 2023 को वायुयान से बिलासपुर लौटेंगे।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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