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छत्तीसगढ़

बिलासपुर: मशहूर जैमिनी सर्कस का 26 फरवरी को साइन्स कालेज ग्राउंड में भव्य शुभारंभ

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बिलासपुर। सरकस को, मनोरंजन का सर्वोत्तम माध्यम माना जाता है, जिसमें बड़े-बूढ़े बच्चे सभी वर्ग के लोग आनंद उठाते हैं। मगर अब सर्कस दिखाने की मजबूरी इससे वर्षों से जुड़े कलाकारों का पेट पालना ही रह गया है।अब नए कलाकार भी इस क्षेत्र में आना नही चाहते। पहले की तरह अब सर्कस में जानवरों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंध लग चुका है इसलिए इसमें भी अब पहले जैसा मजा नहीं रह गया। उसके बावजूद इसे जिंदा रखने का प्रयास लगातार जारी है।

बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए ग्रेट जैमिनी सर्कस के मैनेजर दीपराज सिंह और असिस्टेंट मैनेजर मोहम्मद आजम ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अब गिने-चुने देशभर में मात्र 5 सर्कस ही बचे है। पहले इनकी संख्या 100 के करीब हुआ करती थी जो जानवरों के प्रतिबंध के बाद 30-40 सर्कस में सिमट गए। लेकिन कोविड-काल के बाद अब इनकी संख्या 5 तक आकर रुक गई है।उन्होंने बताया कि बिलासपुर शहर में लगभग 25 वर्षो बाद देश का मशहूर जेमिनी सर्कस 26 फरवरी रविवार से प्रारंभ होने जा रहा है।जबलपुर के बाद अब साइन्स कॉलेज सीपत रोड मैदान में भव्य शुभारंभ का शो 26 फरवरी को शाम 7.30 बजे से होगा। इसके पश्चात अगले दिन 27 ता. से तीन शो 1, 4 व 7.30 बजे से 2-2 घंटे के होंगे।

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सर्कस आनेवाले दर्शको के लिये हवाई झूला, बेबी रोप, रशियन साड़ी, जिसमें 50 की ऊँचाई पर लड़के अपने करतब दिखाएंगे।कार्यक्रमों के साथ, सरकस में कुत्तों द्वारा भी विशेष मनोरंजक प्रोगाम होंगे। जेमिनी सरकस के मुख्य आकर्षक प्रोग्राम में अफ्रिकन जिम्नास्ट लड़कियों द्वारा, एकोब्रेटिक शो भी प्रसिद्ध है। जेमिनी सरकस में लगभग 70 कलाकार अपना करतब दिखाएंगे। इनमें 6 विदेशी कलाकार भी शामिल है। बच्चों व बड़ो को हँसा-हँसाकर लोट-पोटकर देने वाले जोकर भी जेमिनी सरकस के विशेष आकर्षण होंगे।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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