Connect with us

छत्तीसगढ़

ट्रस्ट की जमीन पर बवाल! न्यायालय ने दिया 2 सप्ताह का समय, जानिए पूरा मामला

Published

on

बिलासपुर| एसबीआर कॉलेज की स्थापना सन 1944 में बजाज परिवार के द्वारा कराया गया था,ट्रस्ट ने कॉलेज के लिए कुल 10 एकड़ जमीन खरीदकर  दान कर दी थी,जो आज महज 2 एकड़ ही बची हुई है बाकी के 8 एकड़ पर बेजा कब्ज़ा कर लिया गया है, बजाज परिवार के द्वारा सन 1958 में 2.38 एकड़ अलग से खरीदी की गई यह ज़मीन ट्रस्टियों के द्वारा दान नही की गई जिसके दस्तावेज आज भी भू अभिलेख शाखा में दर्ज है, ट्रस्ट के द्वारा ज़मीन की देखरेख की जा रही है।

ट्रस्ट के ऊपर आरोप लगाने वाले कोई और नही बल्कि उनके ही परिवार के सम्बंधित सदस्य हैं, जो ट्रस्ट में शामिल नही है, इसी बात का चिढ़ रखते हुए अतुल बजाज लगातार एसबीआर ट्रस्ट पर आरोप लगा रहा है अतुल आरोप तो लगा रहे हैं लेकिन उसे सिद्ध नही कर पा रहे हैं, बताया जा रहा है कि अतुल के ऐसा कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नही है जिसे दिखाकर वो आरोप को सिद्ध कर पाए।

यह भी पढ़ें   पीएम मोदी से सीएम भूपेश बघेल ने की मुलाकात

कोर्ट ने भी माना ज़मीन एसबीआर ट्रस्ट की अतुल बजाज ट्रस्ट को चुनौती देते हुए कोर्ट जा पहुंचे जहां अतुल को मुंह की खानी पड़ी,अतुल जिला न्यायालय एवम उच्च न्यायालय में केस हार चुके हैं लेकिन वह एसबीआर ट्रस्ट को परेशान करना नही छोड़ रहे हैं, अब अतुल माननीय सर्वोच्च न्यायालय जा पहुंचे हैं, जहां उन्हें माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 2 सप्ताह का समय दिया हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव के भाई!
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   आ बैल मुझे मार: भिलाई में खड़ी ट्रेन के नीचे से पटरी पार करना युवक पड़ा भारी, पैर कटकर हुआ अलग
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   दन्तेवाड़ा : भृत्य पद हेतु दस्तावेज सत्यापन 6 जून तक
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending