छत्तीसगढ़
सीएम भूपेश बघेल ने 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र, पढ़ें पूरी खबर
रायपुर :मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बड़ी पहल करते हुए विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ सरकार की ’’छत्तीसगढ़ कल्चरल कनेक्ट’’ योजना से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में ’’छत्तीसगढ़ कल्चरल कनेक्ट’’ योजना की जानकारी देते हुए लिखा है कि इन केंद्रों की स्थापना से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व के स्थानों में छत्तीसगढ़ के लोगों के निवास और भ्रमण की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने उक्त केंद्रों की स्थापना के लिए विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री से दो एकड़ शासकीय भूमि आबंटित करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया है कि छत्तीसगढ़ में संस्कृति केंद्र खोलने के लिए भूमि आबंटन की उन्हें भी सहर्ष स्वीकृति दी जाएगी।
सीएम बघेल ने इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ऋषिकेश, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल से गिरनार एवं सोमनाथ, ओड़िसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से पुरी में, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाय.एस. जगनमोहन रेड्डी से तिरूपति में, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से शिरडी में, झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से देवघर में, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदिनाथ से वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज एवं मथुरा में दो एकड़ शासकीय भूमि आबंटित करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्र में लिखी ये बात
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्र में लिखा है कि भारत में विभिन्न भाषाओं, जातियों, धर्मों तथा संस्कृतियों के लोग एक साथ रहते है। अनेकता में एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति एवं धरोहर है। विभिन्न संस्कृतियों के परस्पर आदान-प्रदान की प्रक्रिया की निरंतरता ने हमारे राष्ट्र को एकजुट रखने एवं शक्तिशाली बनाने में सहायता प्रदान की है। छत्तीसगढ़ की सरकार ने ’’छत्तीसगढ़ कल्चरल कनेक्ट’’ नामक योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। देश के विभिन्न भागों में स्थित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक महत्व के स्थानों में छत्तीसगढ़ के लोगों के भ्रमण और निवास के लिए ’छत्तीसगढ़ संस्कृति केन्द्रों’ की स्थापना की जाये। इन केन्द्रों के माध्यम से राज्य वासियों को न केवल देश की सांस्कृतिक बहुलता की जानकारी प्राप्त होगी बल्कि उन स्थानों पर छत्तीसगढ़ राज्य की संस्कृति, पुरातत्व एवं पर्यटन स्थलों की जानकारी दिये जाने के साथ ही छत्तीसगढ़ के परंपरागत हस्तशिल्प उत्पादों की भी अन्य राज्यों एवं देशों से आने वाले पर्यटकों को जानकारी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया है कि यदि वे अपने राज्य की संस्कृति के प्रति छत्तीसगढ़ के लोगों की रूचि बढ़ाने की दृष्टि से छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों पर भूमि आवंटन की मांग करते है तो उस पर सहर्ष स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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