Connect with us

देश

2024 में होने वाले कैंपेन की तैयारियों में जुटे बाइडन, कर सकते हैं कई बड़ी घोषणाएं

Published

on

वाशिंगटन : राष्ट्रपति जो बाइडन ने घोषणा कर दी है कि वह चुनाव में शामिल होंगे, लेकिन इसके साथ ही कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। 2024 के कैंपन के बारे में प्रमुख प्रश्न अनसुलझे सवाल हैं कि इसका प्रबंधन कौन करेगा? यह कहां आधारित होगा? वह आखिरकार इसे कब आधिकारिक बनाएंगे?

चुनाव को लेकर कई सवाल

सलाहकारों ने लंबे समय से कहा है कि उन्होंने मार्च के बाद कुछ समय तक इंतजार करने के बारे में सोचा है, जब साल की पहली फंडिंग समाप्त होगी। साथ ही, सलाहकारों का कहना है कि बाइडेन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव में आकर कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही अपने 2024 कैंपेन की घोषणा कर दी है।

यह भी पढ़ें   Explainer: मालदीव समेत 5 देशों के क्यों पानी में डूबने का खतरा क्या है इसकी वजह

ट्रंप के खिलाफ हैं बाइडेन के सहयोगीवाशिंगटन में एक डेमोक्रेटिक रणनीतिकार ब्रैड बैनन ने कहा, “जितना समय वो व्हाइट हाउस में अपने कर्तव्यों पर केन्द्रीत रहेंगे, उतना ही अच्छा वो अपने कैंपेन को लेकर सोच सकेंगे। उन्होंने कहा, बाइडन के सहयोगी इस बात से अवगत हैं कि ट्रम्प को एक पोर्न अभिनेता को गुप्त धन के भुगतान में उनकी भूमिका के लिए आरोपित किया गया है। बाइडन का आंतरिक राजनीतिक दायरा पहले दिन से अभियान की रणनीति पर अमल करने की योजना बनाई है।

बाइडन के सामने नहीं कोई प्रतिद्वंदी

बाइडन के सलाहकारों का मानना है कि फिलहाल, बाइडन के सामने कोई महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रतिद्वंदी नहीं है। अटलांटा, शिकागो और न्यूयॉर्क के तीन अंतिम शहरों के बीच अगले साल का डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन कहां आयोजित किया जाएगा, यह भी बाइडन को तय करना है। चुनाव के अधिकतकर फैसले और योजना व्हाइट हाउस में रहकर लिए जाएंगें, जहां पर बाइडन के वरिष्ठ सलाहकार मौजूद रहेंगे।

यह भी पढ़ें   खेल : टी20 की कप्तानी छोड़ेंगे विराट कोहली, सोशल मीडिया पर छाया 19 सेकंड का ये वीडियो

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   Aaj Ka Rashifal 04 September 2023: जानिए कैसा रहेगा सभी राशियों के लिए सोमवार का दिन?

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

Published

on

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
यह भी पढ़ें   1 ही लड़की को 8 साल में बेचा गया 15 दूल्हों को, दो से ढाई लाख तय होती थी कीमत

साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
यह भी पढ़ें   Twitter पर 4 दिन में ही फिर वापस आई चिड़िया, होम पेज से गायब हुआ Doge

वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

Continue Reading

देश

राम मंदिर के चंदे पर सियासत तेज: अखिलेश यादव के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार

Published

on

नई दिल्ली  अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा मंदिर के चंदे में कथित गबन और हेराफेरी के आरोपों पर अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है।

केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने विपक्ष और इंडिया (INDIA) गठबंधन पर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाया है।

  • केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी का बड़ा बयान:  इस पूरे विवाद पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने साफ किया कि राम मंदिर से जुड़े मामलों की देखरेख के लिए ट्रस्ट मौजूद है। उन्होंने कहा:

“देखिए, यह ट्रस्ट का काम है। ट्रस्ट ने इसके लिए एक जांच कमेटी बनाई हुई है और मामले की जांच चल रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे सख्त सजा दी जाएगी।”

  • ‘विपक्ष का नैरेटिव अब नहीं चलेगा’  पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव और विपक्षी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा और पूरा एनडी अलायंस (विपक्ष) केवल देश में एक गलत नैरेटिव (माहौल) तैयार करना चाहता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसी गलत नैरेटिव के दम पर चुनाव जीतना चाहता है, लेकिन देश की जनता अब उनकी इस राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है। बंगाल, बिहार, हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि जनता अब इनके झांसे में आने वाली नहीं है।
  • अखिलेश के ‘PDA’ पर साधा निशाना:  अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सपा का पीडीए सिर्फ कागजों और बयानों में है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव कई बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन्होंने कभी किसी ‘पीडीए’ वर्ग का भला नहीं किया, बल्कि सिर्फ अपने परिवार का विकास किया।
यह भी पढ़ें   बलौदाबाजार: बिलाईगढ़ जनपद अध्यक्ष और उसके पति पर लगे अवैध वसूली के गंभीर आरोप
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending