छत्तीसगढ़
रायपुर की सांस्कृतिक ऐतिहासिक धरोहरों के दर्शन होंगे आसान, 10 महत्वपूर्ण स्थलों का विकास करते हुए बनाए गए हैरीटेज वाक
रायपुर। अपने शहर की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक विरासतों के दर्शन अब आम नागरिकों के लिए काफी आसान होंगे और उनके लिए यह अनुभव सुंदर और यादगार हो जाएगा। हैरीटेज वाक की अनुपम विरासत आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नागरिकों को दी। आजादी के दौर के गवाह रहे ऐतिहासिक टाउन हाल से शुरू करते हुए प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत दिखाने वाली महाकौशल कलावीथिका की झलक लेते हुए नागरिक शहर की सबसे पुरानी बस्ती में प्रवेश करेंगे और यहां ऐतिहासिक धार्मिक धरोहरों को देखेंगे।
वे नागरीदास मंदिर, जैतूसाव मठ आदि से गुजरते हुए पूरा रूट देखेंगे। इसे एक करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री सबसे पहले जैतूसाव मठ पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण की पूजा अर्चना की। साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। इसके बाद हनुमान बावली पहुंचे जहां उन्होंने हनुमान जी की पूजा की।
बताते हैं कि यह बावली बहुत पुरानी है। पांच सौ साल पहले इसके भीतर से लोगों को हनुमान जी की प्रतिमाएं दिखीं। मान्यता के अनुसार तीन प्रतिमाएं थीं। इनमें से एक को बावली में ही स्थापित किया गया। एक मूर्ति मठपारा में स्थापित की गई। यहां के महंत हनुमान जी की पूजा कर दूध का आहर लेते हैं इस वजह से इसका नाम दूधाधारी मठ रखा गया। तीसरी मूर्ति गुढ़ियारी के मच्छी तालाब में स्थापित की गई। उल्लेखनीय है कि हाल ही में यहां बावली की साफसफाई कराई गई तब बावली की भीतरी दीवारों पर वानर स्वरूप आकृति दिखाई दी जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। उल्लेखनीय है कि इस रूट पर बूढ़ातालाब से लेकर किलेवाले बाबा, बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर, शीतला माता मंदिर, महामाया मंदिर, नागरीदास मंदिर, महावीर व्यायाम शाला, जैतूसाव मठ, जगन्नाथ मंदिर और टूरी हटरी को जोड़ा गया है।
हैरीटेज वाक रूट प्रोजेक्ट के तहत शहर की एतिहासिक बिल्डिंग टाउन हाल और महाकौशल कला वीथिका के पुनर्विकास के काम भी कराया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत बूढ़ातालाब से लेकर टूरी हटरी तक पाथवे बनाने, पाथवे पर बिजली लगाने, पर्यटकों के बैठने के लिए 40 विभिन्न स्थानों पर आकर्षक बैंच लगाने 216 सोलर पोस्ट लगाने के काम किए गए है। पूरे मार्ग पर साढ़े तीन हजार वर्ग मीटर आकर्षक पेटिंग कराई गई है। हैरीटेज वाक रूट के स्थलों के लिए रोड मार्किंग और आकर्षक साइन बोर्ड भी लगाये गये है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
-
Uncategorized6 days ago
New Rule : शराब प्रेमियों को झटका! सरकार ने बदल दिया नियम, इस तारीख से होगा लागू
-
Uncategorized5 days ago
अमित शाह का UCC पर बड़ा ऐलान: 21 राज्यों में लागू होगा समान नागरिक संहिता, 2029 लोकसभा चुनाव से पहले होगा लागू
-
Uncategorized4 days ago
EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पीएफ पर बेसिक सैलरी लिमिट ₹15000 से बढ़ाकर 25 हजार की, 51 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा
-
Uncategorized7 days ago
प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक खत्म, जिनपिंग ने साझा विकास पर दिया जोर
-
Uncategorized2 days ago
RSS ने OTT के ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ पर रोक के लिए बनाया पैनल, जानिए कौन-कौन पैनल में है शामिल…
