छत्तीसगढ़
यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड 2023 से सम्मानित हुए युवा वैज्ञानिक, 19 चिन्हित विषयों पर युवा वैज्ञानिकों को दिया गया अवॉर्ड

रायपुर। छत्तीसगढ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रेक्षागृह में दो दिवसीय 18 वें युवा वैज्ञानिक सम्मेलन का 04 मई को समापन हुआ। इस समारोह में 19 चिन्हित विषयों में युवा वैज्ञानिकों को यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड- 2023 प्रदान किया गया। इसके साथ ही इन युवा वैज्ञानिकों को 21 हजार रूपए पुरस्कार राशि, मेडल तथा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित युवा वैज्ञानिक को किसी राष्ट्रीय प्रयोगशाला, राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र और विश्वविद्यालय में शोध कार्य के लिए अवसर प्रदान किया जाएगा।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय शैक्षणिक समिति, एनसीएससी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार डॉ. ललित शर्मा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल सहित छŸाीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. एस कर्माकर सहित वहां मौजूद समस्त वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने इन युवा वैज्ञानिकों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड- 2023 से सम्मानित युवा वैज्ञानिक
1. एग्रीकल्चर साइंस में रीचा साव एवं सोनल उपाध्याय, डिपार्टमेंट ऑफ जेनेटिक्स एण्ड प्लांट ब्रीडिंग, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, 2. एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग एवं टेक्नालॉजी में छाया भट्ट, रसायन अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 3. बायोलॉजी में रसलिन कौर, जैव प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 4. बायोटेक्नालॉजी, बायोकेमिस्ट्री, बायोइनफॉरमेटिक्स एण्ड बायोमेडिकल साइंसेस में अनिता भोई, जैव प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 5. कैमिकल साइंसेस में लवकेश कुमार सिंह तंवर, रसायन अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 6. अर्थ एवं एटमॉस्फेरिक साइंसेस में तनवीर हैदर, एन.आई.टी 7. कैमिकल इंजीनियरिंग में अनुश्री साहा, रसायन अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 8. कम्प्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, आई.टी. एण्ड इंस्ट्रूमेंटेशन में मयंक लोवांशी, आई.आई.आई.टी 9. सिविल एवं आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग में श्यामंतिका सरकार, डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर, एन.आई.टी 10. इलेक्ट्रिकल एण्ड इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग में आयुषी शर्मा, डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, एन.आई.टी 11. मेकिनिकल मेक्ट्रॉनिक्स एण्ड प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में राजीव नयन, रसायन अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 12. इनवॉयरमेंटल साइंसेस, इंजीनियरिंग एण्ड फारेस्ट्री में एश्वर्याश्री ताम्रकार, रसायन अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 13. होमसाइंसेस एण्ड बिहेवियरल साइंसेस में भानु प्रताप नायक, शा. डी. बी. कन्या महाविद्यालय 14. लाइफ साइंसेस से निशा गुप्ता, जैव प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 15. मैथेमेटिकल एवं स्टेटिस्टिकल साइंसेस में शिखा तिवारी, गणित अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 16. मेडिकल एण्ड फार्मास्यूटिकल साइंसेस में शारदा गुप्ता, डिपार्टमेंट ऑफ बायोमेडिकल इंजीयरिंग, एन.आई.टी. 17. भौतिकी शास्त्र में कंचन तिवारी, भौतिकी विभाग, शा. नागार्जुन पी.जी. विज्ञान महाविद्यालय 18. वेटिनरी साइंस, एनिमल हसबेंड्रि एण्ड डेयरी टेक्नालॉजी, में अंकिता ठाकरे, कॉलेज ऑफ वेटिनरी साइंस एण्ड एनिमल हसबेंड्रि, अंजोरा 19. माइंनिंग मेटिलर्जी एण्ड एप्लाईड जियोलॉजी में सोनली स्वागतिका, रिजनल रिसर्च सेंटर, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एण्ड फ्यूल रिसर्च, बिलासपुर।
कार्यक्रम कें अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. कल्लोल, के. घोष एवं प्रो. शम्स परवेज, समन्वयक के रूप में प्रो. मानस कांति देब एवं डॉ. जोयस के. राय मौजूद थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में छŸाीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















