Connect with us

व्यापार

SBI की ये स्कीम जमकर देती है ब्याज, एक बार पैसा लगाओ फिर हर महीने घर बैठे होगी कमाई

Published

on

स्‍टेट बैंक ऑफ़ इंडिया देश का सबसे भरोसेमंद बैंक माना जाता है. ज्यादातर लोग इसकी अलग अलग स्कीम्स में अपनी बचत के पैसे निवेश करके रखते हैं. सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न के लिए ये स्कीम्स बेहतर मानी जाती है. अगर आप भी किसी ऐसी स्कीम की तलाश कर रहे हैं जिसमें एक बार पैसा लगाने के बाद आपको रेगुलर फिक्‍स्‍ड इनकम मिलती रहे तो आपके लिए एसबीआई की एन्युटी डिपॉजिट स्कीम एक अच्छा ऑप्शन हो सकती है.

आपको बता दें कि एसबीआई की इस स्कीम में आपको एकमुश्‍त पैसा जमा करना होता है. उसके बाद हर महीने ब्‍याज के साथ गारंटीड कमाई होती है. एसबीआई की एन्युटी डिपॉजिट स्कीम में कस्‍टमर को हर महीने प्रिंसिपल अमाउंट के साथ ब्याज दिया जाता है. ब्याज की कैलकुलेशन अकाउंट में जमा राशि पर हर तिमाही में कम्‍पाउंडिंग किया जाता है.

यह भी पढ़ें   Chhattisgarh: अडानी पावर प्लांट भंडार का फ्लाई एश नदी में बहाया जा रहा, पर्यावरण पर गंभीर खतरा, लाखों जिंदगियों से हो रहा खिलवाड़

एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एन्युटी डिपॉजिट स्‍कीम के तहत जमा राशि पर आपको सेविंग्‍स अकाउंट से ज्‍यादा ब्याज दिया जाता है. बता दें कि इस स्‍कीम में डिपॉजिट पर वही ब्‍याज मिलता है, जो बैंक के टर्म डिपॉजिट यानी एफडी पर मिलता है. इस स्कीम में मैक्सिमम डिपॉजिट की कोई लिमिट नहीं है. वहीं, मिनिमम डिपॉजिट कम से कम 1000 रुपये रुपये मंथली एन्यूटी के हिसाब से करना होगा. इसमें आपको बैंक की ओर से यूनिवर्सल पासबुक भी जारी किया जाएगा. इस स्‍कीम के तहत निवेश 36, 60, 84 या 120 महीने के लिए किया जा सकता है.

इस स्‍कीम में एन्यूटी का भुगतान डिपॉजिट होने के अगले महीने निर्धारित तारीख से किया जाएगा. अगर किसी महीने वह तारीख नहीं है, तो उसके अगले महीने के एक तारीख को एन्यूटी मिलेगी. एन्यूटी का भुगतान टीडीएस काटकर लिंक्ड सेविंग्‍स अकाउंट या करंट अकाउंट में क्रेडिट किया जाएगा. एसबीआई की यह स्‍कीम में इमरजेंसी में भी आपकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखते हुए तैयार की गई है. जरूरत पड़ने पर आप एन्युटी के बैलेंस अमाउंट के 75 फीसदी तक की राशि ओवरड्राफ्ट कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें   CG NEWS: यहां लागू हुई शराबबंदी!

अगर आप एसबीआई की एन्युटी डिपॉज़िट स्कीम में निवेश करना चाहते हैं तो आप किसी भी नजदीकी ब्रांच में जाकर इसमें रजिस्टर करवा सकते हैं. यह स्कीम एसबीआई की सभी ब्रांचों में उपलब्‍ध है. स्‍कीम के अकाउंट को बैंक की एक ब्रांच से दूसरी ब्रांच में ट्रांसफर भी कराया जा सकता है. इसमें इंडिविजुअल नॉमिनेशन की सुविधा उपलब्ध है. इस अकांउट की सिंगल या ज्‍वाइंट होल्डिंग हो सकती है. डिपॉजिटर की मृत्यु की हो जाने पर इस स्कीम को समय से पहले स्‍कीम क्‍लोज किया जा सकता है.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, डरा धमका कर पिलाया था कीटनाशक दवाई...

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

बिलासपुर

Bilaspur कलेक्टर ने की 15 साल से पुराने वाहनों की नीलामी की समीक्षा

Published

on

Bilaspur Collector reviewed the auction of vehicles older than 15 years

बिलासपुर, 19 अक्टूबर – कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियों की मंथन सभाकक्ष में बैठक आयोजित कर 15 साल से पुराने शासकीय वाहनों की नीलामी की प्रगति की समीक्षा की। वित्त विभाग द्वारा ऐसे सभी वाहनों को नीलामी के निर्देश दिए गए हैं।

जिले में 15 साल से पुराने विभिन्न प्रकार के 261 वाहनों की जानकारी सामने आई है। पुराने वाहनों की नीलामी के बाद संबंधित विभागों को नए वाहन मुहैया कराए जाएंगे। कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि 30 अक्टूबर से पहले नीलामी की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

बैठक में जिला आरटीओ श्री आनंद रूप तिवारी सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने विभागवार प्रगति की जानकारी ली और सभी वाहनों को पोर्टल में कल तक दर्ज करने का निर्देश दिया। पंजीकृत वाहनों की अपसेट प्राइज निर्धारित करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें आरटीओ, पीडब्ल्यूडी, विद्युत यांत्रिकी और संबंधित विभागीय अधिकारी शामिल हैं।

यह भी पढ़ें   भाजयुमो ने छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल में वैट कम करने को लेकर किया प्रदर्शन

इस समिति द्वारा मौके पर जाकर भौतिक मूल्य का निर्धारण किया जाएगा। आरटीओ श्री तिवारी ने बताया कि स्क्रैपिंग से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान और शंका समाधान के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें सभी संबंधित अधिकारी शामिल होंगे।

वाहनों का विवरण

जिले में 261 वाहन 15 साल से पुराने चिन्हित किए गए हैं, जो विभिन्न प्रकार के हैं और 38 विभागों से संबंधित हैं। इनमें अधिकांश वाहन स्वास्थ्य विभाग, एसईसीएल और नगर निगम से संबंधित हैं। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही करने के लिए प्रेरित किया है, ताकि नीलामी की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।

Continue Reading

बिलासपुर

Bilaspur News: 19 राईस मिलरों ने जमा नहीं कराई कस्टम मिलिंग का चावल, कलेक्टर ने थमाई नोटिस, 31अक्टूबर तक जमा करने दी मोहलत

Published

on

Bilaspur News: 19 rice millers did not deposit custom milling rice, collector served notice

बिलासपुर, 19 अक्टूबर – कस्टम मिलिंग योजना के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का उठाव जिले के मिलर्स द्वारा किया गया है। इस उपार्जित धान के अनुसार, मिलर्स को नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव महोदया, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नान में चावल उपार्जन की समीक्षा की गई, जिसमें समस्त मिलर्स को अनुबंध के अनुसार शत-प्रतिशत चावल जमा कराने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में, जिले के 19 मिलर्स द्वारा 10 लॉट से अधिक चावल जमा करना शेष है।

नोटिस जारी और अंतिम तिथि

कलेक्टर अवनीश शरण ने उन मिलर्स को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने शत-प्रतिशत चावल जमा नहीं किया है। उन्हें 31 अक्टूबर 2024 तक चावल जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मिलर्स निर्धारित समय में चावल जमा नहीं करते हैं, तो उनके द्वारा शासकीय धान उठाव हेतु जमा की गई प्रतिभूति राशि (बैंक गारंटी) के माध्यम से राशि वसूली की प्रक्रिया की जाएगी।

यह भी पढ़ें   मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल: राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी का नाम ‘नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी‘ चंदखुरी किया गया

नोटिस प्राप्त मिलर्स की सूची

जिन मिलर्स को नोटिस जारी की गई है और जिन्हें 10 लॉट से अधिक चावल नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करना है, उनमें निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

  • कन्हैया एग्रो उद्योग
  • श्री रानी सती फूड्स
  • मॉ कैलाशवन्ती एग्रो इंडस्ट्रीज
  • सरस्वती एग्रो इंडस्ट्रीज
  • अम्बिका इंटरप्राइजेज
  • गोयल राईस मिल बिल्हा
  • मनोकामना एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड
  • मेसर्स राधा रानी राईस मिल
  • मेसर्स राजमुनी एग्रो
  • महामाया राईस इंडस्ट्रीज
  • गणपति एग्रो इंडस्ट्रीज
  • आदित्य राईस प्रोडक्ट
  • राघव राईस प्रोडक्ट
  • मॉ राईस इंडस्ट्रीज
  • श्री श्यामजी राईस इंडस्ट्रीज मोहतराई
  • श्री श्यामजी एग्रो इंडस्ट्रीज
  • किर्ति एग्रो मिल प्रा. लिमिटेड
  • बोल बम इंडस्ट्रीज
  • महादेव एग्रो

कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए सभी मिलर्स को समय पर कार्रवाई करने की आवश्यकता है, ताकि कोई कानूनी कार्यवाही न हो सके।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending