छत्तीसगढ़
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने जारी किया संस्कृत बोर्ड का परिक्षा परिणाम

रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् (बोर्ड) द्वारा आयोजित वार्षिक परीक्षा वर्ष 2022-23 का परिणाम घोषित किया। पूर्व मध्यमा प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा उत्तर मध्यमा प्रथम एवं द्वितीय वर्ष (हाई स्कूल कक्षा 9वीं, 10वीं तथा हायर सेकेन्डरी कक्षा 11वीं, एवं 12वीं) की मुख्य परीक्षा में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम 98.34 प्रतिशत रहा। शंखनाद वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ अतिथियों द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने परीक्षा में उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थी को कहा कि वे निराश ना हो फिर से मेहनत से पढ़ाई करें, उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार संस्कृत के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में संस्कृत विषय की पढ़ाई के लिए शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार शर्मा, राज्य गो सेवक आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत डॉ. रामसुन्दर दास, सदस्य छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् डॉ. तोयनिधि वैष्णव, सचिव पूर्णिमा पाण्डेय, सहायक संचालक परीक्षा लक्ष्मण प्रसाद साहू, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सदस्य निवेदिता चटर्जी सहित छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् की कर्मचारी, प्राच्य संस्कृत विद्यालयों के प्राचार्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
मंत्री डॉ. टेकाम ने परीक्षा परिणाम घोषित करते हुए बताया की कक्षा पूर्व मध्यमा प्रथम वर्ष 9वीं में शामिल 847 परीक्षार्थियों में से 829 उत्तीर्ण हुए और परीक्षा परिणाम 97.87 प्र्रतिशत रहा। इसमें 519 छात्र और 310 छात्राएं उत्तीर्ण हुई। कक्षा पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष 10वीं में शामिल 627 परीक्षार्थियों में से 622 उत्तीर्ण हुए और परीक्षा परिणाम 99.20 प्र्रतिशत रहा।
इसमें 342 छात्र और 280 छात्राएं उत्तीर्ण हुई। इसी प्रकार कक्षा उत्तर मध्यमा प्रथम वर्ष 11वीं में शामिल 724 परीक्षार्थियों में से 710 उत्तीर्ण हुए और परीक्षा परिणाम 98.34 प्र्रतिशत रहा। इसमें 413 छात्र और 297 छात्राएं उत्तीर्ण हुई। कक्षा उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष 12वीं में शामिल 750 परीक्षार्थियों में से 738 उत्तीर्ण हुए और परीक्षा परिणाम 98.40 प्र्रतिशत रहा। इसमें 429 छात्र और 309 छात्राएं उत्तीर्ण हुई। इस प्रकार संस्कृत बोर्ड की परीक्षा में शामिल 2948 परीक्षार्थियों में से 2899 उत्तीर्ण हुए। इसमें 1703 छात्र और 1196 छात्राएं शामिल है। प्रथम श्रेणी में 1881, द्वितीय श्रेणी में 956 और तृतीय श्रेणी में 62 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए है। 28 परीक्षार्थियों को पूरक और 21 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण रहे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















