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छत्तीसगढ़

सूरजपुर : जिला बाल संरक्षण इकाई ने रुकवाया 12 साल के लड़की की शादी

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सूरजपुर। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में संयुक्त टीम लगातार बाल विवाह रुकवा रही है। वर्तमान प्रकरण में किसी ग्रामीण ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल को मोबाइल पर सूचना दी की एक 12 वर्षीय बालिका का बाल विवाह प्रेमनगर के दुरुस्त ग्राम महेशपुर में सम्पन्न हो रहा है।

मण्डप सज चुका है। बाल विवाह रुकवाया जाये। सूचना पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने सम्बंधित पर्यवेक्षक से सम्पर्क किया और बालिका और बालक के उम्र सत्यापन तत्काल करा कर भजें। उम्र सत्यापन पर पता चला कि बालिका का उम्र 12 वर्ष 07 माह हुआ है और बालक 24 वर्षिय का है। प्राप्त जानकारी की सूचना जिला कार्यक्रम अधिकारी को जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने दी और अग्रिम कार्यवाही हेतु निर्देश दिये और सभी को समझाईस देने हेतु निर्देशित किया।जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने संयुक्त टीम बनया और मौंके पर जाकर बालिका के साथ उनके परिजनों को समझाईस दिया गया और बताया गया कि इतनी छोटी बच्ची का विवाह नहीं होना चाहिए बच्ची अभी कक्षा सातवी पास करके 8 वीं क्लास में गई उसे अभी स्कूल में पढ़ाई कराया जाये और 18 वर्ष की हो तभी विवाह किया जाये। बालिका का कथन, पंचनामा, मामा, मां का कथन तैयार हुए।

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बालिका को बाल कल्याण समिति की काउंसलिंग करा कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। संयुक्त टीम बालक के यहां भी गया जहां बालक 24 वर्ष का था। उनके परिजन को भी समझाईस दिया गया कि बालिका बहुत छोटी है। यदि विवाह हुआ तो बाल विवाह प्रतिशेघ अधिनियम 2006 के तहत एक लाख रुपये जुर्माना और 2 वर्ष के कारावास के सजा हो सकता है।

बाल विवाह रोकवाने में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत देखरेख प्रियंका सिंह, प्रभारी परियोजना अधिकारी माया राजवाड़े, थाना प्रेमनगर से प्रधान आरक्षक दौलत राम, आरक्षक बृजेश मांझी, चाईल्ड लाईन से समन्वयक कार्तिकम मजूमदार, टीम मेम्बर शीतल सिंह, आउटरिच वर्कर पवन धीवर एवं हर गोविन्द चक्रधारी सामील थे।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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