छत्तीसगढ़
PSC घोटाला युवाओं के भविष्य की हत्या: भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत

रायपुर। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने एकात्म परिसर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा है कि पीएससी घोटाले पर युवाओं के भविष्य की हत्या होते है हम सबने देखा है। भाजपा युवा मोर्चा आपके समक्ष CGPSC -2021 में व्यापत भ्रष्टाचार को निम्न बिंदुओं में रख रहा है :- 1. वर्ष 2019 – वर्ष 2023 तक छत्तीसगढ़ की समस्त भर्तियां पूर्णता विवादित रही है प्रत्येक भर्ती परीक्षा के न्याय हेतु राज्य के समस्त प्रतिभावान विद्यार्थियों को माननीय उच्च न्यायालय में अपील करनी पड़ी है। 2. वर्ष 2019-20 में आयोजित सहायक प्राध्यापक परीक्षा में प्रदेश के सर्वोच्च पद की आसंदी पर विराजित व्यक्ति की पुत्री हेतु विषय के नियमों में बदलाव करवा कर समय समाप्त हो जाने पर भी पुन: आवेदन की प्रक्रिया करवाई गयी तथा परीक्षा का आयोजन करते हुए सीधे परिणाम और मेरिट सूची जारी किया गया और पदस्थापना दी गयी परन्तु आज तक सम्बंधित विषय के अंकों की सूची आयोग द्वारा जारी नहीं किया गया। 3. वर्ष 2019-20 में आयोजित सहायक प्राध्यापक परीक्षा में प्रदेश के कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन मंत्रियों एवं अधिकारियों के सम्बन्धियों की नियुक्तियां किये जाने का आरोप लगाया गया। 4. वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग के राज्य सेवा परीक्षा सम्बन्धी नियमों में संसोधन कर मॉडल उत्तर के दावा आपत्ति के पश्चात जारी होने वाले संशोधित उत्तर को बंद कर सीधे अंतिम परिणाम के समय जारी करने का नियम बनाया गया , जो छात्रों के मानसिक अवसाद का कारण बना। इसी बीच कई विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसे कदम भी उठाये है। 5. विगत दिवस छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा-2021 का अंतिम परिणाम जारी किया गया जिसकी सूची जारी होने के पश्चात ही मेरिट सूची में शामिल अभ्यर्थियों के चयन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ है।
चयन सूची में आयोग के अध्यक्ष के पुत्र का नाम बिना उपनाम के शामिल है, प्रदेश के प्रमुख अधिकारी जनों के पुत्र- पुत्रियां, कांग्रेस पार्टी के नेता के बेटी- दामाद का चयन भी प्रथम 20 लोगों की सूची में शामिल होना संदेह की स्थिति उत्पन्न करता है। 6. छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग जैसी प्रतिष्ठित संस्था का कार्य प्रदेश में क्लास -2/3 के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर भर्ती एवं नियुक्ति करना है परन्तु वर्ष-2022 में आयोग द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के भृत्य (लेवल -1)के 80 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोग द्वारा करवाई जा रही है जबकि यह भर्ती प्रक्रिया छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) के अंतर्गत होनी थी। भाजयुमो समस्त प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं की ओर से आपसे यह आग्रह करता है कि प्रदेश के उज्जवल भविष्य के लिए और युवाओं के अधिकार के लिए उपरोक्त विषय पर आप सभी पत्रकार बंधु समस्त युवाओं की आवाज बने ताकि सत्ता के नशे में चूर और भ्रष्ट बहरी सरकार भी हमारी बात सुने और भाजयुमो की प्रमुख मांग करती है कि :- 1. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा-2021 परिणाम में जितने भी उम्मीदवारों की नियुक्ति संदेहास्पद है, उनकी पारदर्शिता से जांच हो और उनकी नियुक्ति को जांच पूरी होने तक रोका जाय। 2. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग -2021 की राज्य सेवा परीक्षा परिणाम की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। 3. आयोग के अध्यक्ष को तत्काल निलंबित किया जाए। 4. आयोग के सचिव और परीक्षा नियंत्रक को भी तत्काल निलंबित करते हुए रिटायर्ड उच्च न्यायालय के जज से जांच शुरू करवाई जाए। इन सभी उपरोक्त बिंदुओं पर भाजयुमो रायपुर द्वारा 19 जून 2023 को “मुख्यमंत्री निवास घेराव” किया जायेगा, जिसमें हजारों युवा शामिल होंगें।भाजयुमो युवाओं की आवाज बन कर के इस गूंगी बहरी सरकार तक पहुँचा के रहेगी।युवाओं की कई सालों की मेहनत को इस सरकार ने बेच दिया सिर्फ अपना जेब भरने के लिए। इस सरकार 2018 युवाओं के भविष्य संवारने की बात कहीं थी पर कांग्रेस सरकार बनने के बाद युवा सड़क में धूप में संघर्ष करता पुलिस के डंडे खा रहे है अपनी नौकरी के लिए।इस सरकार ने कोई भी वादा पूरा किया नहीं है सिर्फ युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। प्रेस वार्ता में भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष रविभगत जी , भाजयुमो प्रदेश महामंत्री अंकित जायसवाल, उपाध्यक्ष रोहित महेश्वरी, विकास मित्तल, राहुल राव, समीर परिकर, डॉ. गंधर्व पांडे, रितेश मोहरे, गोगीराज माकन, अमन यादव, प्रतीक साहू उपस्थित थे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















