छत्तीसगढ़
सूरजपुर : रीपा के माध्यम से वनोपज संग्रह कर महिलाएं बन रही उद्यमी
सूरजपुर। जिले के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र ओड़गी के अधिकांश ग्रामीण परिवार का जीवन कृषि कार्य के साथ-साथ वनों पर निर्भर है। इस विकासखण्ड के ग्रामीण परिवारों द्वारा कई पिढ़ियों से गैर इमारती वनोपज जैसे महुआ, हर्रा, बहेरा, तेंदू पत्ता, नागरमोथा एवं अन्य वन्य उत्पादों का संग्रहण एवं व्रिकय कर अपनी आजीविका चलाया जा रहा है। कुछ परिवार इसी वनोपजों में से क्षेत्र विशेष में पैदा होने वाले जंगली घांस से सिंक एवं फूल झाडू का निर्माण कर स्थानीय बाजार में विक्रय करते आ रहे हैं।
झाडू निर्माण हेतु कच्चे सामग्री की उपलब्धता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री लीना कोसम के मार्गदर्शन में ओड़गी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत खर्रा में विकसित किये जा रहे महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) अंर्तगत झाडू निर्माण की गतिविधि प्रारंभ की गयी है। इस गतिविधि में बिहान योजना से गठित सरस्वती महिला स्व सहायता समूह की 08 महिलाओं के द्वारा झाडू निर्माण का कार्य किया जा रहा है।
समूह की सदस्य मीना राजवाड़े के द्वारा यह बताया गया कि हम पूर्व में हाथ से झाडू की बुनाई करते थे, जिसमें बहुत अधिक समय लग जाता था। अब रीपा द्वारा मिले आर्थिक सहायता से झाडू बनाने के लिए मशीन का क्रय करने से झाडू बनाने में लगने वाला समय एक चौथाई से भी कम हो गया है। मशीन के माध्यम से तार द्वारा टाईट बांधा जाता है जिससे झाडू लम्बे समय तक चलता है एवं इसका मूल्य भी पहले तैयार झाडू से अधिक प्राप्त होता है। पहले फूल झाड़ू भी हाथ से ही बीनकर तैयार किया जाता था। जिसे अब मशीन के माध्यम से बहुत आसानी से तैयार कर लिया जा रहा है एवं रीपा से प्राप्त राशि से हम लोग प्लास्टिक हैंडल भी क्रय कर बाजार में बिकने वाल फूल झाडू के समान क्वालिटी का झाड़ू का निर्माण कर रहे हैं। हाथ से बने झाड़ू जहां 15 से 20 रुपये में बिकते थे, वहीं मशीन से तैयार किये गये झाड़ू 30 से 40 रुपये में होलसेल(थोक) दर पर विक्रय किया जा रहा है।
समूह के 08 महिलाओं के द्वारा बहुत कम समय में ही अब तक 1500 से अधिक लगभग 50 हजार रुपये मूल्य का झाडू का निर्माण किया गया एवं 25000 रुपये से अधिक मूल्य के झाड़ू का विक्रय भी किया जा चुका है। रीपा के माध्यम से महिलाओं के वनोपज संग्राहक से उद्यमी बनने का सपना साकार हुआ है। पहले हमारे समूह के सदस्य वनोपज संग्रहण करते थे अब अन्य वनोपज संग्राहकों से झाडू निर्माण हेतु कच्चा माल खरीद कर झाडू बनाने का कार्य कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
-
Uncategorized4 days ago
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘जेन Z हमारे बच्चे’, गुमराह किए गए
-
Uncategorized5 days ago
बिना सुविधाओं के रचा इतिहास : छोटे से गांव ने देश को दिए 17 अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी….
-
Uncategorized6 days ago
पीएम मोदी का नया वीडियो मैसेज, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर ‘स्वदेशी’ का संदेश दिया
-
Uncategorized1 day ago
हरेली तिहार : माटी पूजन, कृषि औजारों की पूजा और गेड़ी की परंपरा का पर्व
-
Uncategorized2 days ago
राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…
