देश
साइबर फ्रॉड का खतरनाक तरीका, 99 फीसदी आ जाएंगे चपेटे में, एक को लगा 1.3 करोड़ का चूना
मुंबई में साइबर ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है. ठगों ने ऐसा तरीका अपनाया कि एक व्यक्ति ने खुद 1.27 करोड़ रुपये ठगों के खातों में जमा करा दिए. ठगों का यह तरकीब इतना नयाब है कि 99 फीसदी लोग धोखा खा सकते हैं. इस घटना में अपना सब कुछ गंवाने वाला व्यक्ति मुंबई का रहने वाला है. उसने अपना फ्लैट बेचा था. उसे मिले पैसे को वह निवेश करना चाहता था. निवेश पर बेहतर निवेश की लालच में उसका पूरा पैसा स्वाहा हो गया. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक 53 वर्षीय व्यक्ति ने 1.27 करोड़ में अपना फ्लैट बेचा. इस पैसे से वह नया फ्लैट खरीदने की योजना बना रहा है. इस बीच उसके साथ खेल हो गया.
रिपोर्ट के मुताबिक उसके पास नौ फरवरी को एक महिला की तरफ से टेलीग्राम चैनल पर पार्ट टाइम जॉब का एक मैसेज आया. महिला ने पीड़ित व्यक्ति को बताया कि वह उन्हें एक लिंक भेजेगी जिसके जरिए उन्हें फिल्मों और होटलों की ऑनलाइन रेटिंग करनी है. इसके बाद स्क्रीन शॉट लेकर महिला को वापस भेजना है. इस तरह पहले कुछ दिनों में पीड़ित को 7 हजार रुपये की आमदनी हुई.
पुलिस ने बताया कि ठगों ने भरोसा जितने के लिए शुरू में पीड़ित को कुछ पैसों का भुगतान किया. इसके बाद वे पीड़ित से बड़ी रकम जमा करवाने लगे और फिर फरार हो गए. पुलिस के मुताबिक पैसे मिलने के बाद पीड़ित रेटिंग वाली कथित नौकरी में रूचि लेने लगा. इसके बाद महिला ने पीड़ित व्यक्ति से उसके बैंक खाते की जानकारी मांगी. उसने पीड़ित को एक लॉगइन-पासवर्ड दिया, जिससे कि वह अपने ई-वॉलेट का बैलेंस चेक कर सके. रेटिंग और उससे जुड़ी योजना के बारे में समझाने के बाद महिला ने पीड़ित से 10 हजार रुपये जमा करने को कहा. इसके बाद महिला ने एक वेबसाइट का लिंक भेजा जो होटल इंडस्ट्री के बारे में सूचनाएं उपलब्ध कराने की वेबसाइट थी. पीड़ित से इसकी रेटिंग करने को कहा गया. इसके बदले में पीड़ित के खाते में 17,372 रुपये आ गए.
48 लाख के बदले मिले 60 लाख!
इसके बाद महिला ने पीड़ित को एक फिल्म का लिंक भेजा और उसकी रेटिंग करने को कहा. साथ ही पीड़ित को 32 हजार रुपये जमा करने को कहा. इसके बाद पीड़ित के ई-वॉलेट में 55 हजार रुपये आए. इसी तरह दो-तीन दफा और महिला ने पीड़ित से पैसे जमा करवाए और उसके बदले जबर्दस्त रिटर्न दिलवाए. फिर 17 मई के दिन पीड़ित ने एक खाते में 48 लाख रुपये जमा करवाए. इसके बदले महिला ने पीड़ित को एक लिंक दिया था और उस पर कई टास्क कंप्लीट करने को कहा. पीड़ित ने यह सब कर दिया. इसके कुछ ही दिन बाद पीड़ित के ई-वॉलेट में 60 लाख रुपये दिखने लगे.
और बड़ा लालच
यहीं पर महिला ने पीड़ित को जाल में फंसाने के साथ उसे और बड़ा लालच दिया. उसने पीड़ित से कहा कि अगर वह ये पैसे निकालना चाहते हैं तो उन्हें अतिरिक्त 30 लाख रुपये देने पड़ेंगे या फिर और रिटर्न के लिए पीड़ित को और पैसे जमा कराने होंगे. पीड़ित लालच में आकर महिला द्वारा उपलब्ध करवाए गए लिंक के जरिए और 74 लाख रुपये जमा करा दिए. इसके बाद पीड़ित ने लिंक पर मिले कंटेंट का रिव्यू भी कर दिया. जब कुछ दिनों में पैसे नहीं आए तो उसने महिला से संपर्क करने की कोशिश की. इस पर महिला ने और पैसे जमा कराने को कहा. तब तक पीड़ित पूरी तरह लुट चुका था.कुल 1.27 करोड़ रुपये जमा कराने के बाद पीड़ित को कोई रिटर्न नहीं मिला. फिर उसने पुलिस से संपर्क किया.
यह पूरी ठगी सुनियोजित तरीके से की गई. पूरे चार माह में पीड़ित का भरोसा जीतने के बाद ठगी हुई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है. जांच में पता चला कि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के आठ खातों में ये पैसे ट्रांसफर कर दिए गए हैं. हालांकि पुलिस ने इन आठों को खातों को फ्रीज करवा दिया है और आगे की जांच कर रही है.
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान
रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत
रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
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परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
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भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
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खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।
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