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छत्तीसगढ़

खनिजों से छत्तीसगढ़ को रिकार्ड राजस्व : वर्ष 2022-23 में 12 हजार 941 करोड़ रूपये का प्राप्त हुआ खनिज राजस्व

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में खनिजों से वर्ष 2022-23 में 12,941 करोड़ रूपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। यह राशि वर्ष 2021-22 की तुलना में 636 करोड़ रूपए अधिक है। वर्ष 2021-22 में कुल खनिज राजस्व 12,305 करोड़ रूपए प्राप्त हुआ था। वर्ष 2017-18 में खनिज राजस्व आय लगभग 4911 करोड़ रूपये थी, जिसकी तुलना में वर्ष 2022-23 में खनिज राजस्व आय ढाई गुना से ज्यादा है।

खनिज साधन विभाग के विशेष सचिव श्री जे.पी. मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित जिला खनि अधिकारियों की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। विशेष सचिव श्री मौर्य ने बताया कि खनिज साधन विभाग द्वारा बहुमूल्य और सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण पर जोर दिया जा रहा है। इन खनिजों में निकिल, क्रोमियम, ग्रेफाइट, गोल्ड तथा डायमण्ड जैसे खनिज हैं। पिछले वर्ष 20 महत्वपूर्ण खनिज ब्लाकों का आबंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया गया।

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इन ब्लाकों में देश में पहली बार महासमुंद जिले के निकिल-क्रोमियम के दो ब्लाक भी आबंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 के बाद कुल 29 खनिज ब्लाक आबंटित किए गए हैं, जिनमें से पिछले वर्ष 20 ब्लाक ई-नीलामी से आबंटित किए गए हैं। जिससे राज्य शासन को 01 लाख करोड़ रूपए से ज्यादा राशि प्राप्त होगी। विशेष सचिव श्री मौर्य ने बैठक में वर्ष 2022-23 में जिलेवार प्राप्त खनिज राजस्व की समीक्षा की।

बैठक के दौरान वर्ष 2023-24 हेतु निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कार्य-योजना पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया। इस संदर्भ में लौह अयस्क एवं कोयला खानों के लंबित कर निर्धारण, कॉमन कॉस प्रकरण अंतर्गत क्षमता से अधिक खनन, विशेष खनिपट्टों में Additional Amount, निर्माण विभाग में उपयोगित गौण खनिजों पर देय राशि की वसूली सहित खनिज राजस्व बकाया, अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर अधिरोपित दण्ड इत्यादि की वसूली हेतु की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। साथ ही खनिपट्टों में क्षमता से कम उत्पादन पर एमडीपीए अनुसार परफॉर्मेंस सिक्यूरिटी अप्रोप्रियेशन किये जाने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिये गये।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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