क्राइम
Bilaspur Civil Line : पुलिस ने अंग्रेजी शराब के दो आरोपी को पकड़ा

थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर (छ.ग.)
निजात अभियान को ध्यान में रखते सिविल लाईन पुलिस द्वारा किया गया अवैध रूप से शराब बिक्री करने वालों के विरूद्व कार्यवाही।
दोनो आरोपीयों के कब्जे से 31 नग सीलबंद अंग्रेजी शराब party special super deluxe whisky किया गया जप्त।
कुल शराब मात्रा 5.580 लीटर, जुमला कीमती 4,650 रुपये एवं बिक्री रकम 850 रूपये नगदी बरामद।
नाम आरोपी –
रोहित सैनी पिता अजय सैनी उम्र 32 वर्ष निवासी मिलन चैक कुदुदड थाना सिविल लाइन जिला बिलासपुर।
दीपांशु ठाकुर पिता सुरेश ठाकुर उम्र 19 वर्ष मिलन चैक कुदुदंड थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पुलिस अघीक्षक महोदय बिलासपुर श्री संतोष सिंह द्वारा नशे के विरूद्व चलाये जा रहे अभियान ‘‘निजात‘‘ के दौरान दिनांक 10.01.2024 को थाना प्रभारी सिविल लाईन प्रदीप आर्य को जरिये मुखबीर से सूचना प्राप्त हुआ कि कुदुदंड में सुलभ शौचालय के सामने दो व्यक्ति खड़े होकर एक पीले रंग के झोला में अंग्रेजी शराब रखकर अवैध रूप से बिक्री कर अवैध लाभ अर्जित कर रहे हैं
कि सूचना से तत्काल श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री संतोष कुमार सिंह अवगत कराया गया जिनके द्वारा उक्त व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार कर कार्यवाही करने दिये निर्देश के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय शहर श्री राजेन्द्र जायसवाल, नगर पुलिस अधीक्षक महोदय सिविल लाईन श्री संदीप पटेल (भा.पु.से.), के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाईन प्रदीप आर्य द्वारा थाना स्तर पर टीम गठित कर उप निरीक्षक आदित्य ठाकुर के साथ हमराह स्टाफ आरक्षक देवेन्द्र दूबे, राजेश नारंग एवं थाना पेट्रोलिंग को रवाना किया गया
जिनके द्वारा मौके पर पहुंचकर रेड कार्यवाही किया गया जहां पर एक व्यक्ति पीले रंग के झोला में शराब रखकर लोगो को बेच रहा था तथा दूसरा व्यक्ति लोगों से पैसे लेकर जेब में रख रहा था जिनको घेराबंदी कर तलाशी लेने पर पीले रंग के झोले में 31 नग सीलबंद अंग्रेजी शराब मिला जो party special super deluxe whisky की भरी हुई शीशी थी, जो प्रत्येक में 180 एमएल क्षमता की है
जिसमें प्रत्येक में बैच नंबर 35, date of bottling DEC 23 लिखा है, प्रत्येक शीशी कीमती 150 रूपये कुल जुमला मात्रा 5.580 लीटर, जुमला कीमती 4,650 रुपये एवं दूसरे व्यक्ति के पेंट के जेब से बिक्री रकम 850 रु. नगद प्राप्त हुआ। दोनो व्यक्तियों का नाम पता पूछने पर दोनों ने अपना नाम क्रमशः (01) रोहित सैनी पिता अजय सैनी उम्र 32 वर्ष निवासी मिलन चैक कुटुदंड थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर (02) दीपांशु ठाकुर पिता सुरेश ठाकुर उम्र 19 वर्ष मिलन चैक कुदुदंड थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर का रहने वाला बताया। दोनो आरोपीयों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।






















