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Republic Day Celebration 2024 : परेड में इस बार झलकेगी नारी शक्ति, झांकी से लेकर हथियारों तक दिखेगा महिला सशक्तिकरण दबदबा

कर्तव्य पथ पर परेड, मार्चिंग दस्ते, झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भी महिलाओं की भागीदारी देखने को मिलेगी। वहीं महिला सैनिकों में भी इस बात का जोश देखने को मिल रहा है। इस परेड महिला सशक्तिकरण की तस्वीर झलकेगी। इसे लेकर रक्षा मंत्रालय ने विभागों को नोटिस भी जारी कर दी है। देश में पहली बार ऐसा होगा जब आर्म्ड फोर्सज मेडिकल सर्विसेज (AFMS) की महिला टुकड़ी गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड करेंगी। इसके अलावा भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेवा से भी एक-एक टुकड़ी इस परेड का हिस्सा होंगी। सभी महिलाएं भारतीय सेनाओं में नारी शक्ति के बढ़ते वर्चस्व का प्रदर्शन करेंगी। इस साल 26 जनवरी परेड में नौसेना का थीम नारी शक्ति और आत्मनिर्भर हथियार रखा गया है। इस बार नौसेना की झांकी में नारी शक्ति की ताकत देखने को मिलेगी। महिला हर रैंक में और हर रोल में दिखेगी।
इस साल के गणतंत्र दिवस की थीम महिलाओं पर आधारित है तो परेड में महिलाओं का अब तक का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। परेड की शुरुआत सैन्य बैंड के साथ होती आई है लेकिन इस बार देशभर की 100 महिला सांस्कृतिक कलाकार पारंपरिक वाद्यों यंत्रों के साथ परेड की शुरुआत करेंगी। सभी समूह सलामी मंच के सामने अपनी प्रस्तुति देते हैं लेकिन इस बार एक और नई पहल की जा रही है जिसमें केवल एक समूह ही सलामी मंच के सामने अपनी प्रस्तुति देगा और बाकी अन्य 11 समूह अलग-अलग अपनी प्रस्तुति देंगे।
परेड की दूसरी खासियतों की बात करें तो पहली बार तीनों सेनाओं की एक महिला टुकड़ी भी मार्च करेगी। केंद्रीय सशस्त्र बलों की टुकड़ियों में भी महिलाकर्मी शामिल होंगी। इस बार के परेड में महिला फाइटर पायलटों को भी शामिल किया गया है। इस परेड में 48 महिला अग्निवीर भी हिस्सा ले रहीं है। गणतंत्र दिवस परेड में कैप्टन शरण्या राव थलसेना की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। फ्रांस के राष्ट्रिय दिवस में अतिथि के तौर पर पीएम मोदी के साथ शामिल रहीं स्क्वॉड्रन लीडर सुमिता यादव भी इस परेड में हिस्सा ले रहीं है। स्क्वाड्रन लीडर रश्मि ठाकुर गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय वायुसेना की मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। उनके साथ स्क्वाड्रन लीडर सुमिता यादव और स्क्वाड्रन लीडर प्रतीति अहलुवालिया और फ्लाइट लेफ्टिनेंट कीर्ति रोहिल भी रहेंगी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सृष्टि वर्मा त्रि-सेवा दल के सुपर न्यूमैरेरी अफसर के तौर पर मार्चिंग करेंगी।
बता दें आने वाले शुक्रवार को देश अपना 75वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इस साल की थीम ‘विकसित भारत और भारत-लोकतंत्र की मातृका’ रखी गई है। गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ होगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण करेंगी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि देंगे। इस समारोह के मुख्य आकर्षण यानी परेड का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच है। परेड का रुट विजय चौक से नेशनल स्टेडियम के बीच है जो पांच किमी होगा। मुख्य कार्यक्रम दिल्ली स्थित कर्त्तव्य पथ पर होगा।
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।


















