क्राइम
शाकम्बरी सामाजिक कार्यक्रम मे धारदार हथियार दिखाकर अशांति फैलाने वाले एक आरोपी साहित पांच अपचारी बालकों के विरूद्व थाना कोनी द्वारा की गई कार्यवाही
⏺️ एक आरोपी के साथ पांच विधि से संघर्ष बालकों के विरूद्व धारा -294, 506, 427, 34 भादवि, 25,27 आर्म्स एक्ट में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर एवं अपचारी बालकों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया
⏺️ गिरप्तार आरोपी कुणाल पिल्ले उर्फ कल्लन थाना कोनी मे गुण्डा बदमाश की सूची मे है शामिल पूर्व मे हत्या, चोरी, बलवा, एवं मारपीट के 05 प्रकरण मे हुआ है गिरप्तार
⏺️ घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार जप्त
नाम आरोपी – कुनाल पिल्ले उर्फ कल्लन उर्फ मोनू पिता राजू पिल्ले उम्र 24 वर्ष एवं 05 अपचारी बालकों सभी साकिनान बडी कोनी, थाना कोनी, जिला बिलासपुर(छ.ग.)
⏩⏩ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 27.01.2024 से पटेल सामाज की कुल देवी मां शाकम्भरी देवी की मूर्ति विर्सजन बडी कोनी पटेल मोहल्ला में की जा रही थी जिनकी पूजा पाठ पश्चात शाम करीबन 05.00 बजे विसर्जन का सामाजिक कार्यक्रम हो रहा था कार्यक्रम दौरान कुणाल पिल्ले उर्फ कल्लन पिता राजू पिल्ले एवं 05 आपचारी बालक निवासी सभी बडी कोनी के आकर डांस करने के नाम पर मां बहन की अश्लील गाली गलौच करने लगे समझाने पर उग्र होकर लोहे का चापड, धारदार फरसानूमा हथियार लेकर तथा हाथ मुक्का लोगों से झुमाझटकी करने लगे जिसकी रिपोर्ट पटेल समाज के द्वारा थाना मे आकर लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराया थाना कोनी पुलिस के द्वारा आरोपीगण का थाना के आसपास घूमते पाये जाने पर तत्काल पुलिस हिरासत मे लिया गया, थाना मे लाकर आरोपीयो से पूछताछ किया गया जिनमे से 05 अपचारी बालक होने पता चला जिनके विरूद्ध धारा -294, 506, 427, 34 भादवि 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड तथा 05 विधी से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड में पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह पर भेजा गया है।
⏩⏩ उपरोक्त कार्यवाही में नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली पूजा कुमार (भापुसे) के निर्देशन पर थाना प्रभारी कोनी निरीक्षक गोपाल सतपथी, सउनि सुरेन्द्र तिवारी, प्र आर संतोष सिह, प्र आर सिद्धार्थ पाण्डेय, प्र आर रामशंकर पैकरा, आरक्षक चन्द्रशेखर सिह, आरक्षक विकास श्रीवास, आरक्षक चन्द्रशेखर मरकाम, आरक्षक रामायण राजपूत, आरक्षक रामकिशन सिदार, आरक्षक जितेन्द्र मिश्रा, आरक्षक सूरज कुर्रे, आरक्षक संतोष ठाकुर, आरक्षक अंकित जायसवाल, आरक्षक रोहित कौशिक, आरक्षक दुर्गेश यादव, आरक्षक आशीष शर्मा का सराहनीय योगदान रहा।
क्राइम
Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप
Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
क्राइम
Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’
Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।
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