छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़: 11.76 लाख किसानों को मिला दो साल का बोनस, सीएम साय ने किया 3,716 करोड़ रूपए ऑनलाइन ट्रांसफर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर जिले के अभनपुर के ग्राम बेन्द्री में छत्तीसगढ़ के 11 लाख 76 हजार 815 किसानों को 3 हजार 7 सौ 16 करोड़ रुपए के बकाया बोनस ऑनलाइन ट्रांसफर किया। किसानों को धान बोनस वितरण का प्रमाण पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने किसानों को कृषि एटीएम का भी वितरण किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम बेन्द्री में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन किया। स्टॉलों पर मौजूद विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों से योजनाओं की जानकारी ली। सीएम ने कहा कि अब आयुष्मान कार्ड में 10 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज का लाभ मिलेगा।
इस दौरान सीएम ने कहा कि आज बेन्द्री गांव की पावन भूमि में 2 साल के धान बोनस वितरण समारोह में आए आप सभी का हार्दिक अभिनंदन करता हूं। आज का ये दिन बड़ा ऐतिहासिक दिन है। 25 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के निर्माता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस सुशासन दिवस की आप सभी को बधाई। छत्तीसगढ़ के किसानों से हमने वादा किया था कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनते ही 2 साल का बकाया बोनस हम किसानों को देंगे।मुझे बहुत खुशी हो रही है यह बताने में कि आज हमने छत्तीसगढ़ के 12 लाख से ज्यादा किसानों को 37 सौ 16 करोड़ रुपए हमने ट्रांसफर कर दिया है। जिस भी बैंक में किसानों का खाता है, उन सभी को पैसा पहुंच गया है।
मोदी की गारंटी को निभाएंगे’
सीएम ने कहा कि मैंने किसानों से बात भी की है मैं सबको बधाई देता हूं। किसान आज काफी खुश हैं। राज्य के किसानों का विश्वास छत्तीसगढ़ की सरकार और मोदी जी पर बढ़ा है। हमने सरकार बनते ही गरीबों को 18 लाख आवास देने का निर्णय लिया। कई लोगों ने घर के लिए कर्ज लिया, कई अपना घर बना ही नहीं पाए उनके लिए आवास स्वीकृत किया गया। मोदी जी की गारंटी हम पूरी तरह से निभाएंगे।
लखपति दीदी योजना के हितग्राहियों को चेक और सर्टिफिकेट बांटे
सीएम ने लखपति दीदी योजना के हितग्राहियों को चेक और सर्टिफिकेट वितरित किया। लखपति दीदी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है। इसकी घोषणा ने 15 अगस्त को लाल किले से की थी। योजना के लागू होने से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 10 करोड़ महिलाओं को लाभ होगा। इन स्वयं सहायतों समूहों में बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी, दवाई वाली दीदी शामिल हैं।
सीएम साय की घोषणा
गरीब भूमिहीन मजदूरों को 10 हजार रुपए सालाना देंगे। पारदर्शिता के साथ 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती करेंगे। हमारा वादा है हम 5500 मानक बोरा के हिसाब से 15 दिन तक तेंदूपत्ता खरीदेंगे।
महतारी वंदन योजना के अंतर्गत विवाहित महिलाओं के लिए हर महीने 1000 रुपए देने का प्रावधान भी हमने अनुपूरक बजट में कर दिया है। अब माताओं-बहनों के खाते में साल में 12 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाएगा।
हम गरीब भूमिहीन मजदूरों को 10 हजार रुपए सालाना देंगे।
युवाओं के साथ धोखा न हो इसलिए उन्हें पारदर्शिता के साथ 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती की व्यवस्था करेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार भी हमारी प्राथमिकता है। अब आयुष्मान कार्ड में 10 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज का लाभ मिलेगा।
हमने किसानों के हित में निर्णय लिया और 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा किया है, उसे भी हम जल्द पूरा करेंगे।
हमने 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की भी व्यवस्था की है, इस संदर्भ में हमने आदेश जारी कर दिया है। हम किसानों से उनका पूरा धान खरीदेंगे और जरूरत पड़ने पर समय सीमा भी बढ़ाएंगे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















