छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: रायपुर के स्कूलों में ‘न्योता भोज’ का आयोजन, परोसा गया खीर, पूरी, सब्जी, पापड़ और सलाद

Chhattisgarh News Today: रायपुर के 27 स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन किया गया है. इस भोज के जरिए स्कूली बच्चों को स्वादिष्ट भोजन के साथ कई विशेष व्यंजन उनके थाली में परोसे गए हैं.
Chhattisgarh News Today: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर न्योता भोज का आयोजन शुरू किया गया है. इसके तहत बच्चों को विशेष लोगों के जन्मदिन ,विवाह और अन्य खास मौके पर बच्चों को स्वादिष्ट भोजन मिल सकेगा.
सोमवार (11 मार्च) को रायपुर में एक ही दिन में 27 न्योता भोज का आयोजन किया गया और इन 27 स्कूलों में बच्चों को खीर, पूरी ,दाल, चावल ,सब्जी ,पापड़ सलाद और मिठाइयां समेत कई विशेष व्यंजन उनके थाली में परोसे गए.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश जारी होने के बाद सबसे पहले कलेक्टर डॉक्टर गौरव सिंह ने अपने जन्मदिन के मौके पर न्योता भोज का स्कूलों में आयोजन कर इसकी शुरुआत की थी और उसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने भी रायपुर के दो स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन किया और इस दौरान बच्चों को स्वादिष्ट भोजन परोसे गए. वहीं अब इस न्योता भोज को आगे बढ़ाने के लिए कलेक्टर गौरव सिंह ने आमजन से भी विशेष अवसरों पर न्योता भोज देने का आग्रह किया है.
स्कूली बच्चों को परेसा जाएगा स्वादिष्ट भोजन
इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी ब्लॉक के लिए संपर्क नंबर जारी किया गया है, जिस नंबर में संपर्क कर आम जन स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन कर रहे हैं.
अब तक बच्चों को मध्यान्ह भोजन के तहत केवल दाल, सब्जी, चावल परोसी जाती थी, लेकिन अब इन स्कूलों के बच्चों को स्वादिष्ट और पोषणयुक्त भोजन परोसने के लिए न्योता भोज की शुरुआत की गई है. इस न्योता भोज को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स भी मिल रहा है.
सोमवार को रायपुर के 27 सरकारी स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन हुआ. इसमें प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आमजन उनके विशेष अवसर पर न्योता भोज का आयोजन कर बच्चों को स्वादिष्ट भोजन खिलाया, कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने बताया कि अब तक रायपुर जिले में 400 से अधिक न्योता भोज का आयोजन किया जा चुका है.
खास बात यह है कि इस न्योता भोज को लेकर प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम जन भी इस पहल की जमकर सराहना करते हुए न्योता भोज का आयोजन कर रहे हैं.
कलेक्टर डॉ गौरव सिंह बताया कि जिला प्रशासन की ओर से सभी ब्लॉक के लिए संपर्क नंबर जारी किया गया है, जिस नंबर में संपर्क कर लोग स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस न्योता भोज के तहत स्कूली बच्चों को स्वादिष्ट भोजन और कई प्रकार के व्यंजन उनके थाली में परोसे जा रहे हैं.
27 स्कूलों में आयोजन किया गया न्योता भोज
सोमवार के रायपुर जिले के अलग-अलग कुल 27 स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आमजन अपने जन्मदिन ,विवाह वर्षगांठ और अन्य खास मौके पर बच्चों को न्यौता भोज का आयोजन कर स्वादिष्ट भोजन खिलाया.
जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को गिरोद के नवीन प्राथमिक शाला में निर्मला निर्मलकर के जन्मदिन के अवसर पर न्योता भेज दी गई.
इसी तरह कुर्रा के शासकीय प्राथमिक शाला में प्रतिभा साहू, ढोढरा शासकीय प्राथमिक शाला में अनीता ध्रुवंशी, परसट्टी के शासकीय प्राथमिक शाला में लोकेश्वरी गेन्दे, छछानपैरी शासकीय प्राथमिक शाला में लोकमणि कोसले, नवापारा के शासकीय प्राथमिक शाला में चिंटू ईश्वर तराने, मुडापार शासकीय प्राथमिक शाला और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में राधेश्याम वर्मा, खरोरा के नए प्राथमिक शाला में निलेश कोयल, भूमिया के शासकीय प्राथमिक शाला में चिंताराम वर्मा, खपरीखुर्द के शासकीय प्राथमिक शाला में कामता प्रसाद वर्मा और परसदा के शासकीय प्राथमिक शाला में टिकेश्वर मनहरे सहित अन्य स्कूलों में आम जनों ने अपने जन्म दिवस पर न्योता भोज का आयोजन किया.
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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