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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की 36 लाख से अधिक महिलाओं को धुएं से मिली मुक्ति, मुफ़्त में मिला गैस कनेक्शन

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रायपुर। प्रदेश की महिलाओं को खाना बनाने के लिए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन दिया जा रहा हैं। पहले महिलाएं खाना बनाने के लिए लकड़ी, कोयला, कण्डा का उपयोग करती थी। चूल्हे से निकलने वाले धुएं के कारण स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता था। आंखो में जलन होती थी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिल रही हैं। महिलाएं अब झट-पट खाना बनाकर अन्य कामों के लिए भी समय निकाल लेती है। प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 36 लाख 76 हजार महिलाओं को गैस कनेक्शन दिया गया हैं।

रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम र्भुइंयापानी निवासी बिरहोर परिवारों के 60 वर्षीय नान्हीबाई को उज्जवला गैस कनेक्शन मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें जंगल जाना नहीं पड़ता। नाही मजबूरी में खाना बनाने के लिए लकड़ी इकट्ठा करनी पड़ती हैं। जंगल से लकड़ी लाने में जंगली जानवरों का खौफ रहता था। चूल्हे के धुंए से भी राहत मिल रही हैं। उम्र दराज नान्हीबाई के चिन्तामुक्त होने की खुशी झलक रही थी।

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खांसी और आंसू से छुटकारा
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत कोरिया जिले बैकुण्ठपुर निवासी हितग्राही 30 वर्षीय रामबाई, 55 वर्षीय मानकुंवर बाई, 25 वर्षीय दुर्गा, 35 वर्षीय फूलबासन बाई, 31 वर्षीय ऊषा बाई ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें गैस चूल्हा मिल गया है। किस तरह पहले चूल्हा से भोजना बनाना पड़ता था, लकड़ी के लिए जंगल जाना होता था, वहीं भोजन बनाते समय धुआं के कारण खांसी और आंख से आंसू बहते थे। अब गैस-चूल्हा मिलने से इस समस्या से छुटकारा मिल गया है।

रुकेगी पेड़ों की कटाई
फूलबासन बाई कहती है कि गैस चूल्हा से खाना बनाना काफी आसान हो गया है। बर्तन भी काले नहीं होते हैं। ऊषा बाई अन्य पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।यह योजना परिवार के लिए और पर्यावरण के लिए भी बहुत कल्याणकारी हैं। गैस चूल्हा होने से पेड़ की कटाई भी रूकेगी और हरियाली भी बने रहेगी।

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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