Connect with us

देश

लोकसभा चुनाव 2024: रायबरेली सीट पर है लगातार कांग्रेस का कब्जा, सोनिया गांधी के चुनाव लड़ने से इंकार करने के बाद अब प्रियंका गांधी उतरेंगी मैदान पर!

Published

on

Lok Sabha Elections 2024. पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट पर ही कांग्रेस जीत हासिल कर पाई थी. बता दें कि रायबरेली में लगातार कांग्रेस का कब्जा है, लेकिन सांसद सोनिया गांधी ने क्षेत्रवासियों को पत्र लिककर चुनाव लड़ने से इंकार किया है. अब इस सीट पर कांग्रेस प्रियंका गांधी को चुनावी मैदान पर उतारेगी या फिर किसी और को मौका देगी?

रायबरेली की सीट को बचाए रखने के लिए कांग्रेस ने 17 सीटों पर समाजवादी पार्टी के साथ समझौता किया है. 25 साल पहले सांसद बनीं सोनिया गांधी इस बार चुनावी मैदान पर नहीं होंगी. यहां से गांधी परिवार के चुनाव लड़ने पर सस्पेंस बना हुआ है. बता दें कि पिछले दिनों यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने भी यह कहा था कि उत्तर प्रदेश और अमेठी और रायबरेली की जनता यह चाहती है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अमेठी और रायबरेली से चुनाव लड़ें इसके लिए यूपी कांग्रेस के तरफ से रिक्वेस्ट भी गया हुआ है.

यह भी पढ़ें   SDM ज्योति मौर्या और आलोक कुमार मौर्या की शादी का कार्ड हुआ वायरल

दरअसल, स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर सोनिया गांधी ने रायबरेली से चुनाव लड़ने से मना कर दिया था और राज्यसभा सदस्य बन गई. बता दें कि सपा ने अपने कोटे से एक सीट टीएमसी के लिए छोड़ दी है. सीट शेयरिंग में कांग्रेस के हिस्से में रायबरेली, अमेठी, कानपुर, फतेहपुर सीकरी, बांसगांव, झांसी, सीतापुर, सहारनपुर, प्रयागराज, महराजगंज, वाराणसी, अमरोहा, बुलदंशहर, गाजियाबाद, मथुरा, बाराबंकी और देवरिया सीट आई हैं.

रायबरेली लोकसभा सीट के चुनावी इतिहास की बात करें तो ये कांग्रेस के पक्ष में नजर आता है. अब तक के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो बस तीन ही मौके ऐसे आए हैं जब इस लोकसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को हार का मुंह देखना पड़ा हो. 1977 में कांग्रेस पहली बार रायबरेली हारी थी. तब भारतीय लोकदल के राजनारायण ने इंदिरा गांधी को 55 हजार वोट से अधिक के अंतर से शिकस्त दे दी थी. 

यह भी पढ़ें   बैंक में क्लर्क की नौकरी पाने का एक और मौका, यहाँ करे आवेदन

रायबरेली में कांग्रेस को दूसरी शिकस्त 1996 और 1998 में तीसरी हार मिली थी. 1999 में कैप्टन सतीश शर्मा ने ये सीट फिर से कांग्रेस की झोली में डाल दी. इसके बाद पार्टी का गढ़ बचाने के लिए 2004 में खुद सोनिया गांधी चुनाव मैदान में उतरीं. रायबरेली की जनता ने उन्हें करीब ढाई लाख वोट के अंतर से बड़ी जीत का तोहफा दिया. इसके बाद हर चुनाव में सोनिया गांधी ने रायबरेली से बड़ी जीत दर्ज की थी.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

Published

on

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

यह भी पढ़ें   Eid UL Adha 2024 : सीएम योगी की अपील का असर, ईद पर पूरे यूपी में मुसलमानों ने नहीं किया यह एक काम- अब हर जगह हो रही…

सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   16 जुलाई 2021 राशिफल : जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

Published

on

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
यह भी पढ़ें   ऑटो चालकों को इस राज्य की सरकार देगी 5000 रुपए महीना

साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
यह भी पढ़ें   Eid UL Adha 2024 : सीएम योगी की अपील का असर, ईद पर पूरे यूपी में मुसलमानों ने नहीं किया यह एक काम- अब हर जगह हो रही…

वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending