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Delhi Excise Policy: दिल्ली आबकारी नीति इन नेताओं के लिए बनी गले की फांस, ईडी और सीबीआई ने कुल 16 लोगों को किया गिरफ्तार

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Delhi ED Case: Top Leaders In Line Of ED Questioning In Delhi Excise Policy  Case | India News - Times Now

CBI Arrested K Kavitha: दिल्ली आबकारी नीति में हुआ कथित घोटाला आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं समेत कई अन्य लोगों के लिए गले की फांस बन गया है. सीबीआई ने गुरुवार (11 अप्रैल) को तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी और बीआरएस नेता के. कविता को गिरफ्तार कर लिया.

इससे पहले उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वो न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं.

आम आदमी पार्टी के तो कई नेता जेल के अंदर हैं. पिछले महीने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार किया था और वो भी न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल के अंदर हैं. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्पाद शुल्क नीति के संबंध में मामला दर्ज किया है. ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या पॉलिसी का इस्तेमाल कर मनी लॉन्ड्रिंग की गई थी. जानते हैं दिल्ली शराब नीति मामले में कितने नेता जेल के अंदर हैं.

अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक

दिल्ली के सीएम और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को पिछले महीने ही ईडी ने आधिकारिक आवास पर तलाशी के बाद गिरफ्तार किया था. मामले की जांच कर रही एजेंसियों ने आरोप लगाया कि पार्टी के संचार प्रभारी विजय नायर दिल्ली सीएम की ओर से काम कर रहे थे.

के. कविता, बीआरएस की एमएलसी

तेलंगाना के पूर्व सीएम केसीआर की बेटी और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) एमएलसी के. कविता को भी ईडी ने पिछले महीने ही उनके आवास से गिरफ्तार किया था. के. कविता के घर पर ईडी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापा मारा था. ईडी ने आरोप लगाया कि कविता “साउथ ग्रुप” का हिस्सा थीं और उन्होंने कथित तौर पर आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं को 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी. अब के. कविता को मामले में सीबीआई ने भी गिरफ्तार कर लिया है.

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संजय सिंह, राज्यसभा सांसद, आम आदमी पार्टी

आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को उनके दिल्ली स्थित आवास पर लंबी पूछताछ के बाद 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किया गया था. मामले में उनकी गिरफ्तारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया था. हालांकि संजय सिंह अभी जमानत पर जेल से बाहर हैं. उन पर केंद्रीय एजेंसी की ओर से दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति में अनियमितताओं में “प्रमुख साजिशकर्ता” होने और कथित घोटाले के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया.

मनीष सिसोदिया, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री

दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और अरविंद केजरीवाल के करीबी मनीष सिसोदिया को पहली बार 26 फरवरी 2023 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. 9 मार्च 2023 को, मामले की जांच के तहत ईडी ने सिसोदिया को एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया, जब वह तिहाड़ जेल में बंद थे. ईडी के आरोप पत्र में उन पर नई आबकारी नीति के निर्माण में अतिरिक्त-प्रक्रियात्मक भागीदारी में शामिल होने, कुछ शराब कंपनियों के लाभ के लिए इसे संशोधित करने का आरोप लगाया गया.

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विजय नायर, आप कम्युनिकेश इंचार्ज

आप के संचार प्रभारी विजय नायर को सितंबर 2022 में शराब घोटाले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. ईडी ने उसी साल नवंबर में उन पर आरोप लगाया था. ईडी ने नायर पर “साउथ ग्रुप” का बिचौलिया होने का आरोप लगाया था. इसके अलावा, एजेंसी ने उन पर आप के गोवा विधानसभा अभियान के दौरान रिश्वत के रूप में मिले पैसों को वैध बनाने का आरोप लगाया.

इन लोगों के अलवा, दिल्ली आबकारी नीति मामले में साउथ ग्रुप के सदस्य राघव मंगुटा जो अब गवाह बन चुके हैं, अकाली दल के पूर्व विधायक गौतम मल्होत्रा के बेटे, वड्डी रिटेल के मालिक अमित अरोड़ा, गवाह बने अरविंदो ग्रुप के प्रमोटर पी शरद रेड्डी, साउथ ग्रुप के सदस्य, अभिषेक बोनपल्ली, बुचिबाबू गोरंटला, रिकॉर्ड इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख, बिनॉय बाबू, चौरियेट प्रोडक्शंस के निदेशक राजेश जोशी और कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

इस जांच में शामिल रहे अन्य प्रमुख व्यक्तियों में रेस्तरां मालिक दिनेश अरोड़ा शामिल हैं, जिन पर 2022 में सीबीआई की ओर से आरोप लगाया गया था और मेसर्स इंडोस्पिरिट ग्रुप के प्रबंध निदेशक समीर महेंद्रू, जिन पर उसी वर्ष सितंबर में ईडी की ओर से आरोप लगाया गया था. इन लोगों को हिरासत में लिया चुका है.

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‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

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रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

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सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
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साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
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वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

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