Connect with us

क्राइम

प्रेमी से पति को मरवाया, फिर अगले दिन पहुंच गई लाश देखने, बोली- यकीन नहीं हो रहा था.

Published

on

दिन था 10 जून 2024 का… जगह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का बस्ती थानाक्षेत्र. यहां केसरी बगीचा के पास खारुन नदी में पुलिस को एक लाश मिली. लाश फूल जाने के कारण पानी के ऊपर आ चुकी थी.

लाश को कब्जे में लेकर पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. शव की शिनाख्त के लिए उसकी तस्वीरें आस-पास के थानों में भी पहुंचाई. दो दिन बाद पता चला कि मृतक का नाम विधाता यादव था. 30 साल का विधाता सयासीपारा खमतराई का रहने वाला था.

उसकी पत्नी मीना यादव ने शव की शिनाख्त की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि विधाता की हत्या की गई है. इसके बाद पुलिस जांच में जुट गई कि आखिर विधाता को किसने मार डाला. पुलिस ने मृतक की कॉल डिटेल तो खंगाली ही. साथ ही उसकी पत्नी मीना यादव की कॉल डिटेल को भी खंगाला गया. घटना के 6 दिन बाद फिर पुलिस के सामने हत्या का जो राज सामने आया उससे हर कोई हैरान रह गया. पता चला कि विधाता को उसकी पत्नी मीना के प्रेमी ने अपने साथी संग मिलकर मार डाला था. वो भी मीना के कहने पर.

पुलिस को हुआ शक

पुलिस को मीना पर तब शक हुआ जब उसकी कॉल डिटेल में एक नंबर बहुत ज्यादा बार दिखा. इसी नंबर पर मीना सबसे ज्यादा बातें करती थी. जांच की गई तो पता चला कि वो नंबर मौदाहापारा के रहने वाले अमजद खान का था. अमजद का ऑटो किराए पर देने का काम था. वो विधाता को पहले से ही जानता था. विधाता यादव अमजद से ही किराए पर ऑटो लेकर चलाता था. इसी बीच मीना यादव का अमजद खान के साथ अफेयर शुरू हो गया. अमजद ने मीना को डेढ़ साल पहले मोबाइल फोन और सिम भी दिया था.

यह भी पढ़ें   धमतरी: नरहरा वाटरफॉल में हादसा, डूबने से एक युवक की मौत

इस मोबाइल से ही मीना और अमजद के बीच बातें होती थीं. लेकिन विधाता इस बात से अंजान था. बाद में जब विधाता को दोनों के अफेयर का पता चला तो दंपति के बीच लड़ाई-झगड़े शुरू हो गए. मीना अपने पति विधायक से इतनी परेशान हो गई थी कि उसने उसे मार डालने का प्लान बनाया. इसके लिए वो अमजद को कहने लगी कि विधाता को रास्ते से हटा दो. तभी हम साथ में रह पाएंगे.

हिस्ट्रीशीटर को किया शामिल

अमजद भी मीना की बात मान गया. हत्या की प्लानिंग की गई. अमजद ने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अपने एक साथी अन्नू प्रजापति को भी मना लिया. अन्नू भी अमजद से किराए पर ऑटो लेकर चलाता था. अन्नू पहले उत्तरप्रदेश में हत्या के प्रयास और छेड़छाड़ के मामले में जेल भी जा चुका है. यानि वो हिस्ट्रीशीटर है. प्लानिंग के मुताबिक अन्नू और अमजद ने विधाता को 9 जून की रात शराब पार्टी के लिए बुलाया. तीनों ने भाठागांव के सुनसान केसरी बगीचा के पास बैठकर शराब पी.

यह भी पढ़ें   शराब बेचने वाले आरोपी के विरुद्ध बिलासपुर पुलिस का प्रहार

लोहे के पटिया से सिर पर वार

जब विधाता को शराब चढ़ गई तो अमजद और अन्नू ने उसके सिर पर लोहे की पटिया से वार कर दिया. इससे विधाता की मौके पर ही मौत हो गई. बाद में दोनों ने उसकी लाश को नदी में फेंक दिया. हत्या के दौरान भी मीना बार-बार अमजद को फोन करती रही. जब उसे बताया कि अमजद को मार डाला गया है तो पहले उसे यकीन ही नहीं हुआ. उसने अमजद से कहा कि मैं भी अपने पति की लाश देखना चाहती हूं. इसके बाद अगले दिन वो उनके साथ नदी के पास गई. अमजद का शव उसे पानी के ऊपर दिखा. तब जाकर उसे संतुष्टि हुई. पुलिस पूछताछ में ही मीना, अमजद और अन्नू ने ये खुलासे किए हैं. फिलहाल मामले में आगामी कार्रवाई जारी है.

क्राइम

Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Published

on

Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

यह भी पढ़ें   शराब बेचने वाले आरोपी के विरुद्ध बिलासपुर पुलिस का प्रहार

पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

Continue Reading

क्राइम

CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

Published

on

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

यह भी पढ़ें   Bilaspur News: सट्टा खिलाने वालों पर पुलिस का तगड़ा प्रहार, तीन आरोपी गिरफ्तार

Continue Reading

क्राइम

Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Published

on

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

यह भी पढ़ें   जल्द होगा बैगा आदिवासियों की समस्याओं का निराकरण

धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

यह भी पढ़ें   थप्पड़ मारने पर पति ने पत्नी को मारकर जलाया

गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending