Connect with us

देश

सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 34% तक की बढ़ोतरी

Published

on

केंद्र सरकार के कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग कर रहे हैं और उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस पर विचार करेगी। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2026 में लागू होने की उम्मीद है, जिसमें वेतन में बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर में बदलाव शामिल हो सकते हैं।

केंद्र सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) लागू की है, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक वरदान साबित हो रही है।

केंद्र सरकार के कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग पर जोर दे रहे हैं, ऐसे में कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार इस पर तैयारी कर रही है। हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग गठित किया जाता है। 2016 में 7वां वेतन आयोग लागू किया गया था। 2026 में 8वां वेतन आयोग लागू होना है। इसलिए, ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें   चंद साल की मोहलत और मां को देंगी टक्कर, पलक तिवारी ने शेयर किया अपनी मां के साथ रिश्ता

7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में गठित किया गया था। उस समिति की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू हुईं। 8वें वेतन आयोग द्वारा की गई सिफारिशें जनवरी 2026 में लागू की जाएंगी। आठवें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें देने में लगभग डेढ़ से दो साल लग सकते हैं, इसलिए सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार नए वेतन आयोग के गठन पर जल्द ही कार्रवाई करेगी।

लेवल 1 के कर्मचारियों के वेतन में 34% तक और लेवल 18 के कर्मचारियों के वेतन में 100% तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। लेवल 1 के कर्मचारियों का वेतन 34,560 रुपये और लेवल 18 के कर्मचारियों का वेतन 4.8 लाख रुपये होने का अनुमान है।

छठे वेतन आयोग से 7वें वेतन आयोग में जाने के बाद, कर्मचारी संघ ने फिटमेंट फैक्टर को 3.68 करने की मांग की थी। लेकिन, कहा जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 2.57 तक बढ़ाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल , 2 लोगों को मिली अनुकंपा नियुक्ति…

फिटमेंट फैक्टर के जरिए केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 7000 रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया जाएगा। 8वें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट फैक्टर को 3.68 से गुणा किया जाता है, तो मासिक वेतन 18,000 रुपये से 44% बढ़कर 26,000 रुपये हो जाएगा।

पिछले कुछ महीनों में, 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर कई कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखे हैं।

हाल ही में, इस बारे में वित्त सचिव टी. वी. सोमनाथन ने कहा, “8वां वेतन आयोग 2026 में ही लागू होना है। उसके लिए अभी समय है। हालांकि, सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन पर विचार कर रही है।”

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

Published

on

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

यह भी पढ़ें   Reel बनाना पड़ा महंगा! चलती कार की बोनट पर बैठी दुल्हन, वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने काटा 16 हजार 500 का चालान

सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   Reel बनाना पड़ा महंगा! चलती कार की बोनट पर बैठी दुल्हन, वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने काटा 16 हजार 500 का चालान

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

Published

on

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
यह भी पढ़ें   Bilaspur News: अवैध मादक पदार्थ गांजा के खिलाफ बिलासपुर पुलिस का सख्त प्रहार

साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
यह भी पढ़ें   पत्नी रह-रहकर करवा रही थी पति से काम, वायरल VIDEO में देखिए आगे फिर क्या हुआ

वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending