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Uttar Pradesh: 4 महाने की नवजात बच्ची से बलात्कार, अपराधी को मिली 20 साल जेल की सजा

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में जिला अदालत ने शुक्रवार को एक व्यक्ति को एक नवजात बच्ची से बलात्कार के मामले में 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने अपराधी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है.
सजा पाए अपराधी की पहचान अयोध्या (30) के रूप में हुई. उसने 21 जुलाई 2023 को इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था.
अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता फौजदारी शशांक खरे ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अशोक कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले में सजा सुनाई है. ये घटना कौशांबी जिले के संदीपन घाट थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी. उस वक्त बच्ची की उम्र महज चार महीने थी. उसकी मां दोपहर दो बजे उसको घर के आंगन में सोता हुआ छोड़कर शौच के लिए गई थी.
उसी समय स्थानीय निवासी अयोध्या ने उसे उठा लिया. इसके बाद उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला. बच्ची को गंभीर हालत में चारपाई पर ही छोड़कर फरार हो गया. मां जब घर लौटी तो उसने अपनी बेटी को गंभीर हालत में पाया. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद मां की शिकायत पर संदीपन घाट थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश श्रीवास्तव ने अयोध्या को अपराध का दोषी पाया. उसे 20 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई. सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अपराधी को 6 महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा दी जाएगी.
इसी तरह बलात्कार के एक अन्य मामले में हरियाणा के फरीदाबाद की एक अदालत ने अपराधी को 20 साल जेल की सजा सुनाई है. अदालत ने 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. उसने साल 2021 में पांच साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न किया था. इसके बाद तीन साल तक चली सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल ने सजा का ऐलान किया.
सरकारी वकील रविंदर गुप्ता ने बताया कि पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने बुधवार को बल्लभगढ़ निवासी आरोपी कपिल को दोषी करार दिया था. पुलिस के मुताबिक, 8 जून 2021 को बल्लभगढ़ के महिला थाने में पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. ये घटना 7 जून 2021 को हुई, जब बच्ची घर में अकेली थी.
उसके पिता स्ट्रीट लाइट की समस्या को ठीक करने गए थे, जबकि वो अपनी मां और पड़ोसियों के साथ बैठी थी. उस समय आरोपी कपिल ने लड़की को केक देने के बहाने उसे अपनी कार में ले लिया. इसके बाद कार में उसके साथ बलात्कार किया. पुलिस ने बताया कि जब लड़की घर लौटी तो उसे खून बह रहा था और उसने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई.
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।





















