क्राइम
यूपी: दुष्कर्म में असफल देवर ने भाभी और मासूम भतीजी की हत्या कर फैलाई सनसन

यूपी के गाजियाबाद में एक युवक ने भाभी और तीन माह की भतीजी की हत्या कर दी। यह दिल दहला देने वाला मामला बम्हेटा का है। उसने यह वारदात तीन साल की भतीजी के सामने की। मौके पर जांच करने पहुंची पुलिस को बच्ची ने बताया कि चाचा ने ही मम्मी को मार दिया है।
एजेंसी, गाजियाबाद। गाजियाबाद के बम्हेटा में एक युवक ने अपनी भाभी और 3 माह की भतीजी की हत्या कर दी। इस दौरान तीन साल की बच्ची कमरे में मौजूद थी। उसने चाचा को मां और बहन की हत्या करते देखा, तो कमरे से डरकर बाहर भाग गई।
इस दौरान आरोपी मौके का फायदा उठाकर सूटकेस लेकर फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता के पति ने बताया कि उसको नहीं पता कि छोटे भाई ने पत्नी को क्यों मारा। इधर, पुलिस दुष्कर्म की कोशिश में सफल न होने पर हत्या करने के एंगल से भी मामले को देख रही है।
बिहार के बेगूसराय का है बुरहान
बुरहान बिहार के बेगूसराल के गांव कस्बा का रहने वाला है। वह बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में काम कर परिवार का पेट पाल रहा था। वह यहां आठ साल से बम्हेटा में विमलेश के मकान में किराए से रहा था। उसके साथ पत्नी परवीन (36) और चार बच्चे रह रहे थे। तीन महीने पहले ही वह सबसे छोटी बेटी आफिया का पिता बना था।
15 दिन पहले उसका भाई जीशान रहने के लिए आ गया था। सोमवार की सुबह बुरहान रोज की तरह काम के लिए निकल गया था। दो बच्चे स्कूल गए थे। जीशान, भाभी परवीन, तीन वर्षीय भतीजी अनादिया, तीन माह की भतीजी आफिया के साथ था।
पड़ोसी ने बच्ची को कमरे से निकलते देखा
पड़ोसियों ने बताया कि मामले सुबह करीब 10 बजे का था। कमरे से अनादिया डरकर बाहर निकली थी। वह कुछ बोल नहीं पा रही थी, इसलिए कुछ समझ नहीं आया। इस बीच जीशान सूटकेस हाथ में लेकर बहुत तेज घर से बाहर निकल गया।
हम कुछ समझ पाते तब तक वह फरार हो गया था। बुरहान के कमरे में जाकर देखने पर पता चला कि उसने परवीन व आफिया की हत्या कर दी है। परिवीन बेड पर बेसुध पड़ी हुई थी। उसकी हत्या चुन्नी से गला घोंट कर की थी। उसके ही पास आफिया की भी लाश थी।
चार साल के बाद भाई से मिला था
बुरहान ने बताया कि हम उससे चार से नहीं मिले थे। उसको कतर में काम मिल गया था। चार दिसंबर को उसे वहां निकलना था। उसकी दो बार फ्लाइट कैंसिल हुई थी, इसलिए वह जा नहीं पा रहा था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह ऐसा करेगा। मुझे नहीं पता कि उसने परिवीन और आफिया को क्यों मारा। उसको पकड़कर कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
अनादिया ने बताया- चाचा ने मम्मी को मारा
पुलिस ने तीन साल की बच्ची अनादिया से बात की, तो उसने बताया कि चाचा जीशान ने पहले मम्मी को पटरा मारा था। वह उसके बाद बेड पर गिर पड़ी थीं। मैं यह देखकर बहुत डर गई, इसलिए कमरे से बाहर भाग आई।
आरोपी के पकड़ने के बाद होगा खुलासा
लिपि नगायच, एसीपी वेव सिटी ने बताया कि आरोपी व उसके भाई के बीच किसी तरह के विवाद का न होना सामने आया है। ऐसे में उसने अपनी भाभी व भतीजी को क्यों मारा यह जांच का विषय है। जीशान को पकड़ लेने के बाद पूरा मामला खुलकर सामने आ जाएगा।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।





















