Connect with us

छत्तीसगढ़

नई वायु सेवा : अब एलायंस एयर की फ्लाइट भरेगी जगदलपुर-रायपुर के बीच उड़ान

Published

on

बस्तर संभाग के जगदलपुर-रायपुर विमान सेवा एक बार फिर से शुरू हो सकती है। फ्लाइट शुरू होने से बस्तर एक बार फिर से हवाई मार्ग से राजधानी रायपुर से जुड़ जाएगा।

जगदलपुर: बस्तर संभाग के जगदलपुर-रायपुर विमान सेवा एक बार फिर से शुरू हो सकती है। इस रूट पर इंडिगो की फ्लाइट बंद होने के बाद अब एलायंस एयर अपनी सेवा शुरू करने दिलचस्पी दिखा रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि जल्द ही एलायंस एयर अपनी सेवा शुरू कर देगा। फ्लाइट शुरू होने से बस्तर एक बार फिर से हवाई मार्ग से राजधानी रायपुर से जुड़ जाएगा।

दरअसल, इस रूट पर इंडिगो को केवल 60 प्रतिशत यात्री हवाई मार्ग से जुड़े थे, जिससे कंपनी को घाटा हो रहा था। ऐसे में 28 अक्टूबर से इंडिगो ने इस रूट पर विमान सेवा बंद करने का निर्णय ले लिया था। हालांकि हैदराबाद के लिए विमान सेवा जारी है। वहीं जगदलपुर से जबलपुर, बिलासपुर, दिल्ली के लिए इंडिगो ने अपनी सेवा जारी रखी है। जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट के डायरेक्टर के मुताबिक, एलायंस एयर इस रूट पर फ्लाइट शुरू करने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही सेवा का लाभ लोगों को मिल पाएगा।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र : बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में उठाया भ्रष्टाचार का मुद्दा

अब लोगों को मिलेगा फायदा

उल्लेखनीय है कि, फ्लाइट सप्ताह में 4 दिन सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को चलती थी। हैदराबाद से जगदलपुर और जगदलपुर से रायपुर और फिर रायपुर से जगदलपुर और जगदलपुर से हैदराबाद के लिए चलती थी। वहीं इंडिगो को रायपुर के लिए एवरेज 60 प्रतिशत यात्री ही मिल रहे थे। इंडिगो की सेवा बंद होने से बस्तर के लोगों को इसका सीधा खामियाजा भुगतना पड़ा था। क्योंकि रायपुर तक हवाई सेवा के माध्यम से लोगों को आगे अन्य राज्य जाने में बड़ी आसानी से कनेक्टिंग फ्लाइट मिल जाती थी। ऐसे में लोगों का समय बचता था। फ्लाइट बंद किए जाने के निर्णय से लोगों में काफी नाराजगी भी है। लेकिन अब एलायंस एयर की फ्लाइट शुरू होती है तो इसका सीधा फायदा लोगों को मिलेगा।

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   धमतरी : बिना अनुमति के अधिकारी, कर्मचारी नहीं जा सकेंगे अवकाश पर

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में शिक्षिका के साथ गैंगरेप! सोशल मीडिया में दोस्ती कर बनाया घूमने का प्लान, फिर...

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   IND vs SA 2nd Test Scorecard: मोहम्मद सिराज ने बरपाया कहर… साउथ अफ्रीका सबसे शर्मनाक स्कोर पर

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   शराब के नशे में धुत 2 युवकों ने खा लिया सांप, वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान, अब बिगड़ी तबीयत

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   Bilaspur: आगामी त्यौहारों को लेकर पुलिस अलर्ट, आर्म्स एक्ट के तहत 2 आरोपी गिरफ्तार

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending