देश
मुंबई में भीषण हादसा: बेकाबू बस भीड़ में घुसी, 7 की मौत, 49 घायल, लापरवाही के आरोप में ड्राइवर हिरासत में
Mumbai Bus Accident: मुंबई के कुर्ला में सोमवार (9 दिसंबर) की रात BEST बस भीड़ में घुस गई। बेकाबू बस ने 30 से ज्यादा लोगों को कुचला दिया। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और 49 लोग घायल हो गए।
Mumbai Bus Accident: मुंबई के कुर्ला में सोमवार (9 दिसंबर) की रात एक भयावह हादसा हो गया। पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस BEST की एक बस बेकाबू होने के बाद 30 से ज्यादा लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो गई है और 49 लोग घायल हो गए। हादसा कुर्ला पश्चिम रेलवे स्टेशन रोड पर अंबेडकर नगर इलाके में हुआ।
हादसे वाले दिन पहली बार बस चला रहा था ड्राइवर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस लहराती हुई तेजी से भीड़ को चीरती चली गई। यह बस कुर्ला से अंधेरी जा रही थी और बीएमसी के अंडर में चलती थी। घायलों को तुरंत सायन और कुर्ला भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच बस ड्राइवर की लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि हादसे वाले दिन ड्राइवर पहली बार बस चला रहा था। वह बस को काबू में नहीं रख पाया। लापरवाही के आरोप में ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है।
शिवसेना विधायक ने बताया हादसे का कारण
शिवसेना विधायक दिलीप लांडे ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बस का ब्रेक फेल हो गया था। ड्राइवर ने घबराहट में ब्रेक की जगह एक्सेलरेटर दबा दिया, जिससे बस की रफ्तार काबू से बाहर हो गई। लांडे ने बताया कि बस 30-35 लोगों को रौंदती हुई आगे बढ़ी। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। विधायक ने कहा कि घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई घटना की भयावह कहानी
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी जैद अहमद ने बताया कि मैंने बस को लहराते हुए देखा। यह बस पैदल यात्रियों, ऑटोरिक्शा, और तीन कारों को टक्कर मारती हुई आगे बढ़ी। जैद ने कहा, “मैंने अपनी आंखों के सामने शव देखे और घायलों को बचाने की कोशिश की। हमने ऑटोरिक्शा में सवार यात्रियों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। कई स्थानीय लोगों ने राहत कार्यों में मदद की।” हादसे के बाद इलाके में दहशत फैल गई।
तीन महीने पुरानी थी बस, निजी ऑपरेटर ने उपलब्ध कराई थी
BEST के एक अधिकारी ने बताया कि हादसे का शिकार हुई बस इलेक्ट्रिक थी। इसे ओलेक्ट्रा कंपनी ने बनाया था और बीएमसी ने वेट लीज पर लिया था। बस केवल तीन महीने पुरानी थी और इसे 20 अगस्त को रजिस्टर्ड किया गया था। अधिकारी ने बताया कि इस बस को चलाने वाले ड्राइवर निजी ऑपरेटर द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं। आरटीओ (RTO) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा के उपायों पर उठे सवाल
हादसे के बाद बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) और बीएमसी (BMC) पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक पूरी तरह से अनट्रेंंड ड्राइवर को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बस के स्टीयरिंग पर बैठने की इजाजत दिए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।। इस घटना ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है। सरकार और संबंधित विभागों से तत्काल कदम उठाने की मांग की जा रही है।
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान
रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत
रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
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परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
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भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
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खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।
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