छत्तीसगढ़
CG News: प्रदेश के आखिरी छोर तक पहुंचाई बिजली, अब तेलंगाना से नहीं छत्तीसगढ़ की बिजली से रोशन होंगे 29 गांव
सर्वाधिक नक्सल प्रभावित 29 ग्रामों व 7 सीआरपीएफ कैम्प को अब छत्तीसगढ़ से ही बिजली मिलेगी। तेलंगाना राज्य के पर्णशाला की बिजली के समय उपभोक्ताओं को रही थी परेशानी, अब मिल रही राहत।

जगदलपुर: बस्तर संभाग के अंतर्गत सुकमा जिले के कोंटा विकासखण्ड में किस्टाराम क्षेत्र के 29 ग्रामों एवं 7 सीआरपीएफ कैम्प को तेलंगाना राज्य के पर्णशाला 33, 11 केव्ही उपकेन्द्र से विद्युत सप्लाई प्रदान की जा रही थी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी, कर्मचारी द्वारा धुर नक्सली प्रभावित क्षेत्र में अथक प्रयास कर विद्युत लाइनों का विस्तार कर उक्त ग्रामों का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण कर 33, 11 केव्ही उपकेन्द्र दोरनापाल के जगरगुण्डा फीडर से सप्लाई चालू कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि, तेलंगाना राज्य को विद्युत आपूर्ति के बदले प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपए का भुगतान किया जा रहा था। अब इन ग्रामों और सीआरपीएफ कैम्प को छत्तीगसगढ़ राज्य से बिजली आपूर्ति होने के फलस्वरूप वितरण कंपनी को उक्त राशि की बचत हो सकेगी। उक्त विद्युतीकरण से बीपीएल 1127, घरेलू 8, गैर घरेलू 9, यानि लगभग 1500 उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो रही है। ऐसे गांव के ग्रामीणों ने बताया कि तेलंगाना की बिजली से उपभोक्ताओं को बिजली बंद के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता था पर अब छत्तीसगढ़ से बिजली मिलने से समस्याओं का आसानी से निराकरण हो सकेगा।
पामेड़, मरईगुड़ा को भी प्रदेश से मिलेगी बिजली
वर्तमान में पामेड़ एवं मरईगुड़ा को तेलंगाना से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इसे छत्तीसगढ़ राज्य से विद्युत आपूर्ति करने हेतु नियद नेल्लानार योजनांतर्गत तेज गति से कार्य कराया जा रहा है और मार्च माह तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है।
कार्य को अंजाम दिया
विद्युत कंपनी जगदलपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक सहदेव ठाकुर ने बताया कि, राज्य के दक्षिण-पश्चिम एवं तेलंगाना राज्य के समीपवर्ती लगभग 45 ग्रामों की विद्युत आपूर्ति तेलंगाना राज्य से उनकी व्यवस्था के अनुरूप सप्लाई प्रदाय की जा रही थी। इसके चलते विद्युत उपलब्धता के अनुसार कभी-कभी सिंगल फेजिंग अथवा लोड शेडिंग भी किया जाता है, साथ ही सुरक्षा कैंपों से शिकायतें भी प्राप्त हो रही थी। उक्त के निराकरण करने के लिए छत्तीसगढ स्टेट पावर कंपनीज द्वारा त्वरित गति से कार्रवाई करते हुए उक्त कार्य को अंजाम दिया गया। निकट भविष्य में बीजापुर जिले के पामेड़ एवं सुकमा जिले के मरईगुड़ा के आसपास के ग्रामों की विद्युत आपूर्ति छत्तीसगढ़ स्टेट से की जाएगी।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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