छत्तीसगढ़
कोण्डागांव : दिवगंत शासकीय सेवको को मिली रही है अनुकम्पा

कोण्डागांव| अधोसंरचनाओ के उत्तरोत्तर विकास और राज्य के आवश्यकता अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं के बीच संवेदनशील से क्रियान्वित किया जाने वाला निर्णय एक लोक कल्याणकारी स्वरूप की स्थापना का प्रमुख कारक होता है। राज्य शासन द्वारा असमय काल कवलित होेने वाले शासकीय कर्मचारियों के शोकाकुल परिवारो के आश्रितो को मृत शासकीय सेवक के स्थान पर अनुकम्पा नियुक्ति देने के निर्णय ने शासन के मानवीय दृष्टिकोण की भावना को निश्चय ही सार्थक किया है।
गौरतलब किया है कि शासन द्वारा तृतीय श्रेणी के पदो पर अनुकम्पा नियुक्ति देने हेतु 10 प्रतिशत सीमाबंधन प्रावधानो को शिथिल किया गया है इस निर्णय से ना केवल महामारी में असामयिक दिवगंत होने वाले शासकीय कर्मियों के परिवारो को तत्काल राहत पंहुचाया है बल्कि वर्षो से लंबित अनुकम्पा प्रकरणो के त्वरित निराकरण मे मदद मिली है। कुल मिलाकर भरण-पोषण की दुःशचिन्तता झेल रहे संतप्त परिवार के लिए यह राहत भरा फैसला काफी हद तक उनके दुखो की भरपाई कर सका है।
गृहिणी से नौकरी पेशा बनी महिला कौशल्या
जिले के फरसगांव निवासी कौशिल्या नाग भी उन्ही महिलाओ से है जिन्हे अनुकम्पा नियुक्ति के तहत् शासकीय नौकरी में अवसर दिया गया है। बी.ए. स्नातक प्राप्त कौशल्या बताती है कि शासकीय हाई स्कूल फरसगांव में सहायक शिक्षक वर्ग 2 मे पदस्थ उनके पति प्रभुलाल नाग की इसी वर्ष 12 जनवरी 2021 को एक सड़क दुर्घटना मे मृत्यु हो गई थी। जाहिर है पति का अचानक मृत्यु होना कौशल्या नाग के लिए एक बड़ा आघात था क्योंकि अब स्वयं के साथ-साथ उनके दो बच्चे जिनमें से एक चन्द्रप्रकाश नाग 10वीं और दूसरा खिलेश्वर नाग 8वीं मे अध्ययनरत है उनसबकी जिम्मेदारी उनपर आन पड़ी थी। इस कठोर मानसिक विपदा के बीच शासन के अनुकम्पा नियुक्ति देने के नये प्रावधानो में उन्हे इन मुश्किल क्षणों से उबारा और बीईओ के माध्यम से उन्होने अनुकम्पा नियुक्ति संबंधित आवेदन जिला शिक्षा विभाग कार्यालय में प्रस्तुत किया और त्वरित कार्यवाही के चलते उन्हे तत्काल सहायक ग्रेड 03 के पद पर पीपरा बहीगांव में पद स्थापना मिली।
अपने जीवन को फिर से संवारने के लिए शासन के इस संवेदनशील निर्णय के प्रति आभार जताते हुए उनका कहना है कि पति के न रहने से उनकी कमी तो सदैव खलेगी ही परंतु अनुकम्पा नियुक्ति की बदौलत उनके जीविकोपार्जन एवं बच्चो का भविष्य सुरक्षित हुआ है। वे मानती है कि एक गृहिणी से नौकरी पेशा महिला बनना एक चुनौती तो है और शासन द्वारा दिये गये इस अवसर पर वह इसमें भी पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगी।
यह कहना जरूरी होगा कि शासन की इस पहल ने कौशल्या नाग जैसी अनेक महिलाओं एवं युवाओं को अपने घर के मुखिया के असमय देहावसान के बाद भी नये सिरे से जीवन की शुरूवात करने की आस जगाई है। सामाजिक सरोकार से जुड़े इस पहल को इसलिए भी सराहा जाना चाहिए क्योंकि अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधान एवं नियम इससे पहले के वर्षो में इतने सरल कभी नही थे और तो और अनेक वर्षो से लंबित प्रकरणो के निराकरण की बाट जोहते परिवारों के लिए यह निर्णय एक सुखद संदेश लाया है। कोई आश्चर्य नही कि शासन की इस संवेदनशील निर्णय की सर्वत्र सराहना की जा रही है। ज्ञात हो कि शासन के निर्णय के पश्चात अब तक जिले में शिक्षा विभाग द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के 34 प्रकरणो का निराकरण कर आश्रितो को शासकीय नियुक्तियां दी गई है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















