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छत्तीसगढ़

सीएम की दौड़ से राज्य में हाईजैक मोड पर स्वास्थ्य सेवाएं-बिलासपुर में 200 करोड़ का सर्व सुविधा युक्त अस्पताल आज भी अधूरा : पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल

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लोक सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने की बजाय प्रचार तंत्र के द्वारा ढिंढोरा पीटने वाली सरकार -अमर अग्रवाल

ओलंपिक में उपलब्धियों के लिए खिलाड़ियों को दी बधाई

बिलासपुर| पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहाल हैं, स्वास्थ्य विभाग पिछले ढाई वर्षो में हाईजैक मोड में रहा, सीएम के पद की भागदौड़ के चक्कर में लोकस्वास्थ के संवेदनशील विषयों पर भी सरकार संजीदा दिखाई नहीं देती । कोविद प्रबन्धन का मामला हो या महामारी उन्मूलन के लिए टीकाकरण का अभियान, छत्तीसगढ़ सरकार सतत और गुणवत्तापूर्ण लोक सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने की बजाय प्रचार तंत्र के द्वारा ढिंढोरा पीटने वाली साबित हुई है।केंद्रीय स्वास्थ्य परियोजनाओ के समय पर निष्पादन में छत्तीसगढ़ सरकार नुक्ताचीनी करने का कार्य करती है। खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के परिवार को शामिल कर स्वास्थ्य बीमा योजना चलाई जा रही है,योजना लाभ लोगो को नहो मिल पा रहा है।


अमर अग्रवाल ने बताया क्षेत्र और प्रदेश के लोगों को स्थानीय स्तर पर सस्ते खर्च पर बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा मिल सके इस हेतु उनकी परिकल्पना के आधार पर छत्तीसगढ़ का दूसरा मल्टीस्टोरी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की सौगात केंद्र सरकार के द्वारा बिलासपुर को मिली। 200 करोड़ रुपए की इस परियोजना में 120 करोड़ रुपए केंद्र सरकार ₹80 करोड़ राज्य सरकार द्वारा खर्च किया जाना है। भू माफियाओं से काबिज बिलासपुर शहर में सर्व सुविधा युक्त मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के लिए जमीन का चुनाव का सबसे बड़ी चुनौती थी। अग्रवाल ने कहा इस हेतु उन्होंने एग्रीकल्चर और इंजीनियरिंग कॉलेज की जमीन का सर्वे कराया, कोनी में 50 एकड़ की जमीन का ड़ीमार्केशन कराया, राजस्व विभाग से भू आवंटन कराया, स्थल चयन के साथ ड्राइंग डिजाइन प्रस्ताव भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पारित कराया गया। पांच मंजिल से अधिक निर्माण कार्य के लिए अनुमति कराई गई।प्रथम किश्त जारी होते ही निर्माण कार्य आरंभ हुआ।

केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की राशि तत्काल जारी कर दी। निर्माण एजेंसी को भवन निर्माण एवं उपकरण खरीदी के लिए अलॉट आवंटन हुआ। 11 मंजिलों के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 2020 डेड लाइन रखी गई थी, प्रारंभ में तेजी से कार्य हुआ लेकिन जैसे ही राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी सीएम की दौड़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच सत्ता संघर्ष की स्थिति से विकास कार्य अवरुद्ध हो गया। राज्य सरकार के द्वारा राज्याश भुगतान भी लंबित रखा गया, राज्य सरकार को राज्यांश की राशि चार किस्तों में देनी थी भाजपा सरकार के कार्यकाल में पहली किस्त जारी की गई थी,कालांतर में स्टेट के द्वारा राज्यांश को बिना कारण लंबित रखा गया और महामारी की आड़ में प्रोजेक्ट को एक्सटेंशन देने से परियोजना लागत बढ़ना लाजिमी है। स्वास्थ्य परियोजनाओं का क्रियान्वयन करना राज्य सूची का विषय है बावजूद इसके सर्व सुविधा युक्त अस्पताल की कम खर्च स्वास्थ सेवाएं लोगों को स्थानीय स्तर पर मिल जाये,इस हेतु राज्य सरकार के प्रयासों नाकाफी रहे है।

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अग्रवाल ने कहा उनके कार्यकाल में 2018 कोनी में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की मंजूरी मिलते ही ड्राइंग डिजाइन फाइनल कराकर शासन से हॉस्पिटल के निर्माण के लिए 1 अरब 99 करोड़ रुपए का प्रस्ताव कराया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने निरीक्षण परीक्षण करके प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी, प्रथम किस्त आते ही हॉस्पिटल निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया।2018 से बंन रहे अस्पताल का महज आज तक आधा कार्य ही पूरा हो पाया है।ग्राउंड फ्लोर और मंजिलों के निर्माण का कार्य हो रहा है सिविल वर्क और इंटीरियर डेकोरेशन का कार्य भी शेष है। जिसे 2020 में पूरा हो जाना था ,अगस्त 2021 को दी गई दुसरीं अंतिम समय सीमा के बाद भी कार्य अपूर्ण होने से बिलासपुर और प्रदेश के लोगों को सरकारी दर पर बेहतर इलाज की सुविधा से वंचित किया जा रहा है। निर्माणाधीन सर्व सुविधा युक्त अस्पताल की सेवाएं कब तक शुरू हो पाएगी यह बता पाने में प्रशासन को कोई मालूमात नही है।

अग्रवाल ने बताया कि कोनी के सर्व सुविधा युक्त अस्पताल के लिए 50 एकड़ भूमि में राज्य कैंसर सेंटर, ट्रामा सेंटर बर्न सेंटर, छात्रावास एवं डॉक्टरों के लिए रेसीडेंसी एरिया आदि सुविधाएं होगी। प्रथम चरण में निर्माणाधीन अस्पताल की बहुमंजिला इमारत में प्रथम चरण में 100 आइसीयू समेत 244 बिस्तरों से होगी चिकित्सा सेवा शुरुआत होनी है,500 से ज्यादा चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी,अधिकारी,कर्मी अस्पताल में अपनी सेवा देंगे।

अमर अग्रवाल ने बताया पी एम स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत देश मे घोषित 10 सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सुविधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की बिलासपुर को बहुप्रतिक्षित देन है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन द्वारा घोषित कोनी में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल आरम्भ हो जाने से कम खर्च में बेहतर सुविधा मिलेगी। एक ही परिसर में सब कुछ रहेगा। इसमें से 10 एकड़ में राज्य का पहला कैंसर हास्पिटल का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा 40 एकड़ जमीन पर सुपर स्पेशलिटी व अन्य जरूरी यूनिट रहेंगी।इसके शुरू हो जाने से क्षेत्र के कैंसर पीड़ितों को उपचार के लिए दूसरे शहर व राज्य नहीं जाना पड़ेगा।

कैंसर हास्पिटल में किमोथेरेपी, रेडियो थैरेपी, आंकोलाजी, अंको सर्जरी की चार ब्रांच खोली जाएंगी। यहां अलग-अलग कैंसर से पीड़ितों को भर्ती करके इलाज किया जाएगा।सर्वसुविधायुक्त अस्पताल में हृदय रोग से संबंधित समस्त मेडिसिन व शल्य क्रियाएं (कार्डियोलाजी विभाग व कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी विभाग),किडनी रोग से संबंधित नेफ्रोलाजी विभाग व यूरोलाजी विभाग,न्यूरोलाजी विभाग एवं न्यूरोसर्जरी विभाग की सुविधा होगी। अग्रवाल ने कहा लोकस्वास्थ्य पर नीति नियोजन से ज्यादा क्रियान्वयन के स्तर पर ध्यान दिए जाने की महती आवश्यकता होती है ताकि जीवन उपयोगी सेवाएं नागरिकों को सहज सुलभ हो अतएव लोक स्वास्थ्य उन्नयन हेतु स्वास्थ्य परियोजनाओं और सेवाओं को शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए।स्वस्थ एवं बेहतर छत्तीसगढ़ का निर्माण के लिए स्वास्थ परियोजनाओं का स्वस्थ प्रक्रियागत संचालन हो ,समय पर लोगो चिकित्सा एवं सम्बद्ध सुविधाएं मिल सकें तब कही जाकर स्वस्थ एवं बेहतर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा सके।लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे सरकार द्वारा किए जाते हैं। लेकिन धरातल पर यह सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

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पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत के गोल्डन बाय नीरज चोपड़ा ने 135 करोड़ भारतीयों का दिल जीत लिया है वे आने वाले खिलाड़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे ।श्री अग्रवाल ने कहा मीराबाई चानू और रवि दहिया के रजत तथा बैडमिंटन में पी वी सिंधु बॉक्सर लवीना बोरगोहन, पहलवान बजरंग पूनिया, पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य सहित भारतीय खिलाड़ियों के दल ने कुल सात पदक जीतकर मॉडर्न ओलंपिक 125 वर्षों के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए नए भारत के नए की शुरुआत की है, पूरा देश भारतीय खिलाड़ियों के सफलताओं पर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कुछ वर्षों पहले महज 1 पदक को देशवासी और खेल प्रेमी तरस जाते थे भारत सरकार के संकल्पबद्घ प्रयासों से स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एव अन्य खेल संघो ने मिशन ओलंपिक में पिछले ओलंपिक के पहले दिन से ही कोने कोने में खेल प्रतिभाओं को तराशने एवं उभारने का काम किया। बेहतर सुविधाएं, बेहतर अवसर और उपयुक्त प्रशिक्षण से परिणाम आज सामने है।खेलो के दुनिया के सबसे बड़े मंच ओलंपिक महामारी के बावजूद भारत की टीम में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है समस्त खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

खेल पुरुस्कार का नामकरण मेजर ध्यान चंद को सच्ची श्रद्धांजलि-श्री अग्रवाल ने कहा हॉकी के जादूगर और भारत में खेलों की दुनिया का सबसे नाम मेजर ध्यानचंद के नाम से देश के सबसे बड़े खेल पुरुस्कार का नाम ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किए जाने की घोषणा खेल और खिलाड़ियों को हृदय से समर्थन का परिचायक है और मेजर ध्यानचंद को सच्ची श्रद्धांजलि है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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