छत्तीसगढ़
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय द्वारा ‘कोरोना महामारी के प्रभावी प्रबंधन में प्रशासन की भूमिका और जिम्मेदारियां’ विषय पर आयोजित हुआ वेबिनार, मुख्य अतिथि के रूप में आईएएस अधियारियों ने किया शिरकत

बिलासपुर| आज दिनाँक 12 मई 2021 को अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन वेबिनार का कार्यक्रम का आयोजन “कोविड 19 महामारी के प्रभावी प्रबंधन में प्रशासन की भूमिका और जिम्मेदारियां” विषय में किया गया जिसमें इस कार्यक्रम का स्वागत डॉ एच. एस. होता ने किया ।
इस वर्चुअल वेबिनार के मुख्य अतिथि सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी,(आईएएस, रिटायर्ड) ने इस कोरोना वैश्विक महामारी के बारे में बताया कि सभी को मानवता में ध्यान देना पड़ेगा इसमें उन्होंने बताया कि जितना विकास होगा उतना विनाश भी होगा विकास और विनाश दो ऐसे शब्द हैं जो बहुत घातक है और हम समाज सरकार को दोष देते हैं यह गलत है कोरोना लेकर आई है यह बहुत बड़ा भ्रम और हम सभी समाज की भी ज़िम्मेदारी बनती हैं इसलिए हमेशा हमें प्रकृति के साथ तालमेल बनाए रखना चाहिए जिससे हम सभी सुरक्षित होंगे।
उन्होंने देश की शिक्षा में ज़ोर देते हुए कहा की धर्म की ज्ञान ,मोक्ष ,संस्कार की शिक्षा में ध्यान देना चाहिए तभी हमारे आने वाले कल के बच्चें अच्छे निकलेंगे और उन्होंने बेटी-बचाओं,बेटी-पढाओं में भी जोर दिया बेटी बचाएंगे तभी बहु हर घर में लाएंगे इसीलिए स्त्रीयों को हमेशा सम्मान देना चाहिये उन्होंने इस कोविड वैश्विक माहमारी में ऑक्सीजन, रेमडेशिविर और अन्य दवाइयों में कालाबाजारी ,औऱ समाज के सक्षम लोग से मुक्त की इलाज ,और अनाज को ना लेकर मानवता को ध्यान में रखते हुए हम सभी युवावर्गो को गरीबों को मदद के लिय सामने आना चाहिए और मानवता की हमेशा विजयी होती आयी है ।
इसी विषय में हमारे विशिष्ट अतिथि श्री संजय कुमार (आईपीएस, रिटायर्ड) ने कोविड 19 वैश्विक महामारी से निपटने का अपना सुझाव एवं अनुभव साझा किए जिसमें बताया गया की इस कोरोना के दूसरी लहर में हमे संसाधनों ,इंफ्रास्ट्रक्चर ,हॉस्पिटल की ओर आकर्षित कर रहा है इसीलिए हमारे भारत के सभी ग्राम पंचायत के प्रधान ,ब्लॉक स्तरीय ,जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय,और केंद्र स्तरीय सभी स्तरीय के अधिकारीगण, कर्मचारीगण लगे इस महामारी के व्ययस्था में हुए हैं और सहयोग दे रहे हैं।
इस महामारी में फ्रंट लाइन्स कर्मचारियों जैसे नर्स,डॉक्टर, पुलिस प्रशासन ,सभी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है यही लोग हमारे आज के “कोरोना वारियर्स” है और हम सभी समाज की इनका साथ देना चाहिए जिससे हम इस महामारी से जल्दी मुक्त होंगे ।
इस वर्चुअल वेबिनार कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि फ़ैज़ अहमद किदवाई (आईएएस)मप्र शासन ने जो मध्यप्रदेश के राजधानी भोपाल में इस कोविड19 महामारी का प्रभारी बनाया गया उन्होंने इस कार्यक्रम में कोरोना वैक्सीन लगवाने में ज़ोर दिया उन्होंने बताया कि आज विश्व के हर कोने कोने में कोरोना पहुँच चुका है जिससे हम सभी को बचने के लिए कोरोना वैक्सीन अवश्य लगवाना चाहिय|
क्योंकि यह हमारी सुरक्षा कवच है जिसे भी कोरोना हो जाए उनका दोनों डोज़ पहले लग चुका हो वो जल्दी ठीक हो रहे हैं कोरोना उनको शरीर में को नुकशान नहीं पहुँचा पा रहा है और आजकल गाँव के अंदर भी इतना फैल चुका है लेकिन गाँव के लोग आज भी एवं शहर के कुछ लोगों में जागरूकता में कमी है इस कोरोना महामारी के लक्षण को विश्वास ना करते हुए सामान्य बुखार की दवा लेते हैं जिसमें वे अपना बीमारी को बहुत फैला चुके होते इलाज की समय सीमा ख़त्म हो चुकी होती है जिससे मरीज़ की मौत हो जाती है|
गलत भ्रम में ना रहे अगर बुखार ,खाँसी ,सर्दी ,सर दर्द हो कोरोना मानकर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेकर या स्वास्थ्य विभाग से जारी गाइडलाइन्स की दवा जैसे पेरासिटामोल, अज़ीट्रोमैसिन्स, इवेरमैटिन,मलटीविटामिन ,विटामीन सी,जिंक,की दवा लेके घर में इलाज करे जिससे जल्दी ठीक होंगे इलाज लेने में देर ना करने की सलाह दिए । और हमारे इस वर्चुअल कार्यक्रम में जुड़े सभी लोगों को वैक्सीन अवश्य लगवाने की ज़ोर दिए और सभी लोगों से कहा गया समाज के सभी को वैक्सीन अवश्य लगवाने की जागरूक करने रॉय दिए ।
इस पूरे वर्चुअल कार्यक्रम के अध्य्क्षता अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.ए. डी.एन वाजपेयी ने किये उन्होंने इस कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े सभी का स्वागत आभारव्यक्त किये और एक छोटा सा संदेश दिए कि हमें इस कोरोना वैश्विक महामारी में मानवता को ध्यान में रखते हुए समाज के हर वर्गों को सामने आना चाहिए| ।जिससे मानवता की जीत और कोरोना का हार होगा, पूरे कार्यक्रम का वर्चुअल संचालन प्रो.सीमा बेलोलकर द्वारा किए गए इस कार्यक्रम के संयोजक अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ सुधीर शर्मा, सह संयोजक प्रो.सौमित्र तिवारी , प्रो.श्रिया साहू ,टेक्निकल सपोर्ट प्रो जितेंद्र गुप्ता एवं समस्त प्राध्यापकगण ,विद्यर्थियों अन्य सभी वर्ग के लोग उपस्थित रहे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है
















