Connect with us

छत्तीसगढ़

बिलासपुर में अधूरे निर्माण कार्य को पूरा होने तरसता प्रगति मैदान प्रोजेक्ट – अमर अग्रवाल

Published

on


शासन की दो बड़ी निर्माण एजेंसियों को कार्य आवंटित होने बाद भी राज्य सरकार की बेरुखी से अधूरी पड़ी है विकास परियोजनाएं… अमर अग्रवाल

पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने जारी प्रेस रिलीज अंतर्गत साइंस कॉलेज मैदान बिलासपुर में विगत चार वर्षों से निर्माणाधीन सार्वजनिक सभा स्थल एवं ऑडिटोरियम कार्य हेतु दो -दो निर्माण एजेंसियों को आबंटन होने के बावजूद आधा अधूरा है और समयसीमा के दो वर्षों के बाद भी सुविधाएं बहाल नही होना जनहित के साथ खिलवाड़ है। अमर अग्रवाल का मानना है कि आधुनिक शहरी जीवन यापन शैली के नित नए आयाम के बीच बढ़ती आबादी और कम होती जमीने शहर के व्यवस्थित विकास के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। सुव्यवस्थित शहरी नियोजन के दृष्टिकोण से शहर के लोगों को सभा सम्मेलन,खेलकूद एवं सामाजिक, सांस्कृतिक आयोजन, राजनीतिक कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन हेतु सीपत रोड साइंस कॉलेज मैदान में 25 एकड़ के मैदान में दिल्ली के प्रगति विहार की तर्ज पर ऑडिटोरियम सहित हेलीपेड,सुव्यवस्थित पार्किंग और मनोरंजन के सुविधा केंद्रों के साथ विकसित किये जाने की योजना को उनके द्वारा ही प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री रहते हुए शुरू कराया गया, जिसके पीछे मूल मंशा थी कि शहर के अंदर होने वाले कार्यक्रमों के कारण जाम से निजात मिले।शहर की पुरानी बसाहट को देखते हुए बड़े कार्यक्रमों के आयोजन के कारण होने वाली भीड़भाड़ से पृथक सुविधाजनक आयोजन केंद्र हो,शहरवासियों जरूरत के मुताबिक शहर के निकटस्थ बड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मल्टी सुविधा वाला केंद्र विकसित हो जाए जिसका लाभ रहवासियों को मिल सके। इस हेतु साइंस कॉलेज के मैदान में प्रस्तावित सभास्थल के लिए नगर निगम द्वारा अधोसरंचना मद से केंद्रीय मंच, बाउंड्रीवाल, मेन रोड से डामरीकरण वाली सड़क आदि का निर्माण कराया गया। प्रोजेक्ट को विस्तार करते हुए बड़े आयोजनों व समारोह के लिए शहर के साइंस कॉलेज मैदान को प्रगति मैदान की तर्ज पर विकसित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया। राज्य सरकार द्वारा 22 एकड़ के इस मैदान को संवारने के लिए 10 करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान किया गया। नगर निगम को निर्माण एजेंसी बनाया गया, निगम प्रशासन द्वारा जारी कवायद अंतर्गत मैदान समतलीकरण के साथ, परिसर में प्रशासनिक भवन, हेलीपेड और वाहन पार्किंग समेत सारी सुविधाएं जुटाई जानी है।

♾️सभास्थल और मैदान-
परिसर में 8 एकड़ के इनर रिंग में बडी सभाओ और चारो ओर मैदान को विकसित करने का कार्य धमतरी के मैसर्स अशोक खंडेलवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया । इस काम को पूरा करने के लिए कंपनी को एक साल की मोहलत मिली।

परिसर में प्रवेश गेट के दाई तरफ मेगा पार्किंग स्थल का निर्माण कराया कराया गया है।दूसरे छोर पर हैलीपेड,बायीं ओर वृहद सभागृह,अलग अलग खेलो के लिये कोर्ट और एरिना बनाये जा रहे है।

♾️सर्व सुविधा युक्त मैदान-साइंस कॉलेज मैदान में
लागत- ₹10 करोड़ 28 लाख
क्षमता- 50,000 दर्शक
कुल एरिया – 25 एकड़
केंद्रीय मैदान – 8एकड़
इनर रिंग- जॉगिंग/ वाकिंग पाथवे
आउटर रिंग- चौड़ी चौड़ी सड़कें एलईडी एवं सोलर लाइट के साथ।
पार्किंग – प्रवेश द्वार से दाई ओर
-400 कारे एव दुपहिया वाहन 2000 पार्किंग क्षमता।
-परिसर में 12मी,7.5 मी.7 मी चौड़ी सड़के।
-प्रवेश गेट के दुसरीं तरफ हैलीपेड/ वीआईपी पाथ वे/कबड्डी/ बास्केटबॉल/ बालीबाल का मैदान/ सोलर सह विद्युत लाइन की व्यवस्था

यह भी पढ़ें   भिलाई-3 में CM भूपेश बघेल ने कार्यकर्ताओं और आमजनों के साथ खेली होली

-स्टेटस- अधूरा ,रखरखाव के अभाव से मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है, सतही कार्य.

हेलीपेड और वीआईपी ट्रैक भी होगा : किसी सभा समारोह के दौरान वीआईपी को आवागमन में दिक्कत न हो इसका भी पूरा ख्याल रखा गया है। इसी के मद्देनजर परिसर में ही दूसरे छोर पर हेलीेपेड और वीआईपी ट्रैक के निर्माण कराया गया है।

श्री अग्रवाल ने बताया कि कालांतर में राज्य सरकार ने साइंस कॉलेज परिसर में 750 सीटाें की क्षमता के शहर का सबसे बड़ा साउंडप्रूफ ऑडिटोरियम को स्वीकृति दी गई। सीटों की क्षमता के लिहाज से यह संभाग का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम होगा। इसका जिम्मा लोक निर्माण विभाग को दिया गया है। साइंस कॉलेज मैदान परिसर में गेस्ट हाउस, प्रशासनिक भवन, आरसीसी नाले-नालियां, वाटर सप्लाई लाइन, सीवर लाइन, टायलेट ब्लाक, वाकिंग ट्रैक, बास्केटबाल और व्हालीबॉल ग्राउंड, प्रवेश द्वार, कबड्डी कोर्ट का निर्माण कराया प्रस्तावित है। कॉलेज के मैदान में निर्माणाधीन इस ऑडिटोरियम के बनने के बाद इसका उपयोग प्रदर्शनी, सभा व समारोहों के लिए किया जा सकेगा।

आडिटोरियम निर्माण– सर्वसुविधा युक्त बिजली कार्य सहित
एजेंसी – पीडब्ल्यूडी
अवधि- 15 माह
कार्यादेश -2017-18
ठेका-विकास कंस्ट्रक्शन सरजू बगीचा बिलासपुर
प्राकल्लन -11.46 करोड़
तकनीकी व प्रशा स्वीकृति- 13.44 करोड़

स्थिति – अधुरा, ग्राउंड लेवल पर ढांचा खड़ा करने का कार्य,70 % कार्य शेष।

लोक निर्माण विभाग इकाई क्रमांक दो के द्वारा
ऑडिटोरियम निर्माण का कार्य 15 माह में पूरा करने हेतु दो हजार सत्रह अट्ठारह में विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड वर्क आर्डर जारी किया गया। अनुमानित व्यय 11.46 करोड़ के विरुद्ध 13. 43 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति दी गई। इस कार्य को 2019 तक पूरा होना था बावजूद इसके आज अगस्त 2021 में सिविल वर्क मात्र 30% -40 % हो पाया है।ऑडिटोरियम निर्माण के लिए ग्राऊंड लेवल सरचना का ढांचा चार सालो में खड़ा हो सका है।
श्री अग्रवाल ने कहा अधोसंरचना विकास के लिए शासन की दो बड़ी एजेंसी पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को अलग-अलग कार्य आवंटित किया गया ताकि कार्य शीघ्रता से संपन्न हो कितुं दोनों विभागों की सुस्त चाल और समन्वय के अभाव से बिलासपुर की जनता के लिए बड़े कार्यक्रमों के आयोजन हेतु साइंस कॉलेज मैदान में प्रगति विहार की सेवा पूर्ण होने की बजाय दिनोंदिन अवनति की ओर है। रखरखाव के अभाव में मैदानी इलाके में मुख्य मंच की स्थिति पुराने निर्माण कार्य की जैसी दिख रही है। मैदान में चार चार फीट की खरपतवार और घासे उग आई हैं।समतलीकरण के कार्य को बेहद सतही तौर पर निपटाया गया है।सीएमपीडी- आई कॉलोनी की ओर लगभग 4000 स्क्वायर फीट पर चार हेलीपैड बना दिए हैं, हैंडओवर नहीं होने से इनका इस्तेमाल योग स्थल, बॉक्सिंग रिंग,कराटे प्रशिक्षण में हो रहा है। इसके चारों ओर 6 से 8 फ़ीट की कांटेदार झाड़ियां, लंबी लंबी घासे, खरपतवार उगी हुई है।परिसर के दूसरी ओर मेगा पार्किंग को बच्चो ने खेल मैदान बना लिया है। केंद्रीय मैदान के चारो ओर आउटर रिंग में 30- 30 फ़ीट की चौड़ी सड़को में बिना लोकार्पण के सैकड़ो लोगो ने वाकिंग जॉगिंग शुरू कर दिया है। अधूरे निर्माण कार्य के साथ रखरखाव और सुरक्षात्मक इंतजाम के अभाव में क्षेत्र के लोगों को बहु प्रतिक्षित सौगात नही मिल पा रही है,उल्टे निर्माणाधीन परिसर के खुले उपयोग से मेंटेनेंस की समस्या उत्पन्न हो रही है।देर शाम के बाद परिसर में अवांछित तत्वों का डेरा भी लगे रहता हैं। प्रवेश गेट के बाएं छोर पर वॉलीबॉल, कबड्डी बास्केटबॉल के मैदान अधूरे है। परिसर में चारों तरफ सघन वृक्षारोपण की नितांत आवश्यकता है,जिसमे छाया प्रदान करने वाले, जल्दी बढ़ने वाले, फ्लावरिंग और शो प्लांट्स लगाया जाना चाहिए ताकि उस वृहद परिसर में स्वच्छ प्राणवायु के साथ हरियाली का वातावरण भी दिखाई दे। श्री अग्रवाल का कहना है वास्तव में जिस प्रतिबद्धता के साथ बिलासपुर के समग्र विकास का कार्य आरंभ किया गया था, कांग्रेस की सरकार और स्थानीय इकाई ने हमेशा विकास कार्यो में बाधा डालने की कोशिश की है। तथापि कतिपय कार्य जो शेष रह गए उन कार्यों को पूरा किए बिना पूर्ण विकसित बिलासपुर की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा नगर से महानगर की ओर बढ़ते शहर के स्वरूप को रहवासियों ने देखा लेकिन उसे हकीकत में बदलना और सुशासन के मायनों में समग्र विकास की तस्वीर को वास्तविक आकार देने में कांग्रेस की सरकार पिछड़ गई है, दूरगामी सोच के अभाव के कारण जनता को मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।कभी चुनाव और कभी कोरोना या अन्य बातों के चलते अधिकतर विकास परियोजनाएं एवं कार्य तय वक्त से पिछड़ते जा रहे है। साइंस कालेज मैदान से मौके की तस्वीर बताती है आज भी कार्य पूर्ण होने काफी समय लगेगा। श्री अग्रवाल ने कहा किसी भी जनप्रतिनिधि की तरह शहर के विकास के लिए तात्कालिक और दीर्घकालिक लक्ष्य तय किए गए जिससे शहर की सामाजिक आर्थिक प्रगति हो, व्यवस्थित नगर नियोजन के साथ औद्योगिकरण, स्वस्थ परिवेश के साथ अन्य सुविधाएं लोगों को मिल सके ।स्मार्ट सिटी बनाने और स्वच्छता के लिए सफल प्रयास हुए, हम कई शहरों के मुकाबले बेहतर हैं लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय एजेंसियों की अरुचि से पूर्व के शेष कार्य भी लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा दलगत राजनीति से परे हटकर नागरिक सुविधाओं की सतत बहाली के लिए प्रयास होने एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करके लोगों को बहुप्रतीक्षित सौगाते मिलनी चाहियें।
=====

यह भी पढ़ें   प्रधानमंत्री के प्रवास की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

दिवंगत भाजपा नेता कल्याण सिंह को दी श्रद्धांजलि– उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान के राज्यपाल रहे वरिष्ठ भाजपा नेता कल्याण सिंह के निधन पर पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने शोक संवेदना अर्पित करते हुए कहा कि दिवगंत नेता श्री कल्याण सिंह भारतीय राजनीति के पुरोधा,श्रेष्ठ प्रशासक, प्रेरणा दायी संगठक रहे है।आदरणीय कल्याण सिंह जी का निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है, दिवंगत नेता के श्री चरणों में शत शत नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

खरखरा डैम में युवक डूबा, घंटों की तलाश के बाद भी नहीं मिला शव

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां डौंडीलोहारा स्थित खरखरा डैम में एक युवक डूब गया। बताया जा रहा है कि युवक का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है।

Published

on

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां डौंडीलोहारा स्थित खरखरा डैम में एक युवक डूब गया। बताया जा रहा है कि युवक का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है।

मिली जानकारी के अनुसार, युवक अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए खरखरा डैम गया हुआ था। इसी दौरान दोपहर लगभग 3 से 4 बजे के बीच वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और बचाव दल पहुंच गया। टीम द्वारा डैम में लगातार खोजबीन की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।

यह भी पढ़ें   CG: सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, शादी का झांसा देकर आरोपी ने किया दुष्कर्म

डूबने वाले युवक की पहचान प्रवीण ठाकुर (उम्र लगभग 27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो तुलसीपुर क्षेत्र में मस्जिद के सामने का निवासी बताया जा रहा है।

फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू टीम द्वारा युवक की तलाश जारी है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

Bilaspur High Court Verdict : ‘सहमति से संबंध बनाना रेप नहीं’.. इस मामले में हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, ट्रायल कोर्ट के फैसले को माना सही                           

Bilaspur High Court Verdict: हाईकोर्ट में रेप के आरोपी को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ अपील पेश करने की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर याचिका लगाई गई थी। कोर्ट ने आदेश में कहा कि एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता।

Published

on

Bilaspur High Court Verdict: हाईकोर्ट में रेप के आरोपी को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ अपील पेश करने की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर याचिका लगाई गई थी। कोर्ट ने आदेश में कहा कि एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता। इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही ठहराया है।

शादी के बहाने बनाए संबंध

दरअसल, Bemetara जिला निवासी रेप पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट से आरोपी के बरी होने के खिलाफ अपील प्रस्तुत करने की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इसमें कहा गया कि वह एक एग्रीकल्चरल कॉलेज में मजदूरी करने जाती थी। वहां गांव के दूसरे लोग भी काम करने जाते थे। गांव का एक व्यक्ति, यानी आरोपी भी वहां काम के लिए जाता था। 19 जून 2022 को आरोपी ने उससे बात करना शुरू किया और कहा कि वह उससे शादी करेगा, उसे रानी की तरह रखेगा, और शादी का वादा करके उसे बहलाया। याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी ने उसे बार-बार शादी का वादा करके फुसलाया और उससे फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा।

यह भी पढ़ें   Health Tips: आंखों की रोशनी बढ़ाने में बेहद फायदेमंद हैं योगासन

पहले से शादीशुदा थी महिला

25 जुलाई 2022 को सुबह करीब 4:00 बजे, जब शिकायतकर्ता शौच के लिए जा रही थी, तो आरोपी उससे मिला और फिर कहा कि वह उससे शादी करेगा तथा फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने उसकी बातों को नजरअंदाज किया और आगे बढ़ी, लेकिन उसी समय लाइट चली गई और आरोपी उसे अपने घर ले गया एवं संबंध बनाए। जब आरोपी ने संबंध बनाए, तब वह तीन माह की गर्भवती थी। लोकलाज के भय से उसने घटना के संबंध में किसी को नहीं बताया। बाद में पति के पूछने पर घटना की जानकारी दी, इसके बाद मामले की रिपोर्ट लिखाई गई।

मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी दोषमुक्त

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया। ट्रायल कोर्ट ने गवाहों एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषमुक्त किया। इसके खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई उपरांत अपने आदेश में कहा कि गवाहों के बयानों को देखने से यह साफ है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह स्पष्ट तौर पर साबित हो सके कि आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने या चोट पहुंचाने का डर दिखाकर उसकी सहमति ली थी। इस केस में ऐसा कोई सबूत भी नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि पीड़िता ने अपनी सहमति इसलिए दी क्योंकि उसे लगता था कि वह कानूनी तौर पर शादीशुदा है।

यह भी पढ़ें   सहायक शिक्षकों का नहीं होगा प्रमोशन

सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं

इसके उलट, पीड़िता पहले से ही किसी दूसरे व्यक्ति से शादीशुदा थी और गर्भवती भी थी। इस केस में यह भी साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि पीड़िता की उम्र 18 साल से कम थी। इसके अलावा, यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि पीड़िता अपनी सहमति व्यक्त नहीं कर पाई थी। पीड़िता के कोर्ट में दिए गए बयानों को देखने से यह साफ है कि आरोपी ने सहमति से पीड़िता के साथ फिजिकल रिलेशन बनाए थे। एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता। इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

Khelo India Tribal Games 2026 : छत्तीसगढ़ में नेशनल रेसलिंग का आगाज़! 144 रेसलर्स, 4 दिन और कड़ा मुकाबला, जानें कब और कहाँ देख सकेंगे लाइव

अंबिकापुर में 28 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की कुश्ती स्पर्धा शुरू होगी, जिसमें देशभर के 144 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। आयोजन का लाइव प्रसारण DD Sports पर किया जाएगा।

Published

on

रायपुर : Khelo India Tribal Games 2026 देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की कुश्ती स्पर्धा का मेजबानी कर रहा है। सरगुजा जिले का हृदय स्थल अम्बिकापुर एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 28 मार्च से कुश्ती (रेसलिंग) स्पर्धा का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है, जिसमें पुरुष और महिला वर्ग में कुश्ती के रोमांचक मुकाबले होंगे।। स्थानीय गांधी स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय समागम में देश के अलग-अलग राज्यों के जनजातीय खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा और शारीरिक कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सुदूर वनांचलों में छिपी जनजातीय खेल प्रतिभाओं को मंच देना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। अंबिकापुर में होने वाले मुकाबले स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे और उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।

Ambikapur Wrestling Competition देशभर की प्रतिभाओं का जुटेगा महाकुंभ

इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, झारखंड, असम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, गुजरात, ओडिशा, मिजोरम, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मेजबान छत्तीसगढ़ सहित कुल 144 रेसलर्स (पुरुष एवं महिला) हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन जनजातीय युवाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दिशा में एक स्वर्णिम अवसर प्रदान करेगा। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यहां 28 से 31 मार्च तक पुरुष और महिला वर्ग में कुश्ती के रोमांचक मुकाबले होंगे.

यह भी पढ़ें   Health Tips: आंखों की रोशनी बढ़ाने में बेहद फायदेमंद हैं योगासन

DD Sports Live Wrestling चार दिवसीय रोमांच- तीन चरणों में होंगे मुकाबले

28 मार्च से शुरू होकर 31 मार्च तक चलने वाले इन मुकाबलों को प्रतिदिन तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए सुगमता बनी रहे, प्रथम चरण प्रातः 8 बजे से 9 बजे तक, द्वितीय चरण प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक, तृतीय चरण सायं 4 बजे से खेल समाप्ति तक आयेाजित किए जाएंगे। अंबिकापुर में होने वाले मुकाबले स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे और उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।

डी डी स्पोर्ट्स पर लाइव प्रसारण

इस भव्य आयोजन को भारत के जनजातीय खेल, छत्तीसगढ़ मा सुंदर मेल की प्रेरणादायी टैगलाइन के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। खेल प्रेमियों के उत्साह को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। गौरव की बात यह है कि इस आयोजन का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स और प्रसार भारती पर किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के दर्शक सरगुजा की धरती पर हो रहे इस महाकुंभ को लाइव देख सकेंगे।

यह भी पढ़ें   प्रधानमंत्री के प्रवास की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

तैयारियां पूर्ण, खिलाड़ियों का स्वागत खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। सरगुजा अब अपनी पारंपरिक संस्कृति के साथ-साथ देश को नई खेल ऊर्जा देने के लिए तैयार है। देशभर से आने वाले खिलाड़ी और अधिकारी छत्तीसगढ़ की ‘अतिथि देवो भव’ परंपरा का अनुभव कर सकें।

सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

प्रश्न 1: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की कुश्ती स्पर्धा कहां होगी?

उत्तर: अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित होगी।

प्रश्न 2: कितने खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं?

उत्तर: देशभर से 144 पुरुष और महिला खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

प्रश्न 3: मुकाबले कहां देखे जा सकते हैं?

उत्तर: DD Sports और Prasar Bharati पर लाइव प्रसारण होगा।

 

 

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending