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छत्तीसगढ़

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 लाख रूपए मूल्य का प्रतिबंधित पेंगोलिन स्केल्स बरामद

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रायपुर| वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार विभाग द्वारा राज्य में वन अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान लगातार    जारी है। इस तारतम्य में प्रधान मुख्य संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) पी.व्ही. नरसिंह राव के मार्गदर्शन में वन मण्डलाधिकारी बिलासपुर कुमार निशांत के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा गत दिवस 8 सितम्बर को 2 लाख रूपए मूल्य के प्रतिबंधित पेंगोलिन स्केल्स की जप्ती की गई। इसमें संलिप्त झारखण्ड निवासी दो आरोपियों को जेल दाखिला कराया गया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एक वयस्क पेंगोलिन की कीमत 10 लाख रूपए तक है।

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वन मण्डल बिलासपुर की टीम द्वारा गत दिवस 8 सितम्बर को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर अपराधी को तिफरा बस स्टेण्ड से बस से उतरने के बाद वन विभाग की टीम द्वारा रंगे हाथों पकड़ा गया। वन विभाग द्वारा दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर विवेचना में लिया गया है। दोनो अपराधी झारखण्ड राज्य के है। वन विभाग को पिछले कुछ दिनों से लगातार यह सूचना प्राप्त हो रही थी कि बिलासपुर में पेंगोलिन के स्केल्स की डिलीवरी होनी है। वन विभाग द्वारा विगत एक माह से दो टीमों का गठन कर अपराधियों से संपर्क किया गया।

गठित टीम में से एक टीम सूचनाएं संग्रहित कर रही थी एवं एक टीम कार्यवाही के लिये तैयार थी। जैसे ही आज डील फाइनल हुई। उसके पश्चात आरोपियों के खिलाफ तत्परता से सफलतापूर्वक कार्यवाही को अंजाम दिया गया। दोनों ही अपराधियों पर वन प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत प्रकरण तैयार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय बिलासपुर में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये आरोपियों को 14 दिनों के रिमाण्ड पर न्यायिक हिरासत लेकर जेल दाखिल किया गया।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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