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छत्तीसगढ़ : सरकारी अस्पताल में चार नवजातों की मौत

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रायपुर, 17 अक्टूबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में गत दो दिनों में चार नवजात बच्चों की मौत हो गई है जिसके बाद राज्य सरकार ने अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है।

हालांकि, अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि इन मौतों में ‘‘कुछ भी असामान्य’’ नहीं है क्योंकि इन नवजातों की मौत जन्म संबंधी जटिलताओं की वजह से हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि राजधानी रायपुर से करीब 300 किलोमीटर दूर सरगुजा जिले के मुख्यालय अंबिकापुर स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्पताल (जीएमसीएच) में ये मौतें हुई हैं।

जीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया, ‘‘एक नवजात की मौत 15 अक्टूबर की देर रात हुई जबकि तीन अन्य नवजातों की मौत अगली सुबह हुई। सभी मृत नवजातों की उम्र चार से 28 दिन के बीच थी। इन चारों नवजातों को जन्म के बाद दूसरे अस्पतालों से रेफर किया गया था।’’

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उन्होंने बताया कि एक नवजात की मौत बाल चिकित्सा वार्ड में हुई जबकि तीन बच्चों की मौत विशेष नवजात देखरेख इकाई (एसएनसीयू) में हुई।

डॉ. सिंह ने बताया कि इन मौतों में कुछ भी असामान्य नहीं है। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘दो नवजातों को सांस लेने की समस्या थी जबकि अन्य का वजन कम था।’’

अस्पताल के एक अन्य डॉक्टर ने बताया कि एक मृत नवजात के माता-पिता ने कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा हंगामा किया और बाद में अन्य मृत नवजातों के परिजन भी हंगामे में शामिल हो गए।

नवजातों की मौत की जानकारी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के शहरी प्रशासन एवं विकास मंत्री शिवकुमार दहरिया अधिकारियों से बैठक के लिए अंबिकापुर रवाना हो गए। वह सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं।

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यहां जारी विज्ञप्ति के मुताबिक दिल्ली दौरे पर गए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव अपना दौरा बीच में ही छोड़कर वापस लौट रहे हैं।

जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर दहरिया अंबिकापुर के लिए रवाना हो गए हैं जहां पर उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अस्पताल के अधीक्षक के साथ आपात बैठक बुलाई है।’’

विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने रायपुर और बिलासपुर से विशेष स्वास्थ्य टीम अंबिकापुर भेजने के निर्देश दिए हैं।

भाषा धीरज नीरज

नीरज

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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