छत्तीसगढ़
प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से बिलासपुर जिला खनिज न्यास की शासी परिषद की ली बैठक, दिए 12 करोड़ 21 लाख के 113 कार्याें की स्वीकृति

बिलासपुर । जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफटी) की शासी परिषद की बैठक में बिलासपुर जिले के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष खनन प्रभावित गांवों में 12 करोड़ 21 लाख रूपए के 113 कार्याें की स्वीकृति दी गई। बैठक की अध्यक्षता गृह, जेल, लोक निर्माण विभाग एवं जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने वीडियो काॅन्फ्रंेसिंग के माध्यम से की।

वर्चुअल बैठक में विधान सभा बिल्हा, मस्तूरी, कोटा, तखतपुर एवं बेलतरा में स्थित 5 स्कूलों को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल योजना के तहत उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए 4 करोड़ 74 लाख रूपए की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान योजना के तहत जिले के कुपोषित बच्चों के लिए अतिरिक्त आहार हेतु 1 करोड़ 9 लाख 64 हजार रूपए स्वीकृति हेतु अनुमोदन किया गया।
प्रभारी मंत्री साहू ने कहा कि विशेषज्ञों के द्वारा कोरोना की तीसरी लहर आने की भी आशंका जताई जा रही है। इससे निपटने के लिए ठोस रणनीति बनाते हुए आवश्यक तैयारी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि यह संभावना जताई जा रही है कि तीसरी लहर में बच्चे अधिक प्रभावित होंगे। इसके मद्देनजर सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों के लिए अलग से वार्ड बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिले के खनन प्रभावित गांवों में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी तालमेल के साथ क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करें। जनप्रतिनिधियों को निर्माण कार्याें की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर ने डीएमएफ की गाईडलाइन के अनुसार अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में कुल व्यय राशि का 60 प्रतिशत एवं प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र में 40 प्रतिशत व्यय करने हेतु प्रस्ताव अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया। बैठक में विधायकों एवं जिला पंचायत अध्यक्ष से प्राप्त कुल 5 करोड़ 62 लाख 5 हजार की कार्ययोजना, उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम के रूप में 5 विद्यालयों को विकसित करने के लिए 4 करोड़ 74 लाख रूपए, अंग्रेजी मीडियम स्कूल योजना के तहत मंगला, लाला लाजपत राय एवं तारबाहर में उन्नयन कार्य के लिए 75 लाख एवं मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत 1 करोड़ 9 लाख 64 हजार इस प्रकार कुल 12 करोड़ 21 लाख राशि की कार्ययोजना का प्रस्ताव शासी समिति के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा गया।
इसमें उच्च प्राथमिकता के क्षेत्र में 7 करोड़ 61 लाख 66 हजार एवं अन्य प्राथमिकता के क्षेत्र में 4 करोड़ 59 लाख 40 हजार रूपए की राशि शामिल है। बैठक में उपिस्थत सदस्यों ने अपने क्षेत्रों से संबंधित कई अन्य कार्याें की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। शासी समिति के सदस्य संसदीय सचिव एवं तखतपुर विधायक रश्मि सिंह, बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय, मस्तूरी विधायक डाॅ. कृष्णमूर्ति बांधी एवं बेलतरा विधायक रजनीश सिंह ने अपने अपने क्षेत्रों के प्रस्ताव रखें एवं सुझाव भी वर्चुअली उपस्थित होकर दिया।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हैरिस एस., एडीएम नुपूर राशि पन्ना सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। अशासकीय सदस्य प्रमोद नायक भी वर्चुअली बैठक में मौजूद थे।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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